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कभी भी दगा दे सकते हैं पद्मावत के जर्जर कोच
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 29 Oct 2017 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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प्रतापगढ़ से दिल्ली के बीच चलने वाली पद्मावत एक्सप्रेस के जर्जर कोच किसी भी दिन हादसे का कारण बन सकते हैं। ट्रेन को कोच 25 वर्ष से भी अधिक पुराने हो चुके हैं। इससे ट्रेन में यात्रा करते समय मुसाफिर सहमे रहते हैं। यात्रियों का आरोप है कि लखनऊ से दिल्ली के बीच ट्रेन के स्पीड में होने के कारण झटके लगते हैं। इससे किसी दिन हादसा हो सकता है।
पद्मावत एक्सप्रेस पहले रायबरेली से दिल्ली के बीच चलती थी। सात वर्ष पहले इस ट्रेन का संचालन प्रतापगढ़ से शुरू हुआ। ट्रेन के सभी कोच 25 वर्ष से भी अधिक पुराने होने के कारण पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। बार-बार उनकी मरम्मत कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। रेलवे के सूत्र बताते हैं कि लखनऊ से दिल्ली के बीच ट्रेन जब स्पीड में होती है तो यात्रियों को बार-बार झटके लगते हैं। ऐसे में सो रहे यात्रियों की नींद टूट जाती है।
ट्रेन में ड्यूटी करने वाले रेलवे के कर्मचारी भी डरे रहते हैं। कोचों की जर्जर हालत के बारे में प्रतापगढ़, लखनऊ और दिल्ली तक अफसरों को जानकारी है, लेकिन वे इसे बदलवाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। किसी तरह मरम्मत करवाने के बाद ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। प्रतापगढ़ से बनकर चलने वाली पद्मावत एक्सप्रेस दिल्ली जाती है। यहां से इसे फैजाबाद भेज दिया जाता है। लौटकर फिर दिल्ली आती है और वापस प्रतापगढ़ भेजा जाता है। जनरल कोचों में सीटें फट गई हैं। आरक्षित कोचों में चार्जिंग प्वाइंट खराब पड़े हैं। ज्यादातर खिड़किया जाम हो गई हैं। रात में यात्री खिड़की तक नहीं बंद कर पाते हैं। एसी कोच के ज्यादातर शीशे टूट गए हैं। सीट के पास लगे टेबल भी टूट गए हैं। प्रतापगढ़ से दिल्ली के लिए एकमात्र ट्रेन होने के बाद भी रेल अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। जबकि रोजाना यह ट्रेन प्रतापगढ़ से ही फुल हो जाती है। अफसरों की यह लापरवाही किसी भी दिन यात्रियों की जान पर भारी पडा़ सकती है।
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पद्मावत एक्सप्रेस पहले रायबरेली से दिल्ली के बीच चलती थी। सात वर्ष पहले इस ट्रेन का संचालन प्रतापगढ़ से शुरू हुआ। ट्रेन के सभी कोच 25 वर्ष से भी अधिक पुराने होने के कारण पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। बार-बार उनकी मरम्मत कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। रेलवे के सूत्र बताते हैं कि लखनऊ से दिल्ली के बीच ट्रेन जब स्पीड में होती है तो यात्रियों को बार-बार झटके लगते हैं। ऐसे में सो रहे यात्रियों की नींद टूट जाती है।
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ट्रेन में ड्यूटी करने वाले रेलवे के कर्मचारी भी डरे रहते हैं। कोचों की जर्जर हालत के बारे में प्रतापगढ़, लखनऊ और दिल्ली तक अफसरों को जानकारी है, लेकिन वे इसे बदलवाने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। किसी तरह मरम्मत करवाने के बाद ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। प्रतापगढ़ से बनकर चलने वाली पद्मावत एक्सप्रेस दिल्ली जाती है। यहां से इसे फैजाबाद भेज दिया जाता है। लौटकर फिर दिल्ली आती है और वापस प्रतापगढ़ भेजा जाता है। जनरल कोचों में सीटें फट गई हैं। आरक्षित कोचों में चार्जिंग प्वाइंट खराब पड़े हैं। ज्यादातर खिड़किया जाम हो गई हैं। रात में यात्री खिड़की तक नहीं बंद कर पाते हैं। एसी कोच के ज्यादातर शीशे टूट गए हैं। सीट के पास लगे टेबल भी टूट गए हैं। प्रतापगढ़ से दिल्ली के लिए एकमात्र ट्रेन होने के बाद भी रेल अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। जबकि रोजाना यह ट्रेन प्रतापगढ़ से ही फुल हो जाती है। अफसरों की यह लापरवाही किसी भी दिन यात्रियों की जान पर भारी पडा़ सकती है।
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