फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Last rites performed during the third day among dry tears

सूखे आंसुओं के बीच तीसरे दिन अधिवक्ता का हुआ अंतिम संस्कार

Thu, 18 Jul 2019 12:09 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
Last rites performed during the third day among dry tears
महेशगंज थाने के कलिकापुर ढिंगौसी में अधिवक्ता ओम मिश्रा के घर जुटी रही भीड़। - फोटो : PRATAPGARH
सूखे आंसुओं के बीच तीसरे दिन अधिवक्ता का हुआ अंतिम संस्कार
विज्ञापन

पत्नी रोते हुए हो गई बेहोश, प्रशासन ने ली राहत की सांस
सोमवार को हुई थी गोली मारकर हत्या, दो दिनों तक शव घर पर ही था रखा
जेठवारा/डेरवा। सूखे आंसुओं के बीच तीसरे दिन बुधवार को अधिवक्ता व विहिप जिलाध्यक्ष ओम मिश्र के शव का अंतिम संस्कार हो सका। घर से शव अंतिम संस्कार के लिए निकालते समय पत्नी रोते हुए बेहोश हो गई। सुरक्षा के बीच शव को श्रृंग्वेरपुर घाट ले जाया गया। अंतिम संस्कार होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विहिप जिलाध्यक्ष व अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या के बाद आक्रोशित परिजन व ग्रामीण शव को घर उठा ले गए थे। प्रशासनिक अमले की बातचीत बेनतीजा रही। जिसके चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। घरवाले सीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। यहां तक कि भाजपा नेताओं के साथ प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह को बैरंग लौटना पड़ा। शाम को परिजन शव लेकर कचहरी पहुंचे। जहां मांगों को पूरा करते हुए जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने मृतक अधिवक्ता के चारों भाइयों को असलहों का लाइसेंस तत्काल जारी किया। पंद्रह लाख रुपये व सांसद विनोद सोनकर ने अपनी निधि से ओम के इंटर कालेज में पांच लाख की लागत से कक्ष बनाने के लिए धनराशि देने की बात कही। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जिसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। आधी रात को पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले जाया गया। वहां से बुधवार की सुबह पुलिस सुरक्षा के बीच शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। तीन दिन से लगातार परिजन शव को देखते ही रोते बिलखते रहे। सूखे आंसुओं के बीच परिजनों ने अंतिम विदाई दी। शव का अंतिम संस्कार होने की खबर मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन

बेटा, पापा अब कभी लौटकर नहीं आएंगे
बुधवार को अधिवक्ता ओम मिश्र के शव को अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया जा रहा था। अंतिम विदाई देने के लिए परिवार के लोगों के साथ ही रिश्तेदार भी रोते बिलखते रहे। इस बीच दोनों बेटों को गले से लिपटाकर रोते हुए पत्नी नीलम ने कहा कि बेटा, पापा अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। यह सुनते ही वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

शव देखने के बाद हर किसी का चेहरा गुस्से से लाल
बुधवार को अधिवक्ता ओम मिश्र का शव देखने के बाद हर किसी का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता रहा। सिर व सीने में लगी गोली के घाव देखकर हर कोई आक्रोशित होकर हत्यारों को कोसने लगता। मासूम बच्चों के साथ ही पत्नी पर नजर पड़ते ही लोग उनके भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई पड़ते।

महेशगंज थाने के कलिकापुर ढिंगौसी में अधिवक्ता ओम मिश्रा का शव अंतिम संस्कार को ले जाते परिजन।

महेशगंज थाने के कलिकापुर ढिंगौसी में अधिवक्ता ओम मिश्रा का शव अंतिम संस्कार को ले जाते परिजन।- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed