{"_id":"57054f7e4f1c1ba16ac810f3","slug":"pahal","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोर में ही गांव पहुंच डीएम ने दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा ‘लोटा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोर में ही गांव पहुंच डीएम ने दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा ‘लोटा’
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
pahal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुले में शौच से मुक्ति के लिए जिलाधिकारी ने अद्भुत पहल की है। मंगलवार शाम उन्होंने संडवाचंद्रिका ब्लाक के कमालुद्दीनपुर गांव में चौपाल लगाकर लोगों को शौचालय बनवाने के लिए जागरूक किया था। बुधवार भोर में करीब चार बजे वह अधिकारी-कर्मचारियों की फौज के साथ अचानक गांव पहुंच गए। डीएम ने लोटा लेकर बाहर शौच के लिए निकल रहे 50 से ज्यादा लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा। फिर उन्हें प्यार से बाहर शौच से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से समझाया। इससे फैलने वाली गंदगी और उससे होने वाली बीमारियों के बारे में बताया। खास बात यह रही कि शौच के लिए बाहर जा रहे न सिर्फ पुरुषों को रोका गया बल्कि डीएम के साथ रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने गांव की महिलाओं को भी रोककर घर में शौचालय बनवाने पर जोर दिया। इस काम में गांव की कुछ महिलाओं को भी शामिल किया गया।
जिले में यूनीसेफ से आई पांच सदस्यीय टीम ओडीएफ (ओपेन डेफेकेशन फ्री) खुले में शौच से मुक्त गांव बनाने पर जोर दे रही है। जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह, सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव, डीजीसी राजस्व विवेक उपाध्याय टीम के सदस्यों का सहयोग कर लोगों को खुले में शौच नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार की शाम इसी के तहत संडवाचंद्रिका ब्लाक के कमालुद्दीनपुर गांव में लगी चौपाल में डीएम ने लोगों को खुले में शौच न जाने की शपथ दिलाई थी। बुधवार भोर में वह बीस से भी अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकात्रियों को लेकर गांव पहुंच गए। सभी लोगों ने टार्च की रोशनी में बाहर शौच के लिए निकल रहे लोगों को पकड़ना शुरू कर दिया।
शुरुआत डीएम ने की। अधिकारी एक-एक आदमी को पकड़कर ऐसा करने से मना कर रहे थे तो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों महिलाओं को समझाने में लगी थीं। जो व्यक्ति लोटा लिए पकड़ा गया, उसके ऊपर फूलों की वर्षा करके उसे खुले में शौच न जाने का संकल्प दिलाया गया। अधिकारी बताते रहे कि सबसे पहले घर में शौचालय बनवाएं। सुबह सूर्य निकलने के बाद भी करीब सात बजे तक डीएम की अगुवाई में प्रशासनिक अमला स्वच्छता और शौचालय के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मशक्कत करता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने घर में शौचालय बनवाने और खुले में शौच न करने का संकल्प लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में यूनीसेफ से आई पांच सदस्यीय टीम ओडीएफ (ओपेन डेफेकेशन फ्री) खुले में शौच से मुक्त गांव बनाने पर जोर दे रही है। जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह, सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव, डीजीसी राजस्व विवेक उपाध्याय टीम के सदस्यों का सहयोग कर लोगों को खुले में शौच नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार की शाम इसी के तहत संडवाचंद्रिका ब्लाक के कमालुद्दीनपुर गांव में लगी चौपाल में डीएम ने लोगों को खुले में शौच न जाने की शपथ दिलाई थी। बुधवार भोर में वह बीस से भी अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकात्रियों को लेकर गांव पहुंच गए। सभी लोगों ने टार्च की रोशनी में बाहर शौच के लिए निकल रहे लोगों को पकड़ना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
शुरुआत डीएम ने की। अधिकारी एक-एक आदमी को पकड़कर ऐसा करने से मना कर रहे थे तो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों महिलाओं को समझाने में लगी थीं। जो व्यक्ति लोटा लिए पकड़ा गया, उसके ऊपर फूलों की वर्षा करके उसे खुले में शौच न जाने का संकल्प दिलाया गया। अधिकारी बताते रहे कि सबसे पहले घर में शौचालय बनवाएं। सुबह सूर्य निकलने के बाद भी करीब सात बजे तक डीएम की अगुवाई में प्रशासनिक अमला स्वच्छता और शौचालय के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मशक्कत करता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने घर में शौचालय बनवाने और खुले में शौच न करने का संकल्प लिया।
विज्ञापन