{"_id":"58d959df4f1c1b461c63dbb7","slug":"murder-in-raniganj-thana-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"महेंद्र की हत्या में दो पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महेंद्र की हत्या में दो पर केस
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 27 Mar 2017 11:58 PM IST
विज्ञापन
नगर कोतवाली के टेऊंगा निवासी महेंद्र सरोज की गोली मारकर हत्या करने के मामले में रानीगंज पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। हत्यारों को खोजने में रानीगंज पुलिस एक कदम भी न बढ़ सकी। शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के बाद ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
रानीगंज थाना क्षेत्र के पूरे सहाय गांव के करीब शारदा सहायक नहर मड़ियाहू में रविवार को एक युवक का शव मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने शव को नहर में फेंक दिया था। बाद में उसकी पहचान नगर कोतवाली के टेऊंगा निवासी महेंद्र सरोज के रूप में हुई। इस मामले में मृतक के पिता रामपाल उर्फ मटरू ने बबुरहा निवासी बबलू और कटरामेदनीगंज निवासी इकबाल पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उसका आरोप है कि घर से बुलाकर दोनोें ले गए और उसकी हत्या कर दिए। महेंद्र की हत्या के बाद भी रानीगंज पुलिस अपने ही अंदाज में काम कर रही है। अभी तक हत्या को लेकर पुलिस एक कदम भी आगे न चल सकी। यहां तक कि जिन लोगों पर परिवार के लोग हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनकी तलाश करना भी बेहतर न समझा। जबकि महेंद्र के शव का अंतिम संस्कार न होने की दशा में कोतवाली पुलिस आरोपियों की खोजबीन में लगी रही। सोमवार को परिजन
शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हुए। तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
रानीगंज थाना क्षेत्र के पूरे सहाय गांव के करीब शारदा सहायक नहर मड़ियाहू में रविवार को एक युवक का शव मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने शव को नहर में फेंक दिया था। बाद में उसकी पहचान नगर कोतवाली के टेऊंगा निवासी महेंद्र सरोज के रूप में हुई। इस मामले में मृतक के पिता रामपाल उर्फ मटरू ने बबुरहा निवासी बबलू और कटरामेदनीगंज निवासी इकबाल पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उसका आरोप है कि घर से बुलाकर दोनोें ले गए और उसकी हत्या कर दिए। महेंद्र की हत्या के बाद भी रानीगंज पुलिस अपने ही अंदाज में काम कर रही है। अभी तक हत्या को लेकर पुलिस एक कदम भी आगे न चल सकी। यहां तक कि जिन लोगों पर परिवार के लोग हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनकी तलाश करना भी बेहतर न समझा। जबकि महेंद्र के शव का अंतिम संस्कार न होने की दशा में कोतवाली पुलिस आरोपियों की खोजबीन में लगी रही। सोमवार को परिजन
विज्ञापन
शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हुए। तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।