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32 लाख आबादी, दो जगह ही डेंगू की एलाइजा जांच
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Neither dengue ward was made nor the facility of investigation increased
32 लाख आबादी वाले जिले में डेंगू की जांच की मुकम्मल व्यस्था नहीं है। सिर्फ राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय को छोड़ जिले में डेंगू की जांच की सुविधा नहीं हैं। और तो और अभी तक डेंगू वार्ड भी नहीं बनाया गया है। ऐसे में डेंगू मरीजों को बाहरी जिलों में इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
हर साल बारिश के मौसम में डेंगू के मरीज मिलने लगते हैं। लेकिन स्वास्थ्य महकमा इसे लेकर अभी तैयार नहीं है। न तो जांच की सुविधाएं बढ़ाईं गईं है और न ही अब तक वार्ड बनकर तैयार हो सका है। 32 लाख की आबादी वाले जिले में सिर्फ डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में ही डेंगू एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है। जबकि, 26 सीएचसी पर डेंगू के रैपिड जांच की सुविधा भी नहीं हैं।
वहीं कुंडा सीएचसी में जांच की सुविधा है भी तो मरीजों को जांच किट खुद ही बाहर से खरीदकर लानी पड़ती है। ऐसे में विभाग की लापरवाही डेंगू मरीजों पर भारी पड़ सकती है। प्राचार्य डॉ. आर्यदेश दीपक ने बताया कि एलाइजा जांच की सुविधा सिर्फ राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में ही उपलब्ध है।
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दो तरीके से होती है डेंगू की जांच
क डेंगू की जांच दो तरह से होती है। पहला, रैपिड और दूसरा एलाइजा से। यदि रैपिड टेस्ट में डेंगू की पुष्टि होती है तो इसके बाद एलाइजा की जांच की जाती है। एलाइजा की रिपोर्ट तय करती है कि मरीज को डेंगू है या नहीं।
प्रताप बहादुर अस्पताल में बीस बेड का डेंगू वार्ड बनाने की तैयारी है। चूंकि, अभी बरसात शुरू हुई है जिसके कारण डेंगू का खतरा कम है। जल्द ही डेंगू वार्ड बनकर तैयार हो जाएगा। डॉ. सुरेश सिंह, सीएमएस, राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय
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हर साल बारिश के मौसम में डेंगू के मरीज मिलने लगते हैं। लेकिन स्वास्थ्य महकमा इसे लेकर अभी तैयार नहीं है। न तो जांच की सुविधाएं बढ़ाईं गईं है और न ही अब तक वार्ड बनकर तैयार हो सका है। 32 लाख की आबादी वाले जिले में सिर्फ डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में ही डेंगू एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है। जबकि, 26 सीएचसी पर डेंगू के रैपिड जांच की सुविधा भी नहीं हैं।
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वहीं कुंडा सीएचसी में जांच की सुविधा है भी तो मरीजों को जांच किट खुद ही बाहर से खरीदकर लानी पड़ती है। ऐसे में विभाग की लापरवाही डेंगू मरीजों पर भारी पड़ सकती है। प्राचार्य डॉ. आर्यदेश दीपक ने बताया कि एलाइजा जांच की सुविधा सिर्फ राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में ही उपलब्ध है।
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दो तरीके से होती है डेंगू की जांच
क डेंगू की जांच दो तरह से होती है। पहला, रैपिड और दूसरा एलाइजा से। यदि रैपिड टेस्ट में डेंगू की पुष्टि होती है तो इसके बाद एलाइजा की जांच की जाती है। एलाइजा की रिपोर्ट तय करती है कि मरीज को डेंगू है या नहीं।
प्रताप बहादुर अस्पताल में बीस बेड का डेंगू वार्ड बनाने की तैयारी है। चूंकि, अभी बरसात शुरू हुई है जिसके कारण डेंगू का खतरा कम है। जल्द ही डेंगू वार्ड बनकर तैयार हो जाएगा। डॉ. सुरेश सिंह, सीएमएस, राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय