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आयुष्मान के मरीजों को रात में नहीं मिल रहा पांच लाख तक मुफ्त में इलाज का लाभ

Fri, 15 Nov 2019 11:42 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 11:42 PM IST
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प्रतापगढ़। आयुष्मान भारत योजना का लाभ शाम पांच बजे के बाद मरीजों को जिला व महिला अस्पताल के साथ पैनल सीएचसी अथवा पीएचसी में नहीं मिल रहा है। यहां तैनात आयुष्मान मित्र शाम पांच बजे के बाद घर चले जाते हैं। बगैर फिंगरप्रिंट के चिकित्सक भर्ती करने और डिस्चार्ज करने से हाथ खड़े कर दे रहे हैं। इसके चलते मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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इलाज के अभाव में किसी की जान न जाए, समय रहते कैशलेस मरीज का इलाज हो जाए, इसके लिए शासन ने आयुष्मान भारत योजना लांच की है। इस योजना के तहत गरीब परिवार के सदस्यों का पांच लाख रुपये तक मुफ्त कैशलेस उपचार करने का आदेश शासन ने दिया है। इसके लिए जनपद के सीएचसी अथवा कुछ पीएचसी के साथ जिला व महिला अस्पताल को इनपैनल किया गया है। इन सेंटरों पर आयुष्मान के मरीजों को भर्ती कराने से लेकर इलाज कराने में मदद करने के लिए शासन की ओर से एक-एक आयुष्मान मित्रों की तैनाती की गई है। आयुष्मान मित्रों को पांच हजार रुपये मानदेय और 50 रुपये प्रति मरीज इलाज कराने पर शासन की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। आयुष्मान मित्र सुबह नौ बजे तक अस्पताल आते हैं और शाम पांच बजे तक घर चले जाते हैं।
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ऐसे में शाम पांच बजे के बाद अस्पताल आने वाले मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। दरअसल भर्ती के समय मरीज को अपना गोल्डेन कार्ड दिखाना होता है। आयुष्मान मित्र उस कार्ड नंबर के साथ मरीजों का फिंगर प्रिंट लेकर बीमारी का ब्यौरा भरवाते हैं। तब जाकर चिकित्सक मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए तैयार होते हैं। मरीजों को दिन में दो बार बायोमैट्रिक से अपनी उपास्थिति दर्ज करानी होती है। डिस्चार्ज होते समय आयुष्मान मित्र को रिपोर्ट लगानी होती है। आयुष्मान मित्र फिंगर प्रिंट लेने के बाद डिस्चार्ज करते हैं।
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24 घंटे ड्यूटी करने से कतराते हैं आयुष्मान मित्र
आयुष्मान मित्रों को शासन की ओर से पांच हजार रुपये मानदेय और 50 हजार रुपये प्रति मरीज दिए जाते हैं। इससे आयुष्मान मित्र परेशान होते हैं। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ही ड्यूटी करते हैं।

आयुष्मान के मरीजों को भर्ती कर इलाज करने में किसी प्रकार का हेरफेर न हो, इसके लिए शासन ने भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक फिंगरप्रिंट अनिवार्य कर दिया है। शासन के आदेश पर ही आयुष्मान मित्रों को काम करना होगा। भर्ती निकाली गई है। रेफरल सेंटरों पर एक-एक आयुष्मान मित्रों की तैनाती भी जल्द कर दी जाएगी।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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