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ड्रेनों की सफाई में खेल, बगैर सफाई हो गया भुगतान

Fri, 18 Jun 2021 11:41 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 11:41 PM IST
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Millions were paid without cleaning the drains
सिल्ट सफाई न होने से ओवर फ्लो करती मदाफरपुर ड्रेन। - फोटो : PRATAPGARH
ग्रामीण इलाकों के ड्रेनों की सफाई में सिंचाई विभाग के अफसर खेल कर रहे हैं। बरसात से पहले गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए शासन ने जिलेभर के 196 ड्रेनों की सफाई करने के लिए भारी-भरकम बजट दिया है, मगर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठगांठ से अधिकांश ड्रेनों की सफाई नहीं हुई और भुगतान कर दिया गया है।
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सिंचाई विभाग इन दिनों ठेकेदारों और अफसरों की सांठगांठ को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ग्रामीण इलाकों में बरसात का पानी निकालने के लिए ड्रेनों की सफाई करने के लिए शासन ने लगभग 3.13 करोड़ रुपये का बजट दिया था। शासन ने लगभग बीस साल बाद इन ड्रेनों की सफाई कराने का फैसला लिया था। मंशा थी कि गांव के तालाबों में जमा होने वाला पानी नदियों तक पहुंच जाएगा। लॉकडाउन से पहले सिंचाई विभाग को बजट मिला और बरसात से पहले काम पूरा कराने के लिए कहा गया था।
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सिंचाई खंड 51 और सिंचाई विभाग को ड्रेनों की सफाई करानी थी। खंड 51 को 43 ड्रेनों की सफाई के लिए 70.45 लाख रुपये दिए गए। जबकि सिंचाई विभाग 153 ड्रेनों के लिए लगभग ढाई करोड़ रुपये दिए गए हैं। मंगरौरा इलाके में सिंचाई समितियां गठित होने का फायदा उठाकर बगैर टेंडर कराए ही ड्रेनों की सफाई का कार्य कराने का दावा किया जा रहा है। आलम यह है कि अफसरों और ठेकेदारों ने जमकर बंदरबांट किया। नागापुर रजबहा के मदाफरपुर ड्रेन और सरौली ड्रेनों की सफाई नहीं होने के बाद भी भुगतान कर लिया गया है।
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जल उपभोक्ता समितियों को ढाल बनाकर हो रहा काम
सिंचाई खंड 51 में जल उपभोक्ता समितियों का गठन किया गया है। इसमें ड्रेनों और नहरों की सफाई जल उपभोक्ता समितियों को ही करानी होता है। विभागीय अधिकारी इन्हीं समितियों को ढाल बनाकर मोटी कमाई करने में जुटे हुए हैं। समितियां नाम की होती हैं, काम करने वाले विभागीय अधिकारी होते हैं।
वीडियोग्राफी में होती है मनमानी
नहरों में सिल्ट और ड्रेनों की सफाई से पहले और बाद में ठेेकेदारों को वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य किया गया है। मगर ठेेकेदार इसमें भी खेल करने से बाज नहीं आते हैं। पहले वह उस ड्रेन की वीडियोग्राफी कराते हैं, जो पूरी तरह सरपत और कटीले जंगलों से घिरी होती है और भुगतान के समय उसकी वीडियोग्राफी कराते हैं, जो पहले से साफ कराए रहते हैं।
ड्रेनों की सफाई का कार्य अभी चल रहा है, अगर किसी ड्रेन की सफाई नहीं हुई होगी, तो आप बताइए करा दी जाएगी। जो ठेकेदार कार्य पूर्ण करा चुके हैं, उनका भुगतान किया जा रहा है।

शैलेंद्र सिंह, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई खंड 51
ड्रेनों की सफाई का कार्य अभी चल रहा है। कुछ ड्रेनों में पानी नहीं है, इसलिए नहीं हो पा रहा है। सभी ड्रेनों की निगरानी करना संभव नहीं है। फिलहाल शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
अरविंद वर्मा, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग
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