प्रतापगढ़ : शराब माफिया का मकान जमींदोज, जेसीबी लगाकर ढाई घंटे तक गिराया गया मकान
आरोपी राजा पाल के नवनिर्मित गोदाम से शनिवार को 38 ड्रम स्प्रिट बरामद किया गया था। पुलिस ने रातोंरात जेसीबी लगाकर आरोपी का घर धराशायी कर दिया। इस कार्रवाई से गांव में अफरातफरी का माहौल रहा।
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सरायजमुनी में 38 ड्रम स्प्रिट बरामदगी के मामले में पुलिस ने शराब माफिया राजा पाल समेत चार लोगों के खिलाफ शनिवार रात केस दर्ज कर लिया। रातोंरात शराब माफिया का मकान जेसीबी लगाकर ढाई घंटे के भीतर जमींदोज करा दिया गया। आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह निर्माणाधीन मकान खंडहर में तब्दील देख हर कोई हैरत में पड़ गया। उधर, प्रशासनिक अमला इस कार्रवाई से इनकार कर रहा है।
रानीगंज थाना क्षेत्र के रामापुर हथौड़ा सराय निवासी राजा पाल पहले भी अवैध शराब के कारोबार में जेल जा चुका था। वह रानीगंज थाना क्षेत्र के सरायजमुनी में मकान का निर्माण करा रहा था। मकान के ऊपरी हिस्से में दुकान के नीचे तहखाना बना था। जहां से शनिवार को आबकारी विभाग की टीम के साथ ही स्थानीय पुलिस ने लाखों रुपये की 38 ड्रम स्प्रिट बरामद की थी। स्प्रिट अवैध शराब बनाने के लिए छिपाकर रखी गई थी।
देर रात रानीगंज थानाध्यक्ष अनिल पांडेय की तहरीर पर तहरीर पर राजेंद्र पाल उर्फ राजा पाल टन्ने, कमलेश, पिंटू उर्फ जीतेंद्र और सुरेंद्र कुमार निवासी रामापुर हथौड़ा सराय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आधी रात के बाद सरायजमुनी स्थित राजापाल के निर्माणाधीन मकान को जेसीबी लगाकर ढाई घंटे के भीतर जमींदोज करा दिया गया। रविवार की सुबह निर्माणाधीन मकान खंडहर में तब्दील देख हर कोई हैरत में पड़ गया।
राजा पाल की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश
ग्रामीणों के अनुसार, मकान प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर गिराया गया। जबकि पुलिस व तहसील प्रशासन कार्रवाई से इनकार कर रहा है। रानीगंज सीओ अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शराब माफिया राजा पाल की तलाश में प्रयागराज व जौनपुर में दबिश दी गई। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले वह अपना ठिकाना बदल चुका था। मकान किसने गिराया, इसकी जानकारी नहीं है। किसी ने कोई शिकायत भी नहीं की है।
मुंबई समेत कई महानगरों में बना रखा है ठिकाना
फतनपुर थाना क्षेत्र के रामापुर हथौड़ा सराय निवासी राजेंद्र पाल उर्फ राजा पाल के पिता के नाम से दमदम में देशी शराब की लाइसेंसी दुकान है। पुलिस के अनुसार, अवैध शराब के कारोबार में काफी दिनों से राजा पाल सक्रिय था। उसका कारोबार प्रयागराज से संचालित होता था। अवैध शराब की कमाई से राजा पाल ने मुंबई समेत कई महानगरों में आशियाना बना रखा है। पुलिस उसकी संपत्ति खंगाल रही है।
सरायजमुनी में डेढ़ साल से चल रहा था अवैध शराब का कारोबार
शनिवार को पुलिस व आबकारी विभाग की कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बनाने के लिए राजापाल के निर्माणाधीन मकान के तहखाने से 38 ड्रम स्प्रिट की बरामदगी को लेकर ग्रामीण भी हैरत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ साल से राजा पाल व उसके साथियों का आना-जाना लगा रहता था। रात में वाहन लगातार आते-जाते रहते थे, मगर कोई अवैध कारोबार के बारे में नहीं जानता था। सवाल यह उठ रहा है कि शराब माफिया के रूप में चिह्नित राजा पाल के क्रियाकलाप की भनक पुलिस व आबकारी विभाग को नहीं थी।
सरायजमुनी की कार्रवाई को लेकर छिड़ी रार
रानीगंज के सरायजमुनी में शराब माफिया राजा पाल के निर्माणाधीन मकान से अवैध शराब बनाने के लिए रखी गई स्प्रिट बरामदगी को लेकर दो शराब कारोबारी भी अब आमने-सामने आ रहे हैं। चर्चाओं पर यकीन करें तो कनेवरा में देशी शराब की दुकान में स्प्रिट बरामदगी के बाद शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने ही राजापाल के नए ठिकाने के बारे में पुलिस व आबकारी विभाग को जानकारी दी थी। ताकि उसके साम्राज्य पर भी पुलिस व आबकारी विभाग शिकंजा कस सके। अब राजा पाल पुलिस की मुखबिरी करने वाले को अपना दुश्मन मानने लगा है। राजा पाल अवैध शराब का कारोबार प्रयागराज में ही करता है। उनके बीच जुबानी जंग भी छिड़ गई है। हालांकि पुलिस इन बातों से इनकार कर रही है।