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जिले में अवैध रूप से चल रहे 30 से अधिक नर्सिंगहोम और क्लीनिक
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Over 30 nursing homes and clinics operating illegally in the district
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जिले में 30 से अधिक नर्सिंगहोम मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अवैध रूप से संचालित इन नर्सिंगहोम और क्लीनिक संचालकों के पास किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं है। दस जनवरी तक इन्हें नवीनीकरण कराना था, लेकिन संचालक इसके लिए आगे नहीं आए।
जिले के करीब 130 नर्सिंगहोम का नवीनीकरण के साथ पंजीकरण होना था।
जिसकी अंतिम तिथि 10 जनवरी थी। स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बाद 83 नर्सिंगहोम संचालकों ने ही नवीनीकरण कराया। 30 से अधिक नर्सिंगहोम और क्लीनिक संचालकों ने अभी तक नवीनीकरण नहीं कराया।
ऐसे में ये अस्पताल अब पूरी तरह अवैध हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे नर्सिंगहोम और क्लीनिक संचालकों की कुंडली तैयार की जा रही है। नवीनीकरण न कराने वाले नर्सिंगहोम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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नवीनीकरण न कराने वाले नर्सिंगहोम संचालकों के पास नहीं हैं डॉक्टर
जिले के जिन पुराने नर्सिंगहोम संचालकों ने अपना नवीनीकरण नहीं कराया है, उनमें से ज्यादातर के पास डॉक्टर नहीं हैं। अब तक वे उधारी के डॉक्टर से काम चला रहे हैं।
हर साल वह दूसरे डाक्टरों के नाम पर नवीनीकरण करा लेते थे। मगर डॉक्टर अस्पताल में कभी बैठते नहीं थे। हाईस्कूल और इंटर पास लोग मरीजों को भर्ती कर इलाज करते थे। इस बार ऐसे चिकित्सकों ने नवीनीकरण के दौरान अपने हाथ खड़े कर दिए। इसके चलते नर्सिंगहोम संचालक नवीनीकरण नहीं करा सके।
कोरोना टीकाकरण के चलते व्यस्त चल रहा हूं। जिन नर्सिंगहोम का नवीनीकरण नहीं हुुुआ है, उनमें सरकारी ताला लगवाया जाएगा। अस्पताल को बंद करवा दिया जाएगा। संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक फरवरी से जांच की जाएगी।
-डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी
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जिले के करीब 130 नर्सिंगहोम का नवीनीकरण के साथ पंजीकरण होना था।
जिसकी अंतिम तिथि 10 जनवरी थी। स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बाद 83 नर्सिंगहोम संचालकों ने ही नवीनीकरण कराया। 30 से अधिक नर्सिंगहोम और क्लीनिक संचालकों ने अभी तक नवीनीकरण नहीं कराया।
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ऐसे में ये अस्पताल अब पूरी तरह अवैध हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे नर्सिंगहोम और क्लीनिक संचालकों की कुंडली तैयार की जा रही है। नवीनीकरण न कराने वाले नर्सिंगहोम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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नवीनीकरण न कराने वाले नर्सिंगहोम संचालकों के पास नहीं हैं डॉक्टर
जिले के जिन पुराने नर्सिंगहोम संचालकों ने अपना नवीनीकरण नहीं कराया है, उनमें से ज्यादातर के पास डॉक्टर नहीं हैं। अब तक वे उधारी के डॉक्टर से काम चला रहे हैं।
हर साल वह दूसरे डाक्टरों के नाम पर नवीनीकरण करा लेते थे। मगर डॉक्टर अस्पताल में कभी बैठते नहीं थे। हाईस्कूल और इंटर पास लोग मरीजों को भर्ती कर इलाज करते थे। इस बार ऐसे चिकित्सकों ने नवीनीकरण के दौरान अपने हाथ खड़े कर दिए। इसके चलते नर्सिंगहोम संचालक नवीनीकरण नहीं करा सके।
कोरोना टीकाकरण के चलते व्यस्त चल रहा हूं। जिन नर्सिंगहोम का नवीनीकरण नहीं हुुुआ है, उनमें सरकारी ताला लगवाया जाएगा। अस्पताल को बंद करवा दिया जाएगा। संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक फरवरी से जांच की जाएगी।
-डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी