नायब नाजिर हत्याकांड : कौशांबी व फतेहपुर की सीमा पर मिली हत्यारोपी एसडीएम की लोकेशन
लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा की हत्या के आरोप में फरार एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम के निलंबन के बाद से पुलिस चुप्पी साधे हुई थी। एसडीएम के साथ रहे तीन अन्य लोगों को पुलिस ने चिह्नित करने का तो दावा किया, लेकिन उनसे पूछताछ भी नहीं की जा सकी।
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लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा की हत्या का आरोपी फरार निलंबित एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम मोबाइल बंद कर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। पुलिस को उसकी लोकेशन कौशांबी व फतेहपुर की सीमा पर मिली है। उधर, सुल्तानपुर जिले की लंभुआ पुलिस ने एसडीएम के पैतृक मकान की तस्वीर व लोकेशन जिले की पुलिस को भेजी है। हालांकि अभी तक एसडीएम की गिरफ्तारी की दिशा में पुलिस की ओर से कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा सका है।
लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील शर्मा की हत्या के आरोप में फरार एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम के निलंबन के बाद से पुलिस चुप्पी साधे हुई थी। एसडीएम के साथ रहे तीन अन्य लोगों को पुलिस ने चिह्नित करने का तो दावा किया, लेकिन उनसे पूछताछ भी नहीं की जा सकी। हत्या का मुकदमा दर्ज करने वाली पुलिस वादी समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज करने में ही उलझी थी।
सीयूजी और प्राइवेट नंबर चल रहे हैं बंद
शनिवार को पुलिस एसडीएम के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सक्रिय हुई। सूत्रों के अनुसार, सीयूजी व प्राइवेट मोबाइल बंदकर फरार चल रहे निलंबित एसडीएम की लोकेशन स्वॉट व सर्विलांस टीम को कौशांबी व फतेहपुर की सीमा पर मिली है। हालांकि जिस नंबर के जरिए सर्विलांस टीम आगे बढ़ रही थी, वह रविवार को स्वीच ऑफ हो गया। जिसके चलते पुलिस टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, दूसरी ओर जिले की पुलिस ने सुल्तानपुर जिले की लंभुआ थाने की पुलिस से संपर्क कर उसके पैतृक आवास दूल्हापुर की लोकेशन हासिल की है।
लंभुआ पुलिस ने मकान की तस्वीर व लोकेशन जिले की पुलिस को भेज दी है। उधर, निलंबित एसडीएम के राजधानी लखनऊ के पीजीआई स्थित वृंदावन कालोनी में स्थित आवास में भी ताला लटक रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा का कहना है कि कर्मचारी तहसील कर्मचारी सुनील शर्मा की हत्या के मुकदमे में गहराई से छानबीन के साथ साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। फरार एसडीएम समेत अन्य तीनों आरोपियों पर सर्विलांस टीम की नजर है। साक्ष्य एकत्र होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के पैतृक घर के लिए निकलते समय सामने आ गए थे नायब नाजिर सुनील
लालगंज तहसील के एसडीएम रहे ज्ञानेंद्र विक्रम सरकारी आवास पर बहुम कम ही रुकते थे। 30 मार्च को भी उन्होंने विपणन विभाग के एक अधिकारी की लग्जरी कार मंगाई थी। वह अपनी सरकारी गाड़ी आवास पर ही खड़ी कर पैतृक घर सुल्तानपुर जिले के लंभुआ दूल्हेपुर जाने की तैयारी में थे। रात 11 बजे वह अपने करीबियों के साथ बाहर निकले। तभी सामने नायब नाजिर सुनील शर्मा मिल गए।
उनके बीच कहासुनी के दौरान मामला तब बिगड़ गया जब सुनील शर्मा ने एक महिला अधिकारी का नाम एसडीएम से जोड़ते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। बस इसी बात से आपा खोने वाले एसडीएम ने बेरहमी से सुनील को पीटा। उनके साथियों ने उसकी पिटाई की। जिससे घायल सुनील की मौत हो गई। लोगों का कहना है कि सरकारी आवास में एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम बहुत कम रुकते थे।
आगे की रणनीति तय करने के लिए आज कर्मचारियों ने बुलाई बैठक
नायब नाजिर सुनील शर्मा की हत्या के मामले में फरार एसडीएम समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित कर्मचारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक बुलाई है। मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष वशिष्ठ सिंह ने बताया कि प्रशासन को गिरफ्तारी के लिए दी गई मोहलत बीत गई है। ऐसे में अब सोमवार को पदाधिकारियों समेत कर्मचारियों की बैठक में आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी।