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जिम्मेदार ही कर रहे नियमों का बंटाधार
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:34 PM IST
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पुलिस और यातायात विभाग के लोगों पर बिना हेलमेट के बाइक चलाने वाले लोगों की चेकिंग और उन पर जुर्माना करने का जिम्मा है, लेकिन बड़ी अजीब बात है कि ये खुद कभी हेलमेट लगाकर नहीं चलते हैं। शहर में सड़कों पर आपको हर दिन बिना हेलमेट के पुलिसकर्मी बाइक पर फर्राटा भरते दिख जाएंगे। न कभी इनकी चेकिंग होती है और नही कोई इन्हें रोकने वाला होता है। कई पुलिसकर्मी तो ऐसे भी हैं जो बिना नंबर की भी बाइक दौड़ा रहे हैं।
शासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित सफर करने के लिए यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दे रखा है। हालांकि जनपद में तैनात करीब पांच सौ पुलिसकर्मी यातायात के नियमों की अनदेखी कर फर्राटा भरते रहते हैं। जहां चेकिंग के आदेश के बाद पुलिसकर्मी व यातायात विभाग आम लोगों के ऊपर जुर्माना ठोंकता है वहीं चेकिंग के दौरान जब पुलिसकर्मी बिना नंबर की बाइक व बिना हेलमेट के गुजरते हैं तो उन्हें रोकना तो दूर टोकना भी मुनासिब नहीं समझा जाता। खाकी धारण करने वालों को भी यातायात के नियमों का पालन करना होता है लेकिन उन लोगों को कार्रवाई का भय नहीं रहता। इसलिए वे बाइक से सफर करने के दौरान हेलमेट नहीं लगाते। तीन सवारी, बिना नंबर की बाइक व हेलमेट न लगाकर बाइक से फर्राटा भरने वालों पर कार्रवाई का आदेश सुनाने वाले अफसर अपने अधीनस्थों की मनमानी पर ब्रेक लगाने के लिए कोई आदेश नहीं सुनाते।
वर्दी ही बन जाती है ड्राइविंग लाइसेंसःपुलिसकर्मियों की वर्दी ही उनकी बाइक के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस बन जाते हैं। वैसे अफसर भी वाहन चेकिंग कराते रहें तो भी मातहतों को छूट देते नजर आते हैं। जनपद में तैनात बहुत से पुलिसकर्मियों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नही है। फिर भी बेधड़क होकर बाइकों से ही दूसरे जनपदों का चक्कर लगाते रहते हैं।
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बताया जाता है कि जनपद में तैनात रहे पूर्व पुलिस अधीक्षक अजय मिश्र ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले मातहतों पर नकेल कसने की कोशिश की थी। अपनी तैनाती के दौरान पुलिस लाइन स्थित आवास जाते समय सिपाही की बिना नंबर बाइक देख उन्होंने तत्काल बाइक को सीज करने का आदेश दिया। इसके बाद से बाइकों व चार पहिया वाहनों से भी पुलिस का लोगो हटा लिया गया। हालांाकि उनके जाने के बाद फिर पहले जैसे ही हाल हो गए।
यातायात के नियमों का पालन पब्लिक के साथ पुलिसकर्मियों को भी करना चाहिए। हेलमेट लगाकर बाइक न चलाने वाले पुलिसकर्मी भी दंडित होंगे। उनके खिलाफ भी चेकिंग करने वाली टीम कार्रवाई करे।
नीरज पांडेय, एएसपी पश्चिमी
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शासन ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित सफर करने के लिए यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दे रखा है। हालांकि जनपद में तैनात करीब पांच सौ पुलिसकर्मी यातायात के नियमों की अनदेखी कर फर्राटा भरते रहते हैं। जहां चेकिंग के आदेश के बाद पुलिसकर्मी व यातायात विभाग आम लोगों के ऊपर जुर्माना ठोंकता है वहीं चेकिंग के दौरान जब पुलिसकर्मी बिना नंबर की बाइक व बिना हेलमेट के गुजरते हैं तो उन्हें रोकना तो दूर टोकना भी मुनासिब नहीं समझा जाता। खाकी धारण करने वालों को भी यातायात के नियमों का पालन करना होता है लेकिन उन लोगों को कार्रवाई का भय नहीं रहता। इसलिए वे बाइक से सफर करने के दौरान हेलमेट नहीं लगाते। तीन सवारी, बिना नंबर की बाइक व हेलमेट न लगाकर बाइक से फर्राटा भरने वालों पर कार्रवाई का आदेश सुनाने वाले अफसर अपने अधीनस्थों की मनमानी पर ब्रेक लगाने के लिए कोई आदेश नहीं सुनाते।
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वर्दी ही बन जाती है ड्राइविंग लाइसेंसःपुलिसकर्मियों की वर्दी ही उनकी बाइक के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस बन जाते हैं। वैसे अफसर भी वाहन चेकिंग कराते रहें तो भी मातहतों को छूट देते नजर आते हैं। जनपद में तैनात बहुत से पुलिसकर्मियों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नही है। फिर भी बेधड़क होकर बाइकों से ही दूसरे जनपदों का चक्कर लगाते रहते हैं।
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बताया जाता है कि जनपद में तैनात रहे पूर्व पुलिस अधीक्षक अजय मिश्र ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले मातहतों पर नकेल कसने की कोशिश की थी। अपनी तैनाती के दौरान पुलिस लाइन स्थित आवास जाते समय सिपाही की बिना नंबर बाइक देख उन्होंने तत्काल बाइक को सीज करने का आदेश दिया। इसके बाद से बाइकों व चार पहिया वाहनों से भी पुलिस का लोगो हटा लिया गया। हालांाकि उनके जाने के बाद फिर पहले जैसे ही हाल हो गए।
यातायात के नियमों का पालन पब्लिक के साथ पुलिसकर्मियों को भी करना चाहिए। हेलमेट लगाकर बाइक न चलाने वाले पुलिसकर्मी भी दंडित होंगे। उनके खिलाफ भी चेकिंग करने वाली टीम कार्रवाई करे।
नीरज पांडेय, एएसपी पश्चिमी