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गिरफ्तारी नहीं, बदमाशों की लाश चाहिए
Mon, 01 Apr 2019 12:29 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 01 Apr 2019 12:29 AM IST
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बस्ती से नदी तक असलहे लेकर दौड़ते रहे पुलिसकर्मी
- फोटो : प्रतापगढ़
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बदमाशों की तरफ से खुला चैलेंज मिलने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई। मौके पर पहुंचे एसपी ने खुद कमान संभाल ली थी। उन्होंने मातहतों से कहा कि बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं लाश चाहिए। इस पर पुलिस पूरी तरह से एनकाउंटर की तैयारी में थी। असलहे लेकर पुलिसकर्मी बस्ती से नदी तक दौड़ते रहे।
बीच-बीच में हवाई फायरिंग भी की गई। हालांकि इसके बाद भी पुलिस बदमाशों को तलाश नहीं पाई, जबकि वह बस्ती में ही कहीं छिपे थे। पहले रंगदारी के लिए व्यापारी को धमकी, फिर चार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात करने के बाद भी दुकान पर चढ़कर फायरिंग करने की घटना के बाद एसपी का पारा सातवें आसमान पर था। घटना के बाद भुलियापुर पहुंचे एसपी ने मातहतों से सीधे कहा कि एनकाउंटर करना है। बस्ती को चारों तरफ से पुलिस ने घेर रखा था, लेकिन इसके बाद भी बदमाशों का कुछ पता नहीं चल सका।
टी-शर्ट और जिंस पहनकर आए थे बदमाश
मार्बल व्यापारी की दुकान पर फायरिंग करने वाले बदमाश 22 से 27 वर्ष की उम्र के बीच के थे। उन्होंने जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। एक बाइक चला रहा था, जबकि पीछे बैठे बदमाश ने दुकान पर पहुंचते ही फायर करना शुरू कर दिया।
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अपराध का गढ़ बन गया भुलियापुर
शहर से सटा भुलियापुर का इलाका अपराध का गढ़ बन गया है। जिले में होने वाली कई घटनाओं में यहां के बदमाशों का नाम आ चुका है। बीते जनवरी माह में मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की हत्या करने वाले बदमाश भी भुलियापुर के ही थे। अब तक राजेश की हत्या का खुलासा पुलिस नहीं कर सकी। अपराध पर काबू पाने के लिए एसपी एस आनंद ने भुलियापुर में चौकी की स्थापना कर दी। इसके बावजूद कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है।
कैबिनेट मंत्री के आवास के सामने फायरिंग करते भागे बदमाश
मार्बल की दुकान पर गोलियां चलाने के बाद बदमाश कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के आवास के सामने से फायरिंग करते हुए भाग निकले। इसके बाद बेल्हा देवी के रास्ते से भुलियापुर की ओर भाग निकले। अचानक गोलियां चलने से आसपास के लोग सहम गए।
दो माह पहले मार्बल व्यापारी राजेश की हुई थी हत्या
दो माह पहले सदर बाजार स्थित महामाया मार्बल के मालिक राजेश सिंह की गोली मारकर हत्या करने की घटना का अभी तक पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। जिससे व्यापारियों में भय का माहौल है। परिवार के लोगों की सुरक्षा में भले ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन परिजन हमेशा खौफ में जीने को मजबूर हैं। मृतक व्यापारी राजेश के घर के बगल ही व्यापारी हरि गौरव का मकान व दुकान है। पहले से खौफजदा हरि गौरव के परिजन दस लाख की धमकी मिलने के बाद सहमे हुए हैं।
जिले में व्यापारियों से लगातार मांगी जा रही रंगदारी
जिले के व्यापारियों से रंगदारी मांगने का सिलसिला कई सालों से चला आ रहा है। सदर बाजार स्थित मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की बदमाशों ने दो माह पहले गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि इस मामले में रंगदारी मांगे जाने जैसी कोई बात प्रकाश में नहीं आई थी। मगर कांउटर में रखे कैश को बदमाशों ने लूटा भी नहीं था। वहीं कोहड़ौर के व्यापारी श्यामसुंदर व श्याममूरत जायसवाल को पांच लाख रुपये की रंगदारी न देने पर मार डाला गया था।
आसपुर देवसरा के अमरगढ़ निवासी बच्चा सेठ से भी रंगदारी मांगी गई। धमकी से भयभीत होकर वह घर छोड़कर जा रहे थे। हालांकि पुलिस अधीक्षक देवरंजन के प्रयास से परिवार के लोग घर लौटे। उसकी सुरक्षा में एक सिपाही लगा रहता है। कोहड़ौर बाजार के कई व्यापारियों को धमकी मिल चुकी है। शहर के व्यापारी भी रंगदारी मांगने वालों से जूझते रहे। चर्चाओं पर यकीन करें तो कई ऐसे व्यापारी हैं जिन्होंने कोहड़ौर में व्यापारियों की हत्या के बाद चुपचाप रंगदारी मांगने वाले बदमाशों को रुपये मुहैया भी करा दिए। इसकी भनक पुलिस को बाद में लगी।
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बीच-बीच में हवाई फायरिंग भी की गई। हालांकि इसके बाद भी पुलिस बदमाशों को तलाश नहीं पाई, जबकि वह बस्ती में ही कहीं छिपे थे। पहले रंगदारी के लिए व्यापारी को धमकी, फिर चार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात करने के बाद भी दुकान पर चढ़कर फायरिंग करने की घटना के बाद एसपी का पारा सातवें आसमान पर था। घटना के बाद भुलियापुर पहुंचे एसपी ने मातहतों से सीधे कहा कि एनकाउंटर करना है। बस्ती को चारों तरफ से पुलिस ने घेर रखा था, लेकिन इसके बाद भी बदमाशों का कुछ पता नहीं चल सका।
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टी-शर्ट और जिंस पहनकर आए थे बदमाश
मार्बल व्यापारी की दुकान पर फायरिंग करने वाले बदमाश 22 से 27 वर्ष की उम्र के बीच के थे। उन्होंने जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। एक बाइक चला रहा था, जबकि पीछे बैठे बदमाश ने दुकान पर पहुंचते ही फायर करना शुरू कर दिया।
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अपराध का गढ़ बन गया भुलियापुर
शहर से सटा भुलियापुर का इलाका अपराध का गढ़ बन गया है। जिले में होने वाली कई घटनाओं में यहां के बदमाशों का नाम आ चुका है। बीते जनवरी माह में मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की हत्या करने वाले बदमाश भी भुलियापुर के ही थे। अब तक राजेश की हत्या का खुलासा पुलिस नहीं कर सकी। अपराध पर काबू पाने के लिए एसपी एस आनंद ने भुलियापुर में चौकी की स्थापना कर दी। इसके बावजूद कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है।
कैबिनेट मंत्री के आवास के सामने फायरिंग करते भागे बदमाश
मार्बल की दुकान पर गोलियां चलाने के बाद बदमाश कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के आवास के सामने से फायरिंग करते हुए भाग निकले। इसके बाद बेल्हा देवी के रास्ते से भुलियापुर की ओर भाग निकले। अचानक गोलियां चलने से आसपास के लोग सहम गए।
दो माह पहले मार्बल व्यापारी राजेश की हुई थी हत्या
दो माह पहले सदर बाजार स्थित महामाया मार्बल के मालिक राजेश सिंह की गोली मारकर हत्या करने की घटना का अभी तक पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। जिससे व्यापारियों में भय का माहौल है। परिवार के लोगों की सुरक्षा में भले ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन परिजन हमेशा खौफ में जीने को मजबूर हैं। मृतक व्यापारी राजेश के घर के बगल ही व्यापारी हरि गौरव का मकान व दुकान है। पहले से खौफजदा हरि गौरव के परिजन दस लाख की धमकी मिलने के बाद सहमे हुए हैं।
जिले में व्यापारियों से लगातार मांगी जा रही रंगदारी
जिले के व्यापारियों से रंगदारी मांगने का सिलसिला कई सालों से चला आ रहा है। सदर बाजार स्थित मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की बदमाशों ने दो माह पहले गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि इस मामले में रंगदारी मांगे जाने जैसी कोई बात प्रकाश में नहीं आई थी। मगर कांउटर में रखे कैश को बदमाशों ने लूटा भी नहीं था। वहीं कोहड़ौर के व्यापारी श्यामसुंदर व श्याममूरत जायसवाल को पांच लाख रुपये की रंगदारी न देने पर मार डाला गया था।
आसपुर देवसरा के अमरगढ़ निवासी बच्चा सेठ से भी रंगदारी मांगी गई। धमकी से भयभीत होकर वह घर छोड़कर जा रहे थे। हालांकि पुलिस अधीक्षक देवरंजन के प्रयास से परिवार के लोग घर लौटे। उसकी सुरक्षा में एक सिपाही लगा रहता है। कोहड़ौर बाजार के कई व्यापारियों को धमकी मिल चुकी है। शहर के व्यापारी भी रंगदारी मांगने वालों से जूझते रहे। चर्चाओं पर यकीन करें तो कई ऐसे व्यापारी हैं जिन्होंने कोहड़ौर में व्यापारियों की हत्या के बाद चुपचाप रंगदारी मांगने वाले बदमाशों को रुपये मुहैया भी करा दिए। इसकी भनक पुलिस को बाद में लगी।