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दो दिन बाद नवरात्र, न गंदगी हटी न अतिक्रमण
pratapgarh
Updated Sun, 07 Oct 2018 06:30 PM IST
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navratri 2018
- फोटो : navratri 2018
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दो दिन बाद नवरात्र की शुरुआत हो रही है, लेकिन अभी तक देवी मंदिरों के आसपास सफाई नहीं हो सकी है। नवरात्र से पहले शहर में अतिक्रमण हटाने का आदेश भी अफसरों ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। मंदिरों के आसपास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। गंदगी बजबजा रही है। इससे पूजन के लिए मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को भारी मुसीबत झेलनी पड़ेगी।
बुधवार से नवरात्र का पर्व प्रारंभ हो रहा है। नवरात्र में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
देवी धामों की साफ-सफाई कराने के साथ ही भक्तों के सहूलियत के लिए जिला प्रशासन की ओर से पेयजल, सफाई और प्रकाश की व्यवस्था की जाती है। नवरात्र, दशहरा और भरतमिलाप के पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी शंभु प्रसाद ने नगर पालिका को शहर में साफ सफाई और अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित किया था। जो पूरा कराने में पालिका प्रशासन असहाय नजर आ रहा है। जहां पंडाल सज रहे हैं, उसके आसपास स्वयं कमेटी के लोग साफ-सफाई करा रहे हैं। पालिका की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। केवल झाड़ू लगाकर कर्मचारी अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं। रविवार को बेल्हा देवी, संडवाचंद्रिका धाम और मां बाराही देवी धाम पर गंदगी का अंबार दिखा।
सई नदी के तट पर स्थित मां बेल्हा देवी धाम को जाने वाले मार्ग पर गंदगी का अंबार देखने को मिला। सदर बाजार से बेल्हा देवी जाने वाले मार्ग की दशा भी खराब है। तिराहे से लेकर जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। एनसीसी रोड से बेल्हा देवी मंदिर की ओर आने वाले रास्ते पर नाला पार करते ही चारों ओर गंदगी का साम्राज्य दिखाई पड़ता है। इंटरलाकिंग पर ही गंदगी व मलमूत्र दूर-दूर तक फैला हुआ है। धाम के भीतर सफाई व्यवस्था ठीक दिखी लेकिन भक्तों को दर्शन पूजन करने के लिए नाक दबाकर रास्ते से गुजरना होगा।
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मां चंद्रिकन धाम में पहुंचकर पूजा अर्चना करना भक्तों के लिए नवरात्र में आसान नहीं दिख रहा। ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच भक्त मंदिर परिसर के साथ ही मेला ग्राउंड में फैली गंदगी से होकर गुजरेंगे। धाम में हर ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कूड़ा-करकट फैला हुआ है। धाम की बारादरी के साथ ही परिसर में हर ओर गंदगी नजर आती है। हालांकि मंदिर प्रशासन का दावा है कि नवरात्र से पहले सभी व्यवस्था दुरुस्त की ली जाएंगी।
नवरात्र के पर्व पर सई नदी के तट पर स्थित पौराणिक सिद्धपीठ मां बाराही देवी धाम पर जाने वाले भक्त नदी के पानी से कैसे आचमन करेंगे। मंदिर परिसर तो साफ नजर आ रहा है लेकिन नदी के तट पर सीढिय़ों से होकर पहुंचने वाले भक्त सई नदी के पानी से आचमन नहीं कर सकेंगे। तट पर हर ओर गंदगी का आलम व्याप्त है। जिसकी सफाई का अभी तक प्रबंध नहीं हो सका है। हर बार सफाईकर्मी लगाकर तट व आसपास के इलाकों की सफाई कराई जाती थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका है।
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बुधवार से नवरात्र का पर्व प्रारंभ हो रहा है। नवरात्र में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
देवी धामों की साफ-सफाई कराने के साथ ही भक्तों के सहूलियत के लिए जिला प्रशासन की ओर से पेयजल, सफाई और प्रकाश की व्यवस्था की जाती है। नवरात्र, दशहरा और भरतमिलाप के पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी शंभु प्रसाद ने नगर पालिका को शहर में साफ सफाई और अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित किया था। जो पूरा कराने में पालिका प्रशासन असहाय नजर आ रहा है। जहां पंडाल सज रहे हैं, उसके आसपास स्वयं कमेटी के लोग साफ-सफाई करा रहे हैं। पालिका की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। केवल झाड़ू लगाकर कर्मचारी अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं। रविवार को बेल्हा देवी, संडवाचंद्रिका धाम और मां बाराही देवी धाम पर गंदगी का अंबार दिखा।
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सई नदी के तट पर स्थित मां बेल्हा देवी धाम को जाने वाले मार्ग पर गंदगी का अंबार देखने को मिला। सदर बाजार से बेल्हा देवी जाने वाले मार्ग की दशा भी खराब है। तिराहे से लेकर जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। एनसीसी रोड से बेल्हा देवी मंदिर की ओर आने वाले रास्ते पर नाला पार करते ही चारों ओर गंदगी का साम्राज्य दिखाई पड़ता है। इंटरलाकिंग पर ही गंदगी व मलमूत्र दूर-दूर तक फैला हुआ है। धाम के भीतर सफाई व्यवस्था ठीक दिखी लेकिन भक्तों को दर्शन पूजन करने के लिए नाक दबाकर रास्ते से गुजरना होगा।
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मां चंद्रिकन धाम में पहुंचकर पूजा अर्चना करना भक्तों के लिए नवरात्र में आसान नहीं दिख रहा। ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच भक्त मंदिर परिसर के साथ ही मेला ग्राउंड में फैली गंदगी से होकर गुजरेंगे। धाम में हर ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कूड़ा-करकट फैला हुआ है। धाम की बारादरी के साथ ही परिसर में हर ओर गंदगी नजर आती है। हालांकि मंदिर प्रशासन का दावा है कि नवरात्र से पहले सभी व्यवस्था दुरुस्त की ली जाएंगी।
नवरात्र के पर्व पर सई नदी के तट पर स्थित पौराणिक सिद्धपीठ मां बाराही देवी धाम पर जाने वाले भक्त नदी के पानी से कैसे आचमन करेंगे। मंदिर परिसर तो साफ नजर आ रहा है लेकिन नदी के तट पर सीढिय़ों से होकर पहुंचने वाले भक्त सई नदी के पानी से आचमन नहीं कर सकेंगे। तट पर हर ओर गंदगी का आलम व्याप्त है। जिसकी सफाई का अभी तक प्रबंध नहीं हो सका है। हर बार सफाईकर्मी लगाकर तट व आसपास के इलाकों की सफाई कराई जाती थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका है।