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टोल फ्री नंबर से भी नहीं दूर होती समस्या
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 26 Jun 2017 11:55 PM IST
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आधे शहर की बिजली गुल
- फोटो : अमर उजाला
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शासन के निर्देश के बाद बिजली विभाग ने तार टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और फुंके ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया था। 24 घंटे की तो बात छोड़ दीजिए। सप्ताह भर बाद भी समस्या का निदान नहीं हो रहा है। हां टोल फ्री नंबर पर काल अटेंड होती है, परेशानी दर्ज की जाती है और दिक्कत दूर होने का मैसेज भी मोबाइल पर जरूर आ जाता है। ऐसे में लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
बेल्हा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाना चुनौती से कम नहीं है। यहां सबसे बड़ी समस्या जर्जर तार और ट्रांसफार्मर फुंकने की है। इससे गांव वालों को महीनों बिजली संकट से जूझना पड़ता है। इसे दुरुस्त कराने के लिए लेाग विद्युत उपकेंद्रों का चक्कर लगाकर थक जाते हैं, तब जाकर कहीं अधिकारियों के कानों में जूं रेंगती है। भाजपा की सरकार बनने के बाद बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने की मुहिम शुरू हुई। 24 घंटे में बिजली आपूर्ति अव्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। विभाग की तरफ से टोल फ्री नंबर की शुरुआत की गई। बेल्हा में विभाग द्वारा जारी टोल फ्र ी नंबर मजाक बन गया है। जिले के रानीगंज, पटटी, सदर, कुंडा क्षेत्र के कई गांवों में बिजली संकट जूझ रहे उपभोक्ता बिजली समस्या से निदान के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की परिक्रमा करने के बाद जब टोल फ्री नंबर का इस्तेमाल करते हैं तो 24 घंटे में समस्या के निदान का आश्वासन दिया जाता है। 24 घंटे के बाद मोबाइल पर विभाग की तरफ से खराबी ठीक कराए जाने का भी मैसेज आ जाता है, मगर होता कुछ नहीं है। दरअसल टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने होने के बाद सुधार का आदेश उपकेंद्र पर बैठे अधिकारियों एव कर्मचारियों को ही करना होता है। ऊपर से आदेश आने के बाद वह मौके पर पहुंचकर जल्द सुधार करने का आश्वासन देकर यहां से रिपोर्ट ओके का लगा देते हैं, जबकि स्थिति जस की तस बनी रहती है।
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बेल्हा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाना चुनौती से कम नहीं है। यहां सबसे बड़ी समस्या जर्जर तार और ट्रांसफार्मर फुंकने की है। इससे गांव वालों को महीनों बिजली संकट से जूझना पड़ता है। इसे दुरुस्त कराने के लिए लेाग विद्युत उपकेंद्रों का चक्कर लगाकर थक जाते हैं, तब जाकर कहीं अधिकारियों के कानों में जूं रेंगती है। भाजपा की सरकार बनने के बाद बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने की मुहिम शुरू हुई। 24 घंटे में बिजली आपूर्ति अव्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। विभाग की तरफ से टोल फ्री नंबर की शुरुआत की गई। बेल्हा में विभाग द्वारा जारी टोल फ्र ी नंबर मजाक बन गया है। जिले के रानीगंज, पटटी, सदर, कुंडा क्षेत्र के कई गांवों में बिजली संकट जूझ रहे उपभोक्ता बिजली समस्या से निदान के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की परिक्रमा करने के बाद जब टोल फ्री नंबर का इस्तेमाल करते हैं तो 24 घंटे में समस्या के निदान का आश्वासन दिया जाता है। 24 घंटे के बाद मोबाइल पर विभाग की तरफ से खराबी ठीक कराए जाने का भी मैसेज आ जाता है, मगर होता कुछ नहीं है। दरअसल टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने होने के बाद सुधार का आदेश उपकेंद्र पर बैठे अधिकारियों एव कर्मचारियों को ही करना होता है। ऊपर से आदेश आने के बाद वह मौके पर पहुंचकर जल्द सुधार करने का आश्वासन देकर यहां से रिपोर्ट ओके का लगा देते हैं, जबकि स्थिति जस की तस बनी रहती है।
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