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Pratapgarh News: स्ट्रेचर न व्हील चेयर, तीमारदारों के सहारे ओपीडी में पहुंचे रहे मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2024 11:59 PM IST
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Patients reached OPD with the help of attendants, neither stretchers nor wheel chairs.
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहा है। मजबूरन तीमारदार के सहारे मरीज ओपीडी में पहुंचकर डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। मंगलवार दोपहर मेडिकल कॉलेेेज की पड़ताल में सुविधाओं की हकीकत सामने आई।
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गड़वारा के अमित का पैर दुर्घटना में टूट गया था। ऑपरेशन के बाद उनके पैर में रॉड पड़ी है। वह दोपहर 12:45 बजे ओपीडी इलाज के लिए पहुंचे थे लेकिन उनको व्हील चेयर या स्ट्रेचर नहीं मिला, जबकि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। पिता के कंधे पर हाथ रख वॉकर के सहारे किसी तरह वह ओपीडी में पहुंचे। उन्हें स्ट्रेचर नहीं मुहैया हो सका।
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पट्टी तहसील के खभोर की 17 वर्षीय अर्पिता दोपहर एक बजे मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंची थीं। उनके पैर में फ्रैक्चर था लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला। मां ने गोद में उठाकर अर्पिता को चिकित्सक कक्ष तक पहुंचाया। भीड़ के बीच किसी तरीके मां ओपीडी तक पहुंच सकी।
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इसी तरह कोहड़ौर के पूरेमनिकंठ निवासी निकऊ को भी स्ट्रेचर नहीं मिल सका। उनका हार्निया का ऑपरेशन हुआ था। टांके भी नहीं काटे गए थे। हाथ में यूरिन की थैली लिए हुए निकऊ बेटे के सहारे ओपीडी में पहुंचे। पिता को सहारा दे रहे बेटे ने बताया कि उन्हें स्ट्रेचर मुहैया नहीं कराया गया।

डीएम के निरीक्षण की सुगबुगाहट, नहीं सुधरी व्यवस्थाएं
मेडिकल कॉलेज में आए दिन मरीजों को गोद में उठाकर ले जाने की तस्वीरें और वीडियो वायरल होते रहते हैं लेकिन इसके बाद भी व्यवस्थाएं जस की तस हैं। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में डीएम के निरीक्षण की चर्चा रही। कर्मचारी अपनी जगह पर मुस्तैद रहे लेकिन दोपहर दो बजे तक डीएम निरीक्षण करने नहीं पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज में 20 स्ट्रेचर हैं। 10 इमरजेंसी और 10 वार्डों के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध हैं। मरीज के मांगने पर स्ट्रेचर मुहैया कराया जाता है।
डॉ़ शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
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