{"_id":"66d74ee740ae9ffee705a7e0","slug":"irregularities-in-payments-under-abhudaya-yojana-investigation-begins-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1005-123832-2024-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: अभ्युदय योजना में भुगतान में अनियमितता, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: अभ्युदय योजना में भुगतान में अनियमितता, जांच शुरू
विज्ञापन
अभ्युदय योजना में लेक्चर के भुगतान में अनियमितता की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि भुगतान में करीब दो लाख रुपये की गड़बड़ी समन्वयक ने की है। अनियमित भुगतान की शिकायत के बाद जांच की कार्रवाई शुरू हो गई।
एमडीपीजी कॉलेज में वर्ष 2023 में अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया था। अपर अर्थ एवं संख्याधिकारी शक्तिपाल सिंह को कोर्स समन्वयक नियुक्त किया गया। समन्वयक के प्रस्ताव पर 139 लेक्चर के लिए 2.78 लाख रुपये का भुगतान शासन की ओर से किया गया।
प्रति लेक्चर पर दो हजार रुपये जारी किया गया। शासनादेश के अनुसार मानदेय भुगतान के लिए कार्मिक विभाग द्वारा निर्धारित दर से मानदेय के भुगतान का प्रावधान किया गया है। कार्मिक विभाग के अनुसार शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रति लेक्चर के लिए 500 रुपये का भुगतान किया जाता है।
विज्ञापन
जबकि अभ्युदय कोचिंग के लिए शासन के नियम के विपरीत करीब 2,08,500 का अधिक भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद जांच के लिए समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया गया है। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र मौर्य ने बताया कि शिकायत की जांच के लिए निर्देश मिला है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
एमडीपीजी कॉलेज में वर्ष 2023 में अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया था। अपर अर्थ एवं संख्याधिकारी शक्तिपाल सिंह को कोर्स समन्वयक नियुक्त किया गया। समन्वयक के प्रस्ताव पर 139 लेक्चर के लिए 2.78 लाख रुपये का भुगतान शासन की ओर से किया गया।
विज्ञापन
प्रति लेक्चर पर दो हजार रुपये जारी किया गया। शासनादेश के अनुसार मानदेय भुगतान के लिए कार्मिक विभाग द्वारा निर्धारित दर से मानदेय के भुगतान का प्रावधान किया गया है। कार्मिक विभाग के अनुसार शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रति लेक्चर के लिए 500 रुपये का भुगतान किया जाता है।
विज्ञापन
जबकि अभ्युदय कोचिंग के लिए शासन के नियम के विपरीत करीब 2,08,500 का अधिक भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद जांच के लिए समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया गया है। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र मौर्य ने बताया कि शिकायत की जांच के लिए निर्देश मिला है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।