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दलित बस्ती में बने मकानों को दबंगों ने जेसीबी से ढहाया
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 27 Mar 2017 11:59 PM IST
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crime news
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तीन दशकों से अधिक समय से रह रहे लोगों के दलित बस्ती में बने मकानाें को जेसीबी से ढहा दिया गया। अगले दिन बेघर हुए लोग सड़क पर उतर आए और दबंगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर लखनऊ-वाराणसी जाम कर दिया। अफसरों के आश्वासन पर करीब घंटे भर हाईवे पर से ग्रामीण जाम हटाने को राजी हुए तो जाकर यातायात बहाल हो सका। आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
लालगंज कोतवाली के गहरी गांव में वर्ष 1985 में निर्बल आवास योजना के तहत तत्कालीन ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह उर्फ नन्हे सिंह ने अनुसूचित जाति के रामसुंदर, गजाधर, राममूरत समेत दस लोगाें के लिए कालोनी का निर्माण कराया था। कालोनी का निर्माण होने के बाद इनका परिवार इसमें रहने लगा और बाद में इसे दलित बस्ती का नाम दे दिया गया। बताया जाता है कि तीन दशकों से प्रधानी राघवेंद्र सिंह के परिवार व करीबी लोगों के बीच लगातार बनी रही। वर्ष 2004 चार में किसी को जानकारी नहीं हुई और जहां कालोनी बनी थी वह जमीन राघवेंद्र सिंह के नाम दर्ज हो गई। जानकारी के आभाव में दलित बस्ती के लोग आज भी अपने घरों में रह रहे हैं। इधर करीब दो माह पहले गहरी के वर्तमान प्रधान राघवेंद्र सिंह उर्फ नन्हे सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनकी मौत के बाद जिस जमीन पर कालोनी बनी है, वह जमीन राघवेंद्र के पुत्र विष्णु सिंह के नाम वरासत में दर्ज हो गई। जमीन पर मालिकाना हक पाते ही कुछ दिनाें पहले विष्णु सिंह ने उक्त जमीन का बैनामा अपनी पत्नी शुभ्रा सिंह समेत हफीज, फौजदार खां के नाम कर दिया। आरोप है कि जमीन का बैनामा होने के बाद रविवार रात करीब नौ बजे विष्णु सिंह, फौजदार खां, असफाक व सईद जेसीबी लेकर पहुंचे और दलित बस्ती में बनी कालोनी के मकानाें को ढहाने लगे। लोगाें ने विरोध किया तो दबंगों ने उनकी पिटाई करते हुए जान से मारने की धमकी देकर शांत करा दिया।
अगले दिन सोमवार को जबरन मकान ढहाए जाने का विरोध करते हुए आक्रोशित ग्रामीण गांव के समीप से होकर गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी पर पहुंचे और दबंगई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया। सीओ अतुल कुमार सोनकर के साथ लालगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपियों पर कार्रवाई होने से पहले ग्रामीण जाम हटाने को राजी नहीं थे। इस पर सीओ ने मुकदमा दर्ज कराने का आश्वसन दिया तब जाकर ग्रामीण जाम हटाने को राजी हुए। मामले में सुनीता पत्नी रामसुंदर की तहरीर पर गहरी निवास विष्णु सिंह, राजापुर के फौजदार खां, असफाक, सईद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा व तोड़फोड़ करने, दलित उत्पीड़न व दहशत फैलाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीओ अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन के बाद दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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लालगंज कोतवाली के गहरी गांव में वर्ष 1985 में निर्बल आवास योजना के तहत तत्कालीन ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह उर्फ नन्हे सिंह ने अनुसूचित जाति के रामसुंदर, गजाधर, राममूरत समेत दस लोगाें के लिए कालोनी का निर्माण कराया था। कालोनी का निर्माण होने के बाद इनका परिवार इसमें रहने लगा और बाद में इसे दलित बस्ती का नाम दे दिया गया। बताया जाता है कि तीन दशकों से प्रधानी राघवेंद्र सिंह के परिवार व करीबी लोगों के बीच लगातार बनी रही। वर्ष 2004 चार में किसी को जानकारी नहीं हुई और जहां कालोनी बनी थी वह जमीन राघवेंद्र सिंह के नाम दर्ज हो गई। जानकारी के आभाव में दलित बस्ती के लोग आज भी अपने घरों में रह रहे हैं। इधर करीब दो माह पहले गहरी के वर्तमान प्रधान राघवेंद्र सिंह उर्फ नन्हे सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनकी मौत के बाद जिस जमीन पर कालोनी बनी है, वह जमीन राघवेंद्र के पुत्र विष्णु सिंह के नाम वरासत में दर्ज हो गई। जमीन पर मालिकाना हक पाते ही कुछ दिनाें पहले विष्णु सिंह ने उक्त जमीन का बैनामा अपनी पत्नी शुभ्रा सिंह समेत हफीज, फौजदार खां के नाम कर दिया। आरोप है कि जमीन का बैनामा होने के बाद रविवार रात करीब नौ बजे विष्णु सिंह, फौजदार खां, असफाक व सईद जेसीबी लेकर पहुंचे और दलित बस्ती में बनी कालोनी के मकानाें को ढहाने लगे। लोगाें ने विरोध किया तो दबंगों ने उनकी पिटाई करते हुए जान से मारने की धमकी देकर शांत करा दिया।
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अगले दिन सोमवार को जबरन मकान ढहाए जाने का विरोध करते हुए आक्रोशित ग्रामीण गांव के समीप से होकर गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी पर पहुंचे और दबंगई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया। सीओ अतुल कुमार सोनकर के साथ लालगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपियों पर कार्रवाई होने से पहले ग्रामीण जाम हटाने को राजी नहीं थे। इस पर सीओ ने मुकदमा दर्ज कराने का आश्वसन दिया तब जाकर ग्रामीण जाम हटाने को राजी हुए। मामले में सुनीता पत्नी रामसुंदर की तहरीर पर गहरी निवास विष्णु सिंह, राजापुर के फौजदार खां, असफाक, सईद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा व तोड़फोड़ करने, दलित उत्पीड़न व दहशत फैलाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीओ अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन के बाद दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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