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वहां बच्चे मरे, यहां गोद में लेकर भटक रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
- फोटो : pratapgarh
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दो दिन पहले ऑक्सीजन न मिलने से रिटायर दरोगा के पांच घंटे तक तड़पने का मामला सामने आया था तो रविवार को एक युवक स्ट्रेचर न मिलने से अपनी बीमार बहन को मेडिकल वार्ड से गोद में उठाकर बाहर वाहन तक ले आया। ऐसा तब हुआ जब शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन न मिलने से 60 लोगों की मौत के मामले की जांच कर रहे थे। उधर, स्वास्थ्य विभाग स्ट्रेचर न मिलने की बात से इनकार कर रहा है।
जेठवारा थाना के मुरियामऊ निवासी सुधा यादव (35) पत्नी जयप्रकाश की तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। सुधा के भाई का आरोप है कि वह स्टाफ नर्स से स्ट्रेचर की मांग करता रहा, लेकिन उसने स्ट्रेचर न होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इससे वह परेशान था। सुधा की हालत बिगड़ती जा रही थी। वह बहन सुधा को गोद में उठाकर किसी तरह दो मंजिला पर स्थित मेडिकल वार्ड से बाहर अपने वाहन तक पहुंचा। फिर सुधा को इलाहाबाद ले जाया गया। इस बारे में बात करने के लिए प्रभारी सीएमएस डा. प्रेममोहन गुप्ता को कई बार फोन मिलाया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की।
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जेठवारा थाना के मुरियामऊ निवासी सुधा यादव (35) पत्नी जयप्रकाश की तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। सुधा के भाई का आरोप है कि वह स्टाफ नर्स से स्ट्रेचर की मांग करता रहा, लेकिन उसने स्ट्रेचर न होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इससे वह परेशान था। सुधा की हालत बिगड़ती जा रही थी। वह बहन सुधा को गोद में उठाकर किसी तरह दो मंजिला पर स्थित मेडिकल वार्ड से बाहर अपने वाहन तक पहुंचा। फिर सुधा को इलाहाबाद ले जाया गया। इस बारे में बात करने के लिए प्रभारी सीएमएस डा. प्रेममोहन गुप्ता को कई बार फोन मिलाया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की।
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