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सीएम के आश्वासन पर भारी पड़ेगी अफसरों की लापरवाही
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जिला में मेडिकल कालेज के लिए गिराये जाने वाले भवनों पर लगे निशान।
- फोटो : PRATAPGARH
अफसरों की लापरवाही सीएम के आश्वसान पर भारी पड़ सकती है। पिछले एक साल में चुनावी जनसभाओं के साथ जिले वासियों को अरबों की योजनाओं की सौगात देने आए सीएम ने 2020 तक मेडिकल कालेज का संचालन शुरू करने का आश्वासन दिया था।
दो जगहों पर बनने वाले मेडिकल कालेज के लिए सीएम के निर्देश के बाद पूरे केशवराय में भवन बनाने के लिए बहुत तेजी से काम चल रहा है, लेकिन जिला अस्पताल में अभी तक जर्जर भवन भी नहीं तोड़े जा सके हैं। ऐसे में 2021 तक भी मेडिकल कॉलेज तैयार होने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
सत्ता में आने के बाद योगी सरकार ने बेल्हावासियों को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। जिला अस्पताल को उच्चीकृत करते हुए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने का आदेश मुख्यमंत्री ने दिया। जिला अस्पताल में जमीन कम पड़ रही थी। ऐसे में शहर से सटे पूरे केशवराय में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराने के साथ ही जिला व महिला अस्पताल को संयुक्त करते हुए सात मंजिला भवन तैयार करने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम रायबरेली को आदेश दिया।
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कार्यदायी संस्था कुछ दिनों तक चुप्पी साधे बैठी रही। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रतापगढ़ आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के लोगों को अश्वासन दिया कि 2020 तक मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएगा। दाखिला भी शुरू हो जाएगा। सीएम के निर्देश के बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य में तेजी ला दी। पूरे केशव राय में मेडिकल कॉलेज के भवन की तीन मंजिल तैयार होने के कगार पर है।
कार्यदायी संस्था तेजी से निर्माण करवा रही है। उधर, जिला अस्पताल के जर्जर भवन को तोड़वाकर सात मंजिला नया भवन तैयार करने के लिए शासन ने आदेश दिया है। इन भवनों में अफसरों और कर्मचारियों के रहने के लिए आवास के साथ ही ओपीडी, वार्ड और जांच के लिए स्थान बनाया जाएगा। शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के जेई ने जिला अस्पताल परिसर में स्थित सीएमएस बंगला समेत जर्जर आवासों को चिह्नित कर निशान भी लगा दिया, मगर अभी तक नए भवन के निर्माण के लिए न पुराने भवनों को तोड़े जाने का टेंडर तक नहीं निकाला जा सका।
अफसर पूरी तरह लापरवाह बने हैं। वहीं कर्मचारी सरकारी आवास तोड़ने से पहले अस्पताल परिसर में रहने के लिए आवास दिए जाने की मांग को लेकर कोर्ट चले गए हैं। सीएमएस और सीएमओ ने चुप्पी साधकर बैठ गए हैं। ऐसे में अफसरों की लापरवाही सीएम के आश्वासन पर भारी पड़ सकती है।
कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी पुराने भवन को तोड़े जाने के विरोध में कोर्ट चले गए हैं। मामला कोर्ट पहुंच गया है। न्यायालय के आदेश के बाद ही जर्जर भवन केे तोड़ा जाएगा। आदेश का इंतजार है। डॉक्टर इम्तियाज अहमद, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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दो जगहों पर बनने वाले मेडिकल कालेज के लिए सीएम के निर्देश के बाद पूरे केशवराय में भवन बनाने के लिए बहुत तेजी से काम चल रहा है, लेकिन जिला अस्पताल में अभी तक जर्जर भवन भी नहीं तोड़े जा सके हैं। ऐसे में 2021 तक भी मेडिकल कॉलेज तैयार होने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
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सत्ता में आने के बाद योगी सरकार ने बेल्हावासियों को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। जिला अस्पताल को उच्चीकृत करते हुए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने का आदेश मुख्यमंत्री ने दिया। जिला अस्पताल में जमीन कम पड़ रही थी। ऐसे में शहर से सटे पूरे केशवराय में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराने के साथ ही जिला व महिला अस्पताल को संयुक्त करते हुए सात मंजिला भवन तैयार करने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम रायबरेली को आदेश दिया।
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कार्यदायी संस्था कुछ दिनों तक चुप्पी साधे बैठी रही। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रतापगढ़ आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के लोगों को अश्वासन दिया कि 2020 तक मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएगा। दाखिला भी शुरू हो जाएगा। सीएम के निर्देश के बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य में तेजी ला दी। पूरे केशव राय में मेडिकल कॉलेज के भवन की तीन मंजिल तैयार होने के कगार पर है।
कार्यदायी संस्था तेजी से निर्माण करवा रही है। उधर, जिला अस्पताल के जर्जर भवन को तोड़वाकर सात मंजिला नया भवन तैयार करने के लिए शासन ने आदेश दिया है। इन भवनों में अफसरों और कर्मचारियों के रहने के लिए आवास के साथ ही ओपीडी, वार्ड और जांच के लिए स्थान बनाया जाएगा। शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के जेई ने जिला अस्पताल परिसर में स्थित सीएमएस बंगला समेत जर्जर आवासों को चिह्नित कर निशान भी लगा दिया, मगर अभी तक नए भवन के निर्माण के लिए न पुराने भवनों को तोड़े जाने का टेंडर तक नहीं निकाला जा सका।
अफसर पूरी तरह लापरवाह बने हैं। वहीं कर्मचारी सरकारी आवास तोड़ने से पहले अस्पताल परिसर में रहने के लिए आवास दिए जाने की मांग को लेकर कोर्ट चले गए हैं। सीएमएस और सीएमओ ने चुप्पी साधकर बैठ गए हैं। ऐसे में अफसरों की लापरवाही सीएम के आश्वासन पर भारी पड़ सकती है।
कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी पुराने भवन को तोड़े जाने के विरोध में कोर्ट चले गए हैं। मामला कोर्ट पहुंच गया है। न्यायालय के आदेश के बाद ही जर्जर भवन केे तोड़ा जाएगा। आदेश का इंतजार है। डॉक्टर इम्तियाज अहमद, सीएमएस, जिला अस्पताल।

सदर क्षेत्र के पूरे केशवराय में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज भवन।- फोटो : PRATAPGARH