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प्रसव कराएं या आधार कार्ड दिखाएं
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:03 AM IST
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गर्भवती महिला
जिला महिला अस्पताल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भर्ती होने के लिए आने वाली प्रसव पीड़िताओं के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। अस्पताल में भर्ती होने के लिए उन्हें आधार कार्ड दिखाना होगा। महिला का आधारकार्ड न होने की दशा में उसके पति का आधारकार्ड मान्य होगा। इस फरमान से प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जिला महिला अस्पताल के साथ सीएचसी और पीएचसी में भर्ती होने वाली प्रसव पीड़िताओं के लिए आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया है। बगैर आधार कार्ड दिखाए उन्हें वार्ड में रखने पर रोक लगा दी गई है। जनपद की सभी आशा बहुओं को विभाग की ओर से निर्देश जारी किया गया है कि प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल लेकर आते समय उनका आधारकार्ड साथ में लेकर आएं। इससे प्रसव पीड़िताओं के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती महिलाओं को कुछ नहीं समझ में आता है। पीड़ा से वे परेशान रहती हैं। ऐसी दशा में उनको आधार कार्ड खोजने का मौका नहीं मिल पाता है। इससे वे बगैर आधारकार्ड अस्पताल पहुंच रही हैं। यहां स्वास्थ्य कर्मचारी आधारकार्ड मांग रहे हैं।
मरीजों की सहूलियत के नाम पर इतनी छूट जरूर दी गई है कि प्रसव पीड़िता का आधार कार्ड न होने पर पति का भी आधार कार्ड नंबर मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भर्ती करके इलाज करेगा। मगर जेएसवाई का लाभी लेते समय प्रसूता को अपना आधारकार्ड स्वास्थ्य विभाग में जमा करना होगा। सीएमएस जिला महिला अस्पताल डॉ. संतोष त्रिपाठी का कहना है कि शासन का आदेश आया है कि बीएचटी पर प्रसव पीड़िता का आधार नंबर अंकित किया जाए। इसके चलते आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। प्रसव पीड़िता के पास आधार कार्ड नहीं रहता है तो उनके पति का आधार नंबर अंकित कर दिया जा रहा है। हालांकि अभी बहुत महिलाएं आधार कार्ड लेकर नहीं आ रही है। वे प्रसव के बाद लाकर जमा कर दे रही हैं।
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शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जिला महिला अस्पताल के साथ सीएचसी और पीएचसी में भर्ती होने वाली प्रसव पीड़िताओं के लिए आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया है। बगैर आधार कार्ड दिखाए उन्हें वार्ड में रखने पर रोक लगा दी गई है। जनपद की सभी आशा बहुओं को विभाग की ओर से निर्देश जारी किया गया है कि प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल लेकर आते समय उनका आधारकार्ड साथ में लेकर आएं। इससे प्रसव पीड़िताओं के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती महिलाओं को कुछ नहीं समझ में आता है। पीड़ा से वे परेशान रहती हैं। ऐसी दशा में उनको आधार कार्ड खोजने का मौका नहीं मिल पाता है। इससे वे बगैर आधारकार्ड अस्पताल पहुंच रही हैं। यहां स्वास्थ्य कर्मचारी आधारकार्ड मांग रहे हैं।
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मरीजों की सहूलियत के नाम पर इतनी छूट जरूर दी गई है कि प्रसव पीड़िता का आधार कार्ड न होने पर पति का भी आधार कार्ड नंबर मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भर्ती करके इलाज करेगा। मगर जेएसवाई का लाभी लेते समय प्रसूता को अपना आधारकार्ड स्वास्थ्य विभाग में जमा करना होगा। सीएमएस जिला महिला अस्पताल डॉ. संतोष त्रिपाठी का कहना है कि शासन का आदेश आया है कि बीएचटी पर प्रसव पीड़िता का आधार नंबर अंकित किया जाए। इसके चलते आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। प्रसव पीड़िता के पास आधार कार्ड नहीं रहता है तो उनके पति का आधार नंबर अंकित कर दिया जा रहा है। हालांकि अभी बहुत महिलाएं आधार कार्ड लेकर नहीं आ रही है। वे प्रसव के बाद लाकर जमा कर दे रही हैं।
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