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चांद दिखा, दो साल बाद मसजिदों में अदा हुई तराबीह की नमाज
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प्रतापगढ़। पाक रमजान माह का चांद शनिवार को दिख गया। चांद का दीदार होते ही मस्जिदों में रौनक लौट आई। कोरोना काल के चलते दो साल से मस्जिदों में भीड़ के साथ नमाज अदा करने पर रोक लगी थी। लोग अपने घरों में तरावीह समेत दूसरी नमाज अदा कर रहे थे। चांद का दीदार होने के बाद एक-दूसरे को पाक रमजान माह की मुबारकबाद देने के साथ ही घरों में रोजा रखने की तैयारियां शुरू हो गईं।
जिसका अकीदतमंदों को बेसब्री से इंतजार था, वह खुशी का पल आ ही गया। दो साल से कोरोना महामारी के चलते मस्जिदों में भीड़ के साथ नमाज अदा करने पर रोक लगी थी। जिसके चलते लोग अपने घरों में इबादत करते रहे।
शनिवार को नमाज ए मगरिब के बाद लोगों ने डूबे रहे सूरज के आसपास आसमान में चांद खोजना शुरू कर दिया। हालांकि लोगों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। कुछ ही देर में चांद लोगों को नजर आ गया। चांद देखने के बाद लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद देने लगे। तरावीह की नमाज अदा करने के लिए लोग मस्जिदों में पहुंचे, जहां बीस रकाअत तरावीह ईशा नमाज के साथ अदा की। अधिकांश मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा करने के लिए हाफिज ए कुरान बुलाए गए हैं। जिन्होंने तरावीह की नमाज अदा कराई। मुस्लिम इलाकों में खासी चहल-पहल देखने को मिली।
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जिसका अकीदतमंदों को बेसब्री से इंतजार था, वह खुशी का पल आ ही गया। दो साल से कोरोना महामारी के चलते मस्जिदों में भीड़ के साथ नमाज अदा करने पर रोक लगी थी। जिसके चलते लोग अपने घरों में इबादत करते रहे।
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शनिवार को नमाज ए मगरिब के बाद लोगों ने डूबे रहे सूरज के आसपास आसमान में चांद खोजना शुरू कर दिया। हालांकि लोगों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। कुछ ही देर में चांद लोगों को नजर आ गया। चांद देखने के बाद लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद देने लगे। तरावीह की नमाज अदा करने के लिए लोग मस्जिदों में पहुंचे, जहां बीस रकाअत तरावीह ईशा नमाज के साथ अदा की। अधिकांश मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा करने के लिए हाफिज ए कुरान बुलाए गए हैं। जिन्होंने तरावीह की नमाज अदा कराई। मुस्लिम इलाकों में खासी चहल-पहल देखने को मिली।
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