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गोयल रेजीडेंसी में कमिश्नर ने की जांच
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 06 Jul 2015 11:44 PM IST
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सोमवार को मंडलायुक्त आग से तबाह हुए होटल गोयल रेजीडेंसी पहुंचे। होटल का जायजा लिया, कार्रवाई के सिलसिले में डीएम व एडीएम से पूछताछ की। खुद मोबाइल से फोटो भी कैद की। मृतक और घायलों को आर्थिक सहायता देने की भी जानकारी ली। बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में गत 19 जून को लगी आग से दस लोगों की मौत हो गई और दर्जन भर लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद होटल को सीज कर जांच चल रही है। होटल प्रबंधक सुनील गोयल समेत दो मैनेजर को जेल भी भेजा जा चुका है।
अभी सुरक्षाकर्मी और एक मैनेजर फरार चल रहा है। सोमवार को मंडलायुक्त ने आला अधिकारियों के साथ आग से तबाह हुए होटल गोयल रेजीडेंसी का जायजा लिया। उन्होंने रेस्टोरेंट को देखा। इसके बाद मीटिंग हाल और होटल के कमरों का जायजा लिया। लिफ्ट को भी टार्च की रोशनी में देखा। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक बलिकरन सिंह यादव व एडीएम पुनीत शुक्ला, एसडीएम जेपी मिश्रा हर मामले में कमिश्नर को जानकारी देते रहे। ऊपरी तल पर पहुंचे कमिश्नर ने बाहर की ओर लगे शीशे के टूटने का कारण पूछा तो बताया कि नौकर शीशा तोड़कर बगल निर्माणाधीन इमारत के बांस के सहारे से ही अपनी जिंदगी बचाने में सफल हो सके हैं।
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अभी सुरक्षाकर्मी और एक मैनेजर फरार चल रहा है। सोमवार को मंडलायुक्त ने आला अधिकारियों के साथ आग से तबाह हुए होटल गोयल रेजीडेंसी का जायजा लिया। उन्होंने रेस्टोरेंट को देखा। इसके बाद मीटिंग हाल और होटल के कमरों का जायजा लिया। लिफ्ट को भी टार्च की रोशनी में देखा। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक बलिकरन सिंह यादव व एडीएम पुनीत शुक्ला, एसडीएम जेपी मिश्रा हर मामले में कमिश्नर को जानकारी देते रहे। ऊपरी तल पर पहुंचे कमिश्नर ने बाहर की ओर लगे शीशे के टूटने का कारण पूछा तो बताया कि नौकर शीशा तोड़कर बगल निर्माणाधीन इमारत के बांस के सहारे से ही अपनी जिंदगी बचाने में सफल हो सके हैं।
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