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ऑनर किलिंग की तरफ घूमी शक की सुई
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:59 PM IST
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रैनिया तालाब के पास हुई छात्रा की हत्या में पुलिस की तफ्तीश अब ऑनर किलिंग की तरफ घुम गई है। हालांकि पुलिस अभी भी कुछ भी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। इस हत्याकांड में नामजद तीन आरोपियों को भले ही जेल भेज दिया गया, लेकिन सूत्रों की मानें तो घटना की जांच के दौरान मिले साक्ष्य कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। पुलिस की जांच में अभी काफी छूट रहा है। उधर, छात्रा की हत्या के मामले में जेल भेजे गए तीनों आरोपियों के परिजन अफसरों से मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो गए हैं।
बाघराय थाना क्षेत्र के एक गांव में छात्रा का शव काशीपुर रैनिया तालाब के पास सूनसान जगह पर नीम के पेड़ से उसी के दुपट्टे से लटकता मिला था। शव पोस्टमार्टम से आया तो परिजनों ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर सड़क पर जाम लगा दिया था। इसके बाद युवती के चाचा की तहरीर पर तीन युवक संदीप, अवधेश गुप्ता व केशव सरोज के खिलाफ अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जाम के दबाव के कारण पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार जेल भेज दिया। इस दौरान न तो युवती और आरेापी के मोबाइल की जांच की गई और न ही परिजनों से उनके बारे में पूछताछ की गई। अगर दोनों के मोबाइल में हुई बातचीत का रिकार्ड निकाला जाता तो शायद इस मामले में कुछ निकलकर जरूर आता। यही नहीं रात में अवधेश की चक्की पर युवती को देखने वालों से पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वह चक्की की छत पर दिखी थी तो वह बंधक नहीं हो सकती। इसके बाद अगर ग्रामीणों ने युवकों को दौड़ाया था तो वह कैसे युवती को लेकर भाग निकले। यह ऐसे सवाल हैं जो कुछ और इशारा कर रहे हैं। अभी इस पर से पुलिस पर्दा नहीं उठा रही है। उधर, आरोपी बनाए गए युवकों के परिजन भी उन्हें दोषी नहीं मान रहे हैं। वह चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में पारदर्शी जांच करे। उधर रैनिया तालाब पर प्रधान के जेसीबी लाने की बात भी चर्चा में आई थी। जेसीबी किसके लिए आई थी, इसकी भी जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। फिलहाल पुलिस अभी जांच की बात कहते हुए घटना पर पर्दा डाले हुए है।
संदीप के साथ दो बार पकड़ी गई थी छात्रा
कुंडा (ब्यूरो)। संदीप और छात्रा के बीच काफी दिन से संबंध थे। इसकी हकीकत मोबाइल फोन से खंगाली जा सकती है। अगर दोनों के बीच कुछ चल रहा था तो उसने छात्रा की हत्या क्यों की। संदीप शादीशुदा होने के साथ ही दो बच्चों का बाप भी है। यही नहीं वह दो बार छात्रा के साथ पकड़ा जा चुका था। परिजनों ने उसे डाट लगाई थी, वहीं छात्रा को भी घर जलालत झेलनी पड़ी थी। दबी जुबान से ग्रामीण बताते हैं कि छात्रा और संदीप के संबंध बारे में पूरा गांव जानता था।
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हत्या और ऑनर किलिंग दोनों को ध्यान में रखकर घटना की जांच की जा रही है। अभी घटना के बारे में कुछ साफ नहीं कहा जा सकता है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
रमेशचंद्र, प्रभारी सीओ, सदर।
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बाघराय थाना क्षेत्र के एक गांव में छात्रा का शव काशीपुर रैनिया तालाब के पास सूनसान जगह पर नीम के पेड़ से उसी के दुपट्टे से लटकता मिला था। शव पोस्टमार्टम से आया तो परिजनों ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर सड़क पर जाम लगा दिया था। इसके बाद युवती के चाचा की तहरीर पर तीन युवक संदीप, अवधेश गुप्ता व केशव सरोज के खिलाफ अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जाम के दबाव के कारण पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार जेल भेज दिया। इस दौरान न तो युवती और आरेापी के मोबाइल की जांच की गई और न ही परिजनों से उनके बारे में पूछताछ की गई। अगर दोनों के मोबाइल में हुई बातचीत का रिकार्ड निकाला जाता तो शायद इस मामले में कुछ निकलकर जरूर आता। यही नहीं रात में अवधेश की चक्की पर युवती को देखने वालों से पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वह चक्की की छत पर दिखी थी तो वह बंधक नहीं हो सकती। इसके बाद अगर ग्रामीणों ने युवकों को दौड़ाया था तो वह कैसे युवती को लेकर भाग निकले। यह ऐसे सवाल हैं जो कुछ और इशारा कर रहे हैं। अभी इस पर से पुलिस पर्दा नहीं उठा रही है। उधर, आरोपी बनाए गए युवकों के परिजन भी उन्हें दोषी नहीं मान रहे हैं। वह चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में पारदर्शी जांच करे। उधर रैनिया तालाब पर प्रधान के जेसीबी लाने की बात भी चर्चा में आई थी। जेसीबी किसके लिए आई थी, इसकी भी जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। फिलहाल पुलिस अभी जांच की बात कहते हुए घटना पर पर्दा डाले हुए है।
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संदीप के साथ दो बार पकड़ी गई थी छात्रा
कुंडा (ब्यूरो)। संदीप और छात्रा के बीच काफी दिन से संबंध थे। इसकी हकीकत मोबाइल फोन से खंगाली जा सकती है। अगर दोनों के बीच कुछ चल रहा था तो उसने छात्रा की हत्या क्यों की। संदीप शादीशुदा होने के साथ ही दो बच्चों का बाप भी है। यही नहीं वह दो बार छात्रा के साथ पकड़ा जा चुका था। परिजनों ने उसे डाट लगाई थी, वहीं छात्रा को भी घर जलालत झेलनी पड़ी थी। दबी जुबान से ग्रामीण बताते हैं कि छात्रा और संदीप के संबंध बारे में पूरा गांव जानता था।
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हत्या और ऑनर किलिंग दोनों को ध्यान में रखकर घटना की जांच की जा रही है। अभी घटना के बारे में कुछ साफ नहीं कहा जा सकता है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
रमेशचंद्र, प्रभारी सीओ, सदर।