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राशिद की वतन वापसी के लिए शुरू हुई पहल
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:39 AM IST
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सउदी अरब के रियाद शहर में फंसे राशिद की वतन वापसी के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। शनिवार को राशिद की वतन वापसी को लेकर उसके परिजनों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उधर, एलांयस क्लब ने इस मामले में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर उसकी घर वापसी में सरकार के हस्तक्षेप की मांग की है।
मानधाता थाना क्षेत्र के अमैयामऊ राशिद अली 20 जुलाई 2013 को मुंबई से मिले वीजा पर कमाने के लिए सउदी अरब के रियाद शहर गया था। राशिद की मानें तो जिस वीजे पर वह वाहन चलाने गया था, वहां डेढ़ साल तक काम किया, लेकिन वादे के मुताबिक तनख्वाह नहीं मिलती थी। जिसके बाद वह कफील की मर्जी से दूसरी जगह नौकरी करने चला गया। वहां भी काम करता रहा, सितंबर में घर जाने की बात कही तो कफील ने कहा कि नवंबर में चले जाना। जब राशिद के घर जाने का समय आया तो कफील मुकर गया। उसने उसका एकामा (एग्रीमेंट)जमा करा लिया। चार महीने तक सेलरी भी नहीं दी गई। इतना ही नहीं गाड़ी का जुर्माना होने पर उसकी तनख्वाह से दोगुने की कटौती की जाती रही। कफील ने हिन्दुस्तान के दूतावास में गलत सूचना दी थी कि वह चार महीने से गायब है। मौजूदा समय में राशिद के पास खाने के लिए भी रुपये नहीं बचे हैं। परिवार के लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर राशिद की घर वापसी के लिए कदम उठाने की मांग की। डीएम ने उनकी बात सुनने के बाद विदेश मंत्रालय से जानकारी कर मदद का भरोसा दिलाया। वहीं एलायंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गर्वनर रोशनलाल ऊमरवैश्य ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है।
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मानधाता थाना क्षेत्र के अमैयामऊ राशिद अली 20 जुलाई 2013 को मुंबई से मिले वीजा पर कमाने के लिए सउदी अरब के रियाद शहर गया था। राशिद की मानें तो जिस वीजे पर वह वाहन चलाने गया था, वहां डेढ़ साल तक काम किया, लेकिन वादे के मुताबिक तनख्वाह नहीं मिलती थी। जिसके बाद वह कफील की मर्जी से दूसरी जगह नौकरी करने चला गया। वहां भी काम करता रहा, सितंबर में घर जाने की बात कही तो कफील ने कहा कि नवंबर में चले जाना। जब राशिद के घर जाने का समय आया तो कफील मुकर गया। उसने उसका एकामा (एग्रीमेंट)जमा करा लिया। चार महीने तक सेलरी भी नहीं दी गई। इतना ही नहीं गाड़ी का जुर्माना होने पर उसकी तनख्वाह से दोगुने की कटौती की जाती रही। कफील ने हिन्दुस्तान के दूतावास में गलत सूचना दी थी कि वह चार महीने से गायब है। मौजूदा समय में राशिद के पास खाने के लिए भी रुपये नहीं बचे हैं। परिवार के लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर राशिद की घर वापसी के लिए कदम उठाने की मांग की। डीएम ने उनकी बात सुनने के बाद विदेश मंत्रालय से जानकारी कर मदद का भरोसा दिलाया। वहीं एलायंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गर्वनर रोशनलाल ऊमरवैश्य ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है।
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