फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Only 33 patients are dying in Corona and 100 beds are kept in Kovid Hospital

कोरोना से मर रहे लोग और सौ बेड के कोविड अस्पताल में रखे गए हैं सिर्फ 33 मरीज

Fri, 23 Apr 2021 12:58 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 12:58 AM IST
विज्ञापन
Only 33 patients are dying in Corona and 100 beds are kept in Kovid Hospital
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आक्सीजन मास्क लगाकर भर्ती मरीज। - फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। कोरोना महामारी के दौर में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मनमानी पर उतारू है। सीएमओ समेत सभी अफसर मरीजों की जान बचाने के लिए प्रयास करने के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी में जुटे हैं। जिले में कोरोना से पीड़ित मरीजों की लगातार मौतें हो रही हैं। कई गंभीर मरीजों को प्रयागराज रेफर कर दिया जा रहा है, लेकिन पुराने जिला महिला अस्पताल में बने सौ बेड के कोविड एल टू अस्पताल में सिर्फ 33 मरीजों को रखा गया है।
विज्ञापन

जिले में हर दिन बड़ी तादाद में कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं। संक्रमित लोगों की मौतों का सिलसिला भी बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों के इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। हालत यह है कि सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के अफसर मरीजों की मदद करने के बजाय अपनी जान छुड़ा रहे हैं। शासन की गाइडलाइन की अनदेखी कर स्वास्थ्य विभाग के अफसर मनमानी पर उतर आए हैं।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमित मिलने वाले ज्यादा से ज्यादा मरीजों को होम आइसोलशन में रखा जा रहा है। पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी होम आइसोलेशन में रखवा दिया गया है। जबकि पुराने जिला महिला अस्पताल में बने सौ बेड के कोविड अस्पताल में सिर्फ 33 मरीजों को रखा गया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन के आदेश पर पिछले साल संत एंथोनी, ट्रामा सेंटर, लालगंज सीएचसी और महिला अस्पताल के पुराने भवन को एलटू अस्पताल में तब्दील कर कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार शुरू किया गया था। कोरोना की रफ्तार कम होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी उदासीन हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

केवल महिला अस्पताल में बने सौ बेड के एलटू अस्पताल में ही मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाता रहा। शासन की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि मधुमेह, ब्लडप्रेशर और 50 साल की उम्र पूरी कर चुके संक्रमित लोगों का उपचार अस्पताल में भर्ती कर किया जाए। पहले ऐसे लोगों को घर से जबरन अस्पताल लाकर इलाज किया जाता था। इस बार अप्रैल माह से कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हो रही है।
लगातार संक्रमण से मौतों का सिलसिला बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। प्रतापगढ़ स्टेशन पर तैनात रेलवे के एक अफसर और एक कर्मचारी कोरोना पाजिटिव हैं। दोनों की उम्र पचास वर्ष से ज्यादा है। वे शुगर के भी मरीज हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें होम आइसोलेट करा दिया है। इसी तरह शहर के बलीपुर की रहने वाली 55 साल की शिक्षिका कोरोना पाजिटिव हैं। उन्हें पहले से ब्लड प्रेशर की शिकायत है।
इसके बाद भी उन्हें होम आइसोलेेशन में रहने की अनुमति दे दी गई। कुंडा इलाके के उगापुर में 55 वर्ष के अधेड़ को कोरोना संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति दे दी गई। जबकि ऐसे मरीजों को एलटू अस्पताल में भर्ती कर इलाज करने की गाइडलाइन सरकार की ओर से जारी की गई है, मगर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इससे कोई सरोकार नहीं है।
दो हजार से अधिक एक्टिव केस, 1698 होम आइसोलशन में
प्रतापगढ़ के सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव प्रेस नोट जारी करने में भी मरीजों के आंकड़ों की बाजीगरी करने से बाज नहीं आ रहे। बृहस्पतिवार को जारी प्रेस नोट में उन्होंने कुल मरीजों के साथ एक्टिव केस, रिकवर्ड केस के साथ एसआरएन प्रयागराज और केजीएमयू लखनऊ में भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने अन्य फैसिलिटी में 248 मरीजों के रखे जाने का दावा किया है। अब सवाल यह है कि जनपद में एकमात्र कोविड एल टू अस्पताल है। इसके अलावा मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है। फिर यह अन्य फैसिलिटी क्या है?

खुद को सीएम से भी बड़ा समझते हैं सीएमओ, नहीं उठाते फोन
एकतरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमित होने के बाद भी प्रदेेेश में कोरोना से मचे हाहाकार को थामने के लिए दिन-रात प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रतापगढ़ के सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव उनके प्रयासों पर पानी फेरने में जुटे हैं। वह खुद को सीएम से भी ऊपर मानते हैं। महामारी के इस मुश्किल दौर में भी वह किसी का फोन उठाना जरूरी नहीं समझते। लगातार फोन करने के बाद भी वह फोन रिसीव नहीं करते। वह सिर्फ मंत्रियों, विधायकों और बड़े अफसरों का ही फोन उठाना जरूरी समझते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed