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बूथ खुलते ही वोटिंग को उमड़ा यूथ
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 23 Nov 2017 12:29 AM IST
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नगर पालिका परिषद बेल्हा में अध्यक्ष व सभासद के चुनाव में बूथ खुलते ही मतदान करने के लिए यूथ उमड़ पड़ा। फर्जी वोटिंग व मारपीट की अफवाहों के बीच 56 प्रतिशत मतदान हुआ। कई मतदान केंद्रों के बाहर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां भाजीं। मत देने जा रहे कई लोगों को भी पुलिस ने पीट दिया।
नगर पालिका परिषद में सुबह जैसे ही मतदान केंद्रों पर मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, बड़ी संख्या में युवा मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान करने के लिए लाइन में लग गए। आला अधिकारी भी बवाल की आशंका को देखते हुए मतदान केंद्रों का भ्रमण कर हालात का जायजा लेते रहे। अधिकारियों के निरीक्षण में कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं व अभिकर्ताओं के ऊपर लाठियां भांजी गईं। जिससे लोग घायल हो गए। अबुल कलाम इंटर कालेज में पूर्व सभासद को पुलिस ने पीट दिया। मीराभवन में प्रत्याशी के पति को खुद पुलिस अधीक्षक ने लाठियाया। टीवी अस्पताल के पास पुलिस ने एक बुजुर्ग को पीट दिया। जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में पब्लिक नारेबाजी करते हुए बुजुर्ग को लेकर अस्पताल पहुंची। जहां उसका मेडिकल कराया गया। सहोदरपुर में एक अभिकर्ता भी पुलिस की लाठी का शिकार हुआ। फर्जी वोटिंग करने वाले दर्जन भर लोगों को पुलिस ने पकड़ा। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। सभी प्रत्याशी खुद की जीत का दावा करते रहे।
अंतिम समय तक मतदाताओं ने साधे रखी चुप्पी
नगर निकाय चुनाव में इस बार मतदाता मतदान के अंतिम समय तक चुप्पी साधे रहे। वोटिंग के बाद न किसी से गुफ्तगू और न किसी दुआ सलाम। सीधे अपने घर को निकलते रहे। मतदाताओं की टोह लेने का प्रयास रास्ते में जगह-जगह बैठे प्रत्याशियों के समर्थकों ने किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।मजे की बात यह रही कि हार-जीत का समीकरण बैठाने वाले सियासी जानकारों की अंतिम समय तक सारी गणित फेल रही। मतदान को लेकर इस बार प्रत्याशियों की जीत का गणित फिट करने के लिए सियासी पंडित परेशान रहे। चुनाव से पहले रातभर प्रचार-प्रसार कर प्रत्याशियों के समर्थक वोटरों को अपने पक्ष करने का प्रयास करते रहे और सुबह मतदान का रुख पता करने के लिए बूथ से लेकर रास्ते में जगह- जगह मतदाताओं को रोकते रहे। वहीं प्रत्याशियाें के आवासों पर जीत और हार का समीकरण फिट करने के लिए सियासी जानकार बैठे रहे।
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नगर पालिका परिषद में सुबह जैसे ही मतदान केंद्रों पर मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, बड़ी संख्या में युवा मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान करने के लिए लाइन में लग गए। आला अधिकारी भी बवाल की आशंका को देखते हुए मतदान केंद्रों का भ्रमण कर हालात का जायजा लेते रहे। अधिकारियों के निरीक्षण में कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं व अभिकर्ताओं के ऊपर लाठियां भांजी गईं। जिससे लोग घायल हो गए। अबुल कलाम इंटर कालेज में पूर्व सभासद को पुलिस ने पीट दिया। मीराभवन में प्रत्याशी के पति को खुद पुलिस अधीक्षक ने लाठियाया। टीवी अस्पताल के पास पुलिस ने एक बुजुर्ग को पीट दिया। जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में पब्लिक नारेबाजी करते हुए बुजुर्ग को लेकर अस्पताल पहुंची। जहां उसका मेडिकल कराया गया। सहोदरपुर में एक अभिकर्ता भी पुलिस की लाठी का शिकार हुआ। फर्जी वोटिंग करने वाले दर्जन भर लोगों को पुलिस ने पकड़ा। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। सभी प्रत्याशी खुद की जीत का दावा करते रहे।
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अंतिम समय तक मतदाताओं ने साधे रखी चुप्पी
नगर निकाय चुनाव में इस बार मतदाता मतदान के अंतिम समय तक चुप्पी साधे रहे। वोटिंग के बाद न किसी से गुफ्तगू और न किसी दुआ सलाम। सीधे अपने घर को निकलते रहे। मतदाताओं की टोह लेने का प्रयास रास्ते में जगह-जगह बैठे प्रत्याशियों के समर्थकों ने किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।मजे की बात यह रही कि हार-जीत का समीकरण बैठाने वाले सियासी जानकारों की अंतिम समय तक सारी गणित फेल रही। मतदान को लेकर इस बार प्रत्याशियों की जीत का गणित फिट करने के लिए सियासी पंडित परेशान रहे। चुनाव से पहले रातभर प्रचार-प्रसार कर प्रत्याशियों के समर्थक वोटरों को अपने पक्ष करने का प्रयास करते रहे और सुबह मतदान का रुख पता करने के लिए बूथ से लेकर रास्ते में जगह- जगह मतदाताओं को रोकते रहे। वहीं प्रत्याशियाें के आवासों पर जीत और हार का समीकरण फिट करने के लिए सियासी जानकार बैठे रहे।
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