22,676 श्रमिकों के खाते में पहुंचे एक-एक हजार रुपये
- मुख्यमंत्री ने लाइव कार्यक्रम में अन्य मदद की घोषणा की
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कोरोना काल में श्रमिकों के परिवारों को खाने-पीने का संकट न उत्पन्न हो, इसके लिए श्रम प्रवर्तन विभाग ने जिले के 22,676 श्रमिकों के खाते-खाते में एक-एक हजार रूपये की धनराशि भेजी है। बुधवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने एनआईसी में पांच लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया।
आपदा राहत योजना के तहत श्रम प्रवर्तन विभाग ने जिले के 22,676 श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रूपये की रकम आनलाइन खाते में अंतरित की गई।बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री के योजना का शुभारंभ करते ही जिले के श्रम प्रवर्तन अधिकारी डा. महेंद्र प्रताप सिंह ने एनआईसी में पांच मजदूरों को प्रमाणपत्र वितरित किया। उन्होंने बताया कि 22,676 मजदूरों के खाते में धनराशि अंतरित कर दी गई है। श्रम विभाग में यह मजदूर पहले से ही पंजीकृत थे।
बेसहारा बच्चों की कक्षा बारह तक मुफ्त शिक्षा, मिलेगा लैपटॉप , बेटियों की शादी के लिए मिलेंगे एक लाख
प्रतापगढ़। कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को गवाने वाले बच्चों को मुफ्त में कक्षा बारह तक की पढ़ाई और लैपटॉप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत उन बच्चों को लाभान्वित किया जाएगा, जिनका देखभाल करने वाला कोई नहीं होगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी रन बहादुर सिंह ने बताया कि अनाथ और बेसहारा बच्चों को शिक्षा, चिकित्सा ,आर्थिक सहायता दी जाएगी। कक्षा एक से 12 तक नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था, बालिकाओं की शादी के लिए एक लाख रूपये का अनुदान, कक्षा नौ या उसके ऊपर की पढ़ाई पर 18 वर्ष तक के बच्चों को टैबलेट,लैपटाप की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अगर किसी बच्चे को कोई गोद लेता है, तो कानूनी रूप से लाभ नहीं मिलेगा। लाभार्थी को उम्र प्रमाणपत्र देना आवश्यक होगा।
कोरोना से मृत व्यापारियों के परिजनों को मिलेे दस लाख रुपये
प्रतापगढ़। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल ने कोरोना संक्रमण से व्यापारियों की हुई मौत पर परिजनों को मुख्यमंत्री से दस-दस लाख रूपये की आर्थिक मद्द देने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष के इस पहल की जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार केसरवानी ने सराहना की है।
उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार केसरवानी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण काल में सूबे के 3500 व्यापारियों की मौत हुई है। मगर किसी भी व्यापारी के परिजन को एक रूपये भी नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से यह मांग करके परिजनों को आशा बंधी है कि जल्द ही सरकार आर्थिक सहायता देने की घोषणा करेगी। बुधवार को हुई वर्चुअल मीटिंग में लखन बाबा, श्यामलाल जायसवाल, कृष्ण मोहन केसरवानी, रवि अग्रवाल, परितोष शुक्ला ने प्रतिभाग किया।