अब मदरसों के बच्चे भी करेंगे ऑनलाइन पढ़ाई
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कोरोना काल में संक्रमण से बचाव को लेकर जिले में संचालित हो रहे मदरसों की शिक्षण व्यवस्था भी डिजिटल होगी। मदरसों के बच्चों को भी ऑनलाइन क्लास दी जाएगी। मदरसों में तैनात शिक्षक- शिक्षिकाओं को इसके लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे लेकर विभागीय अफसरों ने तैयारी शुरू कर दी है।
जिले में 58 मदरसे संचालित होते है। इसके तहत सात हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है। कोरोना काल में प्राइमरी, मिडिल व माध्यमिक विद्यालयों के साथ मदरसों की भी शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई है। संक्रमण फैलने की वहज से मदरसे भी बंद कर दिए गए। पिछले साल कोविड के चलते पठन- पाठन नहीं हो पाया था। नवंबर माह में विद्यालय खुले तो मगर महज चार महीने बाद ही फिर से संक्रमण का कहर शुरू हो गया।
स्कूल, कालेजो में ताला लटक गया। परीक्षा नहीं हो सकी। यही हाल मदरसों का भी रहा। शिक्षण व्यवस्था ठप होने के साथ ही परीक्षाएं भी टल गई। प्राइमरी व माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन क्लास संचालित किए जा रहे है। इन्हीं की तर्ज पर अब मदरसो में भी ऑनलाइन क्लास की योजना है। मदरसा की पढ़ाई को हाईटेक करने की तैयारी में प्रशासन जुट गया। इसके लिए मदरसों में नियुक्त शिक्षक- शिक्षिकाओं को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित किया जाएगा। जिसमें ऑनलाइन पढ़ाई का तरीका बताया जाएगा। ताकि संक्रमण काल में मदरसों की पढ़ाई प्रभावित न हो सके।
हालांकि इस पहल से मदरसों की शिक्षा व्यवस्था पिछले साल की तरह प्रभावित नहीं होगी। इससे शिक्षण व्यवस्था में बदलाव दिखेगा। इस बारे में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी सच्चिदानंद ने बताया कि मदरसो में अब ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था होगी। संक्रमण काल को देखते हुए यह पहल की जाएगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
पढाई में आड़ेे आएंगे संसाधन
ऑनलाइन पढ़ाई में संसाधन की कमी आड़े आएगी। अधिकांश बच्चे ऐसे है जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है। जिनके पास है भी वहां नेटवर्किंग की समस्या है। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण होगी। हालांकि ऑनलाइन क्लास की यह पहल सराहनीय है।