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नायब नाजिर हत्याकांड : एसडीएम के चालक और अर्दली से एक घंटे पुलिस ने की पूछताछ

Thu, 07 Apr 2022 09:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 07 Apr 2022 09:15 PM IST
सार

लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा के फरार हत्यारोपी निलंबित एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम के चालक व अर्दली से बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने घटना के वक्त मौजूद न होने की जानकारी दी।

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Nayab Nazir murder case: Police interrogated SDM Lalganj Pratapgarh Gyanendra Vikram driver and orderly for one hour
प्रतापगढ़ : नायब नाजिर सुनील शर्मा। फाइल फोटो - फोटो : प्रतापगढ़

विस्तार

लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा के फरार हत्यारोपी निलंबित एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम के चालक व अर्दली से बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने घटना के वक्त मौजूद न होने की जानकारी दी। इस मामले में जल्द ही पुलिस तहसीलदार और मेडिकल कॉलेज में इलाज करने वाले डाक्टरों से भी पूछताछ करेगी। 

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नगर कोतवाली के विवेक नगर निवासी सुनील शर्मा लालगंज तहसील में नायब नाजिर के पद पर कार्यरत थे। वह अपने बेटे व बेटी के साथ सरकारी आवास में रहते थे। 30 मार्च की रात एसडीएम लालगंज ज्ञानेंद्र विक्रम के घर कुछ लोग आए थे।

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इस बीच सुनील शर्मा और एसडीएम से कहासुनी हो गई थी। रात ग्यारह बजे एसडीएम बाहर निकले। इस दौरान सुनील ने एसडीएम के साथ गालीगलौज करते हुए किसी महिला अधिकारी का नाम जोड़ते हुए तंज कस दिया। जिसके बाद आक्रोशित एसडीएम ने सुनील को पीटना शुरू कर दिया।

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नायब नाजिर की मौत के बाद हुआ था हंगामा

उनके साथ मौजूद लोगों ने भी सुनील को डंडों से जमकर पीटा था। दूसरे दिन सुनील ने तहसील पहुंचकर एसडीएम पर आरोप लगाते हुए लालगंज कोतवाल को तहरीर दी थी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। जिलाधिकारी के आदेश पर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय परीक्षण हुआ। हालांकि हालत खराब होने के बाद दो मार्च को उसे ट्रामा सेंटर लालगंज में भर्ती कराया गया। जहां से दोपहर में मेडिकल कालेज लाया गया।



यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने हंगामा करते हुए गेट पर जाम लगा दिया। कर्मचारियों के दबाव पर रात में ही एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम व तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद से एसडीएम फरार हो गए। हालांकि सोमवार को कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए शासन ने एसडीएम को निलंबित कर दिया था।

बेटे का दर्ज किया गया था बयान

घटना की बाबत लालगंज कोतवाल ने मृत कर्मचारी सुनील के बेटे सुधीर, होमगार्ड, पंचायतनामा में शामिल लोगों का बयान दर्ज कर लिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने अर्दली किशोरी लाल व चालक उदय कुमार को बुलाकर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में दोनों ने बताया कि घटना के समय दोनों अपने घर जा चुके थे। अब पुलिस तहसीलदार, सरकारी परिसर में रहने वाले दूसरे कर्मचारियों के साथ ही इलाज करने वाले चिकित्सकों का बयान दर्ज करने की तैयारी में है।



सुुनील के घर पहुंचे कर्मचारी नेता
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष करुणेश प्रताप सिंह मुन्ना बृहस्पतिवार को मृत कर्मचारी सुनील शर्मा के आवास पर पहुंचे। बेटी शिल्पा से बातचीत कर उसे हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बेटी को संगठन की ओर तरफ से 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। उनके साथ अमीन संघ के अध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह, मंत्री हीराल पुष्कर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मृत कर्मचारी के बेटे सुधीर शर्मा और अनिल कुमार शर्मा भी मौजूद रहे।

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