प्रयागराज में वारदात : डीजे पर नाचने के दौरान युवक की होली मारकर हत्या, आरोपी सेना के भगोड़े को किया अधरा
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के चकराअलीपुर गांव के रहने वाले शीतला प्रसाद सिंह के घर बुधवार को प्रतापगढ़ जनपद के मांधाता थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव से बारात आई थी। उनकी बेटी चांदनी की शादी थी। रात करीब 11 बजे जैसे ही बारात द्वारचार के लिए पहुंची, हर्ष फायरिंग होने लगी। डीजे की धुन पर नाचने को लेकर बारात में आए दो लोगों के बीच कहासुनी हो गई।
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फूलपुर के चकराअलीपुर गांव में बुधवार की रात बारात में हर्ष फायरिंग के दौरान विवाद हो गया। सेना के जवान सुभाष उर्फ लल्ला सिंह ने एक के बाद एक चार गोलियां मारकर बारात में आए जीतेंद्र सिंह की हत्या कर दी। डीजे की धुन पर नाचने के दौरान सुभाष का जीतेंद्र से विवाद हो गया था। बाद में भीड़ ने सुभाष की भी जमकर पिटाई कर दी। उसे गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के चकराअलीपुर गांव के रहने वाले शीतला प्रसाद सिंह के घर बुधवार को प्रतापगढ़ जनपद के मांधाता थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव से बारात आई थी। उनकी बेटी चांदनी की शादी थी। रात करीब 11 बजे जैसे ही बारात द्वारचार के लिए पहुंची, हर्ष फायरिंग होने लगी। डीजे की धुन पर नाचने को लेकर बारात में आए दो लोगों के बीच कहासुनी हो गई। बारात में आया सेना का जवान सुभाष सिंह उर्फ लल्ला तैश में आ गया। उसने फायरिंग शुरू कर दी।
बारात में आए जीतेंद्र सिंह उर्फ भीम को कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलते ही बारात में अफरातफरी मच गई। एक और बाराती भी घायल हो गया। घटना से गुस्साए लोगों ने फायरिंग करने वाले सुभाष उर्फ लल्ला सिंह को दौड़ाकर पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर अधमरा कर दिया।
सुभाष सिंह को प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होते देख डाक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया है। सूचना पर पहुंची फूलपुर पुलिस कार्रवाई में जुट गई। कोतवाली प्रभारी अमित राय का कहना है कि जीतेंद्र सिंह के भाई की तहरीर पर आरोपी सुभाष उर्फ लल्ला सिंह निवासी गाजीपुर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
पोस्टमार्टम के दौरान शरीर में मिलीं चार गोलियां
प्रयागराज। फूलपुर में बारात के दौरान मारे गए जीतेंद्र सिंह का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान उसके शरीर से चार गोलियां निकलीं। साफ था कि यह मामला हर्ष फायरिंग का नहीं बल्कि हत्या का है। पता चला है कि जीतेंद्र और सुभाष सिंह के बीच पहले ही से तनातनी चल रही थी। बारात में डीजे पर नाचने के दौरान दोनों फिर आमने सामने आ गए। तैश में आकर सुभाष ने गोली चला दी। बारातियों ने ही बताया कि सुभाष सिंह पिछले कई सालों से ड्यूटी पर नहीं जा रहा है। इस कारण सेना ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है। हालांकि इस बात की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
सेना का भगोड़ा है आरोपी सुभाष
वर्चस्व को लेकर छिड़ी जंग में सुभाष बदला लेने का मौका खोज रहा था। जबकि मृतक जितेंद्र उर्फ भीम सब कुछ भूल चुका था। द्वारचार के दौरान सुभाष व जितेंद्र एक साथ डांस कर रहे थे। किसी को यह नहीं पता था कि सुभाष के मन में क्या चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सुभाष सेना का भगोड़ा है। नौकरी से बर्खास्तगी के बाद वह घर पर ही रहता था। छोटी सी बात पर भी उसे गुस्सा आ जाता था।
20 घंटे तक परिजनों को नहीं दी गई मौत की जानकारी
मानधाता थाना क्षेत्र के हरखपुर निवासी जितेंद्र उर्फ भीम सिंह की जौनपुर में हत्या की खबर परिवारवालों से 20 घंटे तक छिपाकर रखी गई। केवल भीम के पिता को घटना की जानकारी थी। रात में घटना की जानकारी मिलते ही वह जौनपुर के लिए रवाना हो गए। शव पहुंचने से एक घंटे पहले तक परिवार के सदस्य हर दिन की तरह अपने काम-काज में व्यस्त थे। भीम सिंह के तीन भाई दीपू सिंह, अर्जुन सिंह और रुद्रप्रताप सिंह हैं। शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। हर कोई मृतक के पिता पर जानकारी छिपाने के लिए नाराजगी दिखाता रहा।