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Pratapgarh: साहब मैं जिंदा हूं, मुझे बहाल कर दीजिए... जब वार्ड बॉय ने सीएमओ से लगाई गुहार
Fri, 08 Jul 2022 04:40 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 08 Jul 2022 04:40 AM IST
सार
दिलीपपुर पीएचसी के वार्ड बॉय का आरोप है कि लेखपाल ने उसे व उसके भाई को मृत दिखाकर उनकी जमीन की वरासत तीन लोगों के नाम कर दी। इतना ही नहीं कुटुंब परिवार रजिस्टर में उनकी फर्जी जन्मतिथि अंकित कर दी। जिसके चलते उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिलीपपुर पीएचसी में तैनात वार्ड बॉय प्रेमनाथ मिश्र व उनके भाई को लेखपाल व कानूनगो ने मृत दिखाते हुए उनकी जमीन की वरासत तीन लोगों के नाम कर दी। पीड़ित ने जब दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तो कुटुंब रजिस्टर में जन्मतिथि ही बदल दी। अलग-अलग जन्मतिथि होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। बृहस्पतिवार को उन्होंने नवागत सीएमओ जीएम शुक्ला से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई।
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नगर कोतवाली के पूर्वी सहोदरपुर निवासी प्रेमनाथ मिश्र दिलीपपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय के पद पर तैनात हैं। उनका आरोप है कि हल्का लेखपाल राम सिंह और कानूनगो राहुल सिंह ने उन्हें और उनके भाई तारकेश्वरनाथ मिश्र को वर्ष 2019 में मृत घोषित करते हुए सरायबहेलिया गांव के तीन लोगों के नाम उनकी जमीन की वरासत कर दी। इसकी जानकारी होने पर दोनों भाई परेशान हो गए। बड़े भाई तारकेश्वरनाथ मिश्र ने आरोपी लेखपाल और कानूनगो समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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इससे नाराज लेखपाल ने कुटुंब परिवार रजिस्टर में उनकी फर्जी जन्मतिथि अंकित कर दी। इसके बाद कुटुंब परिवार रजिस्टर की नकल और उनकी मार्कशीट में अलग-अलग जन्मतिथि होने का दावा करते हुए सीएमओ से शिकायत की। इस पर तत्कालीन सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने दो जगह अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर 29 जून को उन्हें सस्पेंड कर दिया। वह लगातार अपनी बात कहते रहे, लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार दोपहर प्रेमनाथ ने सीएमओ से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाई। सीएमओ ने उन्हें मामले की जांच कराकर उन्हें बहाल करने का आश्वासन दिया।
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