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तबादले में अब नहीं काम आएगा फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:38 PM IST
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प्रतापगढ़। तबादले के लिए आवेदन करने वाले उन शिक्षकों का आवेदन निरस्त होगा, जिन्होंने फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र और जन्मतिथि बढ़ाकर इंट्री कर दिया है। ऐसे शिक्षकों का डाटा अगर विभाग के डाटा से मेल नहीं खाया, तो उसका फार्म रिजेक्ट हो जाएगा। हालांकि अभी तक किसी भी शिक्षक का फार्म रिजेक्ट नहीं किया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में तबादले के लिए आवेदन करने वाले 1,153 शिक्षकों में उन अध्यापकों का अभ्यर्थन निरस्त हो सकता है, जिन्होंने ऑनलाइन फार्म भरने में गलत सूचनाएं दी हैं। दरअसल में शासन ने बीएसए को पत्र जारी करके कहा है कि वह तबादले के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के डाटा का परीक्षण करके चार सितंबर तक विभाग सचिव को भेजें। विभाग अब ऐसे शिक्षकों का डाटा मिलाया जा रहा है, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन करने के बाद विभाग में एक प्रति विभाग में जमा किया है। विभागीय अधिकारियों को जानकारी मिली है, कुछ लोगों ने तबादले का लाभ लेने के लिए फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र और जन्मतिथि फर्जी इंट्री कर दी है।
विभाग अब उन्हीं शिक्षकों को विकलांग मानेगा, जिन्हें विकलांग भत्ता मिल रहा है। बतादें कि विभाग में काफी तादात में ऐसे शिक्षक हैं, जो फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र बनवा रखे है, वह विकलांग भत्ता तो नहीं लेते हैं, मगर ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रमोशन लेने के लिए विकलांग बन जाते हैं। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि ऐसे शिक्षकों की जांच की जा रही है, उनका आवेदन जल्द ही निरस्त किया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग में तबादले के लिए आवेदन करने वाले 1,153 शिक्षकों में उन अध्यापकों का अभ्यर्थन निरस्त हो सकता है, जिन्होंने ऑनलाइन फार्म भरने में गलत सूचनाएं दी हैं। दरअसल में शासन ने बीएसए को पत्र जारी करके कहा है कि वह तबादले के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के डाटा का परीक्षण करके चार सितंबर तक विभाग सचिव को भेजें। विभाग अब ऐसे शिक्षकों का डाटा मिलाया जा रहा है, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन करने के बाद विभाग में एक प्रति विभाग में जमा किया है। विभागीय अधिकारियों को जानकारी मिली है, कुछ लोगों ने तबादले का लाभ लेने के लिए फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र और जन्मतिथि फर्जी इंट्री कर दी है।
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विभाग अब उन्हीं शिक्षकों को विकलांग मानेगा, जिन्हें विकलांग भत्ता मिल रहा है। बतादें कि विभाग में काफी तादात में ऐसे शिक्षक हैं, जो फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र बनवा रखे है, वह विकलांग भत्ता तो नहीं लेते हैं, मगर ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रमोशन लेने के लिए विकलांग बन जाते हैं। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि ऐसे शिक्षकों की जांच की जा रही है, उनका आवेदन जल्द ही निरस्त किया जाएगा।
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