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प्रशासन की अनुमति से ही निकलेगा बैंड-बाजा, बारात
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:23 PM IST
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हरियाणा के करनाल में अनोखी शादी
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शादी की मुहूर्त पंडित जी निकाल दिये हैं और गाड़ी से लेकर टेंट हाऊस और लाइटिंग के लिए आप ब्याना दे चुके हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं हैं। आचार संहिता शादी समारोह में बाधक नहीं बनेगी। दोनों पक्षों को अपने विधान सभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद बैंड भी बजेगा और बारात भी निकलेगी। धूमधाम से शादी भी होगी।
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता जारी होते ही धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके चलते लोग सार्वजनिक स्थलों पर समूह बनाकर बैठ नहीं सकते हैं। निजी स्थानों पर भी समूह एकत्रित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है। मतदान के 40 घंटे पहले जिले की सीमाओं को सील कर दिया जाता है। इन सबसे आम लोगों के साथ उन लोगों को ज्यादा परेशान होना पड़ता है जिनके घरों में शादी कार्यक्रम होता है। सीमा सील होने के बाद बारात निकलने से लेकर विदाई तक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मगर इस बार जिनके घरों में शादी कार्यक्रम का तिथि 23 फरवरी तय हो गया हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन उनके शादी कार्यक्रम में बाधक नहीं बनेगा। बल्की मदद ही करेगा। इसके लिए वर और कन्या पक्ष को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बारात में बैंड दस बजे तक ही बजेगा। राजनैतिक लोग बारात में शामिल न हो। बारातियों को अपने पास शादी कार्ड भी रखना होगा। प्रशासन के पूछताछ के दौरान हकीकत बताना होगा। कैश पास में रखे हैं तो वह लिखा पढ़ी में होना चाहिए।
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वैवाहिक कार्यक्रम पर कोई रोकटोक नहीं हैं। इसके लिए वर और कन्या पक्ष को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। राजनैतिक गतिविधिया होने पर दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामसिंह, अपर जिलाधिकारी
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विधानसभा चुनाव की आचार संहिता जारी होते ही धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके चलते लोग सार्वजनिक स्थलों पर समूह बनाकर बैठ नहीं सकते हैं। निजी स्थानों पर भी समूह एकत्रित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है। मतदान के 40 घंटे पहले जिले की सीमाओं को सील कर दिया जाता है। इन सबसे आम लोगों के साथ उन लोगों को ज्यादा परेशान होना पड़ता है जिनके घरों में शादी कार्यक्रम होता है। सीमा सील होने के बाद बारात निकलने से लेकर विदाई तक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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मगर इस बार जिनके घरों में शादी कार्यक्रम का तिथि 23 फरवरी तय हो गया हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन उनके शादी कार्यक्रम में बाधक नहीं बनेगा। बल्की मदद ही करेगा। इसके लिए वर और कन्या पक्ष को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बारात में बैंड दस बजे तक ही बजेगा। राजनैतिक लोग बारात में शामिल न हो। बारातियों को अपने पास शादी कार्ड भी रखना होगा। प्रशासन के पूछताछ के दौरान हकीकत बताना होगा। कैश पास में रखे हैं तो वह लिखा पढ़ी में होना चाहिए।
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वैवाहिक कार्यक्रम पर कोई रोकटोक नहीं हैं। इसके लिए वर और कन्या पक्ष को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। राजनैतिक गतिविधिया होने पर दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामसिंह, अपर जिलाधिकारी