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रामपुर ख्ाास में अंध्ाेर, समस्याओं का ढेर
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Tue, 07 Apr 2015 11:15 PM IST
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जनपद की सात विधानसभाओं में रामपुर खास विधानसभा सबसे छोटी मानी जाती है। उपचुनाव में विजयी विधायक आराधना मिश्रा मोना भले ही अपनी पूरी निधि खर्च कर चुकी हों लेकिन गांवों की सड़कें यह बता रही हैं कि उनकी तरफ नजर नहीं पहुंची है। वे पहले की तरह ही बदहाल हैं। नाली न होने से लालगंज कस्बे में पानी भर जाता है और सड़क साल भर में ही ध्वस्त हो जाती है। इसके अलावा बिजली गंदगी की समस्याओं से लोग परेशान हैं।
वर्ष 2012 में नौंवी बार कांग्रेस पार्टी से विधायक बने प्रमोद तिवारी वर्ष 2014 में राज्यसभा सदस्य चुने गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनकी बेटी आराधना मिश्रा विधान सभा पहुंची। चुनाव के दौरान मोना ने जनता से गांवों को समस्याओं से मुक्त कराने का वादा किया था। मगर लगभग एक वर्ष बीतने को है। विधायक का वादा अभी पूरा नहीं हो सका है। खास तौर से गांव और मजरों की समस्याएं जस की तस हैं। प्रमोद तिवारी विधायक की बेटी होने के नाते क्षेत्र के लोगों को इनसे और अपेक्षाएं भी है।
गांवों की सड़कों की दुर्दशा देखने पर लगता है कि अभी बहुत काम होना बाकी है। इलाके के समसपुर से बेनीपुर, घुइसरनाथ हाईवे से बरीबोझ, बोधी का पुरवा से बभनपुर, लालगंज से लालूपुर, धधुआगाजन के पास 132 केवीए पावरहाउस से पूरेवंशी, रामपुर बावली से जूड़ापुर आदि ऐसे मार्ग हैं जिनका निर्माण बहुत पहले हुआ था। आज आलम यह है कि पक्की सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। इन पर वाहन से तो दूर पैदल चलना भी जोखिम भरा होता है। गांवों की दूसरी प्रमुख समस्या बिजली की है। विधायक ने उपचुनाव के दौरान घर-घर बिजली पहुंचाने को वादा किया था। मगर कई गांवों में आज भी लोग बल्ली के सहारे केबिल घरों तक ले गए हैं। गांव तो छोड़िए बड़े बाजारों में जलनिकासी की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ता है। नालियां तो बनीं लेकिन उसका सदुपयोग नहीं हो रहा। लोग सोच रहे हैं कि जनता से किए गए वादे विधायक कब तक पूरा करेंगी। रामपुर खास विधानसभा में भी रोजगार का कोई साधन नहीं है। बेरोजगारों को दूसरे प्रांतों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इलाके में उद्योग या कारखाना न होने के चलते गांवों से युवा दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों में जाकर जीवन यापन के लिए मेहनत करने को मजबूर हैं। लोगों की मानें तो क्षेत्र में एक कारखाने की बहुत दरकार है।
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रामपुर खास की विधायक आराधना मिश्रा मोना का दावा है कि साल भर में यहां बहुत सी विकास परियोजनाएं लागू कराई गईं। लालगंज कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिलाना सबसे बड़ी उपलब्धि है।पूरेजोधा, पूरेनोती, राहाटीकर में नई पीएचसी की स्थापना, रानीगंज कैथौला पीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण, गुलरिहा घाट पर सई नदी पर नए पुल की स्वीकृ ति, 8 करोड़ से बनने वाले अठेहा-गौरीगंज सीमा तक का हाईवे, सांगीपुर व लालगंज में 1 करोड़ 87 लाख और 1 करोड़ 74 लाख की लागत की त्वरित विकास की सड़कें, पूर्वांचल राज्यांश से 3 करोड़ 97 लाख की लागत की चार सड़कें मंजूर कराई गईं। सरयू समाज संस्थान के तहत रामपुर खास के गरीबों के लिए नेत्र शिविर व इलाहाबाद तथा लखनऊ में मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था भी कराई जाती है। विधायक का कहना है निधि का तीन चौथाई हिस्सा क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने में लगाया गया है। बाकी धनराशि सोलर लाइट व हैंडपंप के लिए दी गई है।
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वर्ष 2012 में नौंवी बार कांग्रेस पार्टी से विधायक बने प्रमोद तिवारी वर्ष 2014 में राज्यसभा सदस्य चुने गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनकी बेटी आराधना मिश्रा विधान सभा पहुंची। चुनाव के दौरान मोना ने जनता से गांवों को समस्याओं से मुक्त कराने का वादा किया था। मगर लगभग एक वर्ष बीतने को है। विधायक का वादा अभी पूरा नहीं हो सका है। खास तौर से गांव और मजरों की समस्याएं जस की तस हैं। प्रमोद तिवारी विधायक की बेटी होने के नाते क्षेत्र के लोगों को इनसे और अपेक्षाएं भी है।
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गांवों की सड़कों की दुर्दशा देखने पर लगता है कि अभी बहुत काम होना बाकी है। इलाके के समसपुर से बेनीपुर, घुइसरनाथ हाईवे से बरीबोझ, बोधी का पुरवा से बभनपुर, लालगंज से लालूपुर, धधुआगाजन के पास 132 केवीए पावरहाउस से पूरेवंशी, रामपुर बावली से जूड़ापुर आदि ऐसे मार्ग हैं जिनका निर्माण बहुत पहले हुआ था। आज आलम यह है कि पक्की सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। इन पर वाहन से तो दूर पैदल चलना भी जोखिम भरा होता है। गांवों की दूसरी प्रमुख समस्या बिजली की है। विधायक ने उपचुनाव के दौरान घर-घर बिजली पहुंचाने को वादा किया था। मगर कई गांवों में आज भी लोग बल्ली के सहारे केबिल घरों तक ले गए हैं। गांव तो छोड़िए बड़े बाजारों में जलनिकासी की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ता है। नालियां तो बनीं लेकिन उसका सदुपयोग नहीं हो रहा। लोग सोच रहे हैं कि जनता से किए गए वादे विधायक कब तक पूरा करेंगी। रामपुर खास विधानसभा में भी रोजगार का कोई साधन नहीं है। बेरोजगारों को दूसरे प्रांतों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इलाके में उद्योग या कारखाना न होने के चलते गांवों से युवा दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों में जाकर जीवन यापन के लिए मेहनत करने को मजबूर हैं। लोगों की मानें तो क्षेत्र में एक कारखाने की बहुत दरकार है।
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रामपुर खास की विधायक आराधना मिश्रा मोना का दावा है कि साल भर में यहां बहुत सी विकास परियोजनाएं लागू कराई गईं। लालगंज कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिलाना सबसे बड़ी उपलब्धि है।पूरेजोधा, पूरेनोती, राहाटीकर में नई पीएचसी की स्थापना, रानीगंज कैथौला पीएचसी का सीएचसी में उच्चीकरण, गुलरिहा घाट पर सई नदी पर नए पुल की स्वीकृ ति, 8 करोड़ से बनने वाले अठेहा-गौरीगंज सीमा तक का हाईवे, सांगीपुर व लालगंज में 1 करोड़ 87 लाख और 1 करोड़ 74 लाख की लागत की त्वरित विकास की सड़कें, पूर्वांचल राज्यांश से 3 करोड़ 97 लाख की लागत की चार सड़कें मंजूर कराई गईं। सरयू समाज संस्थान के तहत रामपुर खास के गरीबों के लिए नेत्र शिविर व इलाहाबाद तथा लखनऊ में मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था भी कराई जाती है। विधायक का कहना है निधि का तीन चौथाई हिस्सा क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने में लगाया गया है। बाकी धनराशि सोलर लाइट व हैंडपंप के लिए दी गई है।