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Pratapgarh News: धोखाधड़ी के मामले में पूर्व मंत्री की अरुण कुमार सिंह की निगरानी निरस्त, आरोपी पहुंचेंगे कोर्ट
Thu, 18 May 2023 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 18 May 2023 12:55 AM IST
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- एमपी-एमएलए कोर्ट मुकदमे की सुनवाई को तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। एमपी-एमएलए कोर्ट की अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश स्नेह लता सिंह ने जौनपुर के मछलीशहर रामनगर के पूर्व मंत्री अरुण कुमार सिंह उर्फ मुन्ना, किरण कुमार सिंह, कुंडा के ताजपुर गांव के दिनेश कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह की ओर से प्रस्तुत निगरानी याचिका निरस्त कर दी है।
कुंडा के ताजपुर गांव के वादी कमलेश कुमार सिंह पीड़ित पक्षकार हैं। उन्होंने 15 फरवरी 1972 को रघुवंश कुमार देवी से जमीन का बैनामा कराया था और बैनामा की तिथि से उक्त भूमि पर बराबर काबिज है। तत्कालीन लेखपाल की भूल से बैनामे की भूमि मतरूक खाते में हो गई, जिसका मुकदमा वादी ने एसडीएम कुंडा की अदालत में दायर किया।
इसी बीच कांग्रेस की सरकार में पूर्व मंत्री रहे अरुण कुमार सिंह उर्फ मुन्ना, किरण कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह, दिनेश कुमार सिंह ने तहसील के कर्मचारियों को मिलाकर 15 मई 2001 को फर्जी आदेश से उक्त भूमि अपने नाम दर्ज करा ली। उसका अमल दरामद भी खतौनी में 10 मई 2012 को करा लिया। जानकारी होने पर वादी ने उक्त फर्जी आदेश की पत्रावली तलाश की लेकिन ऐसी कोई पत्रावली नहीं मिली।
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जांच के बाद कुंडा पुलिस की मदद से सभी आरोपियों के खिलाफ 18 अगस्त 2022 को धारा 120 बी ,420, 465 ,466 ,467 ,468 ,471, 472 का गुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपियों ने विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट में निगरानी आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय की ओर से सुनवाई के बाद उक्त निगरानी निरस्त कर दी गई। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई करने को तैयार है, ऐसे में आरोपियों को सुनवाई की तिथि पर कोर्ट पहुंचना होगा। इसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट में राज्य की ओर शासकीय अधिवक्ता हरिशंकर दुबे तथा रमेशचंद्र पांडेय ने अपना पक्ष रखा था।
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प्रतापगढ़। एमपी-एमएलए कोर्ट की अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश स्नेह लता सिंह ने जौनपुर के मछलीशहर रामनगर के पूर्व मंत्री अरुण कुमार सिंह उर्फ मुन्ना, किरण कुमार सिंह, कुंडा के ताजपुर गांव के दिनेश कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह की ओर से प्रस्तुत निगरानी याचिका निरस्त कर दी है।
कुंडा के ताजपुर गांव के वादी कमलेश कुमार सिंह पीड़ित पक्षकार हैं। उन्होंने 15 फरवरी 1972 को रघुवंश कुमार देवी से जमीन का बैनामा कराया था और बैनामा की तिथि से उक्त भूमि पर बराबर काबिज है। तत्कालीन लेखपाल की भूल से बैनामे की भूमि मतरूक खाते में हो गई, जिसका मुकदमा वादी ने एसडीएम कुंडा की अदालत में दायर किया।
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इसी बीच कांग्रेस की सरकार में पूर्व मंत्री रहे अरुण कुमार सिंह उर्फ मुन्ना, किरण कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह, दिनेश कुमार सिंह ने तहसील के कर्मचारियों को मिलाकर 15 मई 2001 को फर्जी आदेश से उक्त भूमि अपने नाम दर्ज करा ली। उसका अमल दरामद भी खतौनी में 10 मई 2012 को करा लिया। जानकारी होने पर वादी ने उक्त फर्जी आदेश की पत्रावली तलाश की लेकिन ऐसी कोई पत्रावली नहीं मिली।
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जांच के बाद कुंडा पुलिस की मदद से सभी आरोपियों के खिलाफ 18 अगस्त 2022 को धारा 120 बी ,420, 465 ,466 ,467 ,468 ,471, 472 का गुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपियों ने विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट में निगरानी आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय की ओर से सुनवाई के बाद उक्त निगरानी निरस्त कर दी गई। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई करने को तैयार है, ऐसे में आरोपियों को सुनवाई की तिथि पर कोर्ट पहुंचना होगा। इसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट में राज्य की ओर शासकीय अधिवक्ता हरिशंकर दुबे तथा रमेशचंद्र पांडेय ने अपना पक्ष रखा था।