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Pratapgarh News: सांसद ने सदन में उठाया मेडिकल कॉलेज का मुद्दा
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सांसद डॉ. एसपी पटेल ने डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया गया, लेकिन एमबीबीएस छात्रों को पढ़ाने के लिए सभी पदों पर प्रोफेसर की तैनाती नहीं की गई। मेडिकल कॉलेज में जांच और इलाज के उचित इंतजाम नहीं हैं।
सांसद डॉ. एसपी पटेल ने कहा कि जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया गया है। जहां की सुविधा आज भी जिला अस्पताल स्तर की है। जबकि दूसरे जनपद के मेडिकल कॉलेज में काफी सुविधाएं हैं। क्रिटिकल केस आने पर यहां के मरीज प्रयागराज रेफर किए जाते हैं। इस मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट और ट्रॉमा सेंटर तक नहीं है। कहने को मेडिकल कॉलेज है, लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट, कॉर्डियोंलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, गैस्टोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट जैसे चिकित्सकों की तैनाती तीन साल बीतने के बाद भी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए 17 के जगह महज सात डॉक्टर ही तैनात हैं। कहने को सीटी स्कैन मशीन है, लेकिन चलाने के लिए ऑपरेटर तक नहीं है। डायलिसिस सेंटर पर कम बेड होने के कारण मरीजों को लंबे समय तक जांच के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
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सांसद डॉ. एसपी पटेल ने कहा कि जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया गया है। जहां की सुविधा आज भी जिला अस्पताल स्तर की है। जबकि दूसरे जनपद के मेडिकल कॉलेज में काफी सुविधाएं हैं। क्रिटिकल केस आने पर यहां के मरीज प्रयागराज रेफर किए जाते हैं। इस मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट और ट्रॉमा सेंटर तक नहीं है। कहने को मेडिकल कॉलेज है, लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट, कॉर्डियोंलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, गैस्टोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट जैसे चिकित्सकों की तैनाती तीन साल बीतने के बाद भी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए 17 के जगह महज सात डॉक्टर ही तैनात हैं। कहने को सीटी स्कैन मशीन है, लेकिन चलाने के लिए ऑपरेटर तक नहीं है। डायलिसिस सेंटर पर कम बेड होने के कारण मरीजों को लंबे समय तक जांच के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
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