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एक अप्रैल से नहीं मिलेगा मैनुअल स्टांप
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जिले में एक अप्रैल 2021 से मैनुअल स्टांप की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। एक जनवरी से लागू हो रही ई-स्टांपिंग प्रणाली से लोग स्टांप की खरीद कर सकेंगे। अब विक्रेता ग्राहक की आवश्यकता के अनुसार स्टांप बेच सकेंगे। अब तक स्टांप विक्रेताओं को एक दिन में सिर्फ 15 हजार रुपये का स्टांप बेचने की ही छूट मिली थी।
सूबे के बदायूं जिले में स्टांप बेचकर सरकार को पांच करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले दस तहसीलदारों और दो कोषाधिकारी पर निलंबन की गाज गिरने के बाद शासन ने पूरे प्रदेश में ई-स्टांपिंग लागू करने का फैसला किया है।
जिले में ई-स्टांपिंग लागू हो गई है, मगर एक जनवरी से पूरी तरह प्रभावी होगी। हालांकि छोटे ग्राहकों को राहत देने के लिए शासन ने 31 मार्च तक का समय दिया है। स्टांप की बिक्री पहले की तरह स्टांप वेंडर ही करेंगे और उन्हें कमीशन भी पूर्व की तरह मिलेगा।
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अभी तक स्टांप वेंडर को एक दिन में सिर्फ 15 हजार रुपये का स्टांप बेचने की छूट थी, मगर अब वह ग्राहकों की आवश्यकता के अनुसार स्टांप की बिक्री कर सकेंगे। अब स्टांप लेने वाले व्य क्ति को अपनी पहचान बतानी होगी और किस प्रयोग के लिए ले रहा है, इसे भी कंप्यूटर में अंकित करना होगा।
स्टांप वेंडर आ नलाइन स्टांप निकालकर ग्राहक को देंगे और रजिस्ट्री कार्यालय में बैठे रजिस्ट्रार स्टांप के क्रमांक से उसकी असलियत परखने के बाद ही लिखापढ़ी होगी। अगर आनलाइन सत्यापन फेल होता है तो वह स्टांप रद्द कर दिया जाएगा। ई-स्टांपिंग की दिशा में पिछले दो साल से काम हो रहा है, मगर नए साल में इसे सख्ती से लागू करने की तैयारी है।
नए स्टांप का आना हुआ बंद, पुराने से चल रहा काम
महाराष्ट्र के नासिक में स्टांप छपाई का कार्य होता था। शासन ने अब स्टांप नहीं लेेने का फैसला लिया है। शासन का मानना है कि 31 मार्च तक पुराने स्टांप से काम चलाया जाए और अधिक जरूरत पड़ती है तो आनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
स्टांप वेंडरों को रखना होगा कंप्यूटर और प्रिंटर
बाक्स में स्टांप रखकर बैठने वाले वेंडरों को अब कंप्यूटर और प्रिंटर रखना होगा। ग्राहकों की मांग पर वह आनलाइन ग्राहक का नाम और पता फीड करने के बाद स्टांप का प्रिंटआउट निकालकर ग्राहक को देंगे। इससे स्टांप वेंडरों का काम के साथ ही खर्च भी बढ़ गया है।
शासन ने 31 मार्च तक मैनुअल स्टांप चलाने की अनुमति दी है, मगर जब स्टांप खत्म हो जाएगा तो ई-स्टांपिंग लोगों की मजबूरी हो जाएगी। एक जनवरी से ई-स्टांपिंग पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी।
अविनाश पांडेय, एआईजी, स्टांप
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सूबे के बदायूं जिले में स्टांप बेचकर सरकार को पांच करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले दस तहसीलदारों और दो कोषाधिकारी पर निलंबन की गाज गिरने के बाद शासन ने पूरे प्रदेश में ई-स्टांपिंग लागू करने का फैसला किया है।
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जिले में ई-स्टांपिंग लागू हो गई है, मगर एक जनवरी से पूरी तरह प्रभावी होगी। हालांकि छोटे ग्राहकों को राहत देने के लिए शासन ने 31 मार्च तक का समय दिया है। स्टांप की बिक्री पहले की तरह स्टांप वेंडर ही करेंगे और उन्हें कमीशन भी पूर्व की तरह मिलेगा।
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अभी तक स्टांप वेंडर को एक दिन में सिर्फ 15 हजार रुपये का स्टांप बेचने की छूट थी, मगर अब वह ग्राहकों की आवश्यकता के अनुसार स्टांप की बिक्री कर सकेंगे। अब स्टांप लेने वाले व्य क्ति को अपनी पहचान बतानी होगी और किस प्रयोग के लिए ले रहा है, इसे भी कंप्यूटर में अंकित करना होगा।
स्टांप वेंडर आ नलाइन स्टांप निकालकर ग्राहक को देंगे और रजिस्ट्री कार्यालय में बैठे रजिस्ट्रार स्टांप के क्रमांक से उसकी असलियत परखने के बाद ही लिखापढ़ी होगी। अगर आनलाइन सत्यापन फेल होता है तो वह स्टांप रद्द कर दिया जाएगा। ई-स्टांपिंग की दिशा में पिछले दो साल से काम हो रहा है, मगर नए साल में इसे सख्ती से लागू करने की तैयारी है।
नए स्टांप का आना हुआ बंद, पुराने से चल रहा काम
महाराष्ट्र के नासिक में स्टांप छपाई का कार्य होता था। शासन ने अब स्टांप नहीं लेेने का फैसला लिया है। शासन का मानना है कि 31 मार्च तक पुराने स्टांप से काम चलाया जाए और अधिक जरूरत पड़ती है तो आनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।
स्टांप वेंडरों को रखना होगा कंप्यूटर और प्रिंटर
बाक्स में स्टांप रखकर बैठने वाले वेंडरों को अब कंप्यूटर और प्रिंटर रखना होगा। ग्राहकों की मांग पर वह आनलाइन ग्राहक का नाम और पता फीड करने के बाद स्टांप का प्रिंटआउट निकालकर ग्राहक को देंगे। इससे स्टांप वेंडरों का काम के साथ ही खर्च भी बढ़ गया है।
शासन ने 31 मार्च तक मैनुअल स्टांप चलाने की अनुमति दी है, मगर जब स्टांप खत्म हो जाएगा तो ई-स्टांपिंग लोगों की मजबूरी हो जाएगी। एक जनवरी से ई-स्टांपिंग पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी।
अविनाश पांडेय, एआईजी, स्टांप