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उदय प्रताप को किया गया हाउस अरेस्ट
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:10 AM IST
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शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम के दिन हनुमान मंदिर में प्रशासन ने भंडारा नहीं होने दिया। मंदिर को पुलिस ने चारों तरफ से घेर रखा था। पुलिस ने आशंका के तहत राजा उदय प्रताप सिंह को हाउस अरेस्ट कर लिया। मंदिर जाने वाले हर रास्ते की नाकेबंदी कर दी गई थी। भंडारा न होने पर ताजिया का जुलूस निकला। शेखपुर में ताजिया उठने की सूचना पर ताजियेदार कर्बला के लिए रवाना हुए।
कुंडा के शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर में होने वाले भंडारे को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी। पूर्व से ही इसकी तैयारी की जा रही थी। हाईकोर्ट में भंडारे के लिए मांगी गई अनुमति से संबंधित पत्र को निस्तारित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के पास भेजा गया था। जिला मजिस्ट्रेट ने इसे एसडीएम कुंडा के पास भेज दिया। एसडीएम कुंडा ने सांप्रदायिक सौहार्र्द का हवाला देते हुए 30 सितंबर से 16 नवंबर तक के लिए भंडारे को निषिद्ध घोषित कर दिया।
इतना होने के बाद भी प्रशासन को भंडारा न होने का विश्वास नहीं हुआ। इसके बाद जहां पुलिस प्रशासन राजा उदय प्रताप के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चालान करता रहा वहीं तहसील प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्र्द बिगड़ने का हवाला देते हुए राजा उदय प्रताप सिंह पर अपने आवास से बाहर निकलने पर रोक लगा दी। उनकी कोठी के चारों तरफ पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। हालांकि राजा उदय प्रताप ने कोर्ट का सम्मान करते हुए इसे मान लिया था। वहीं मंदिर में भी मंगलवार को दोपहर बाद से पहरा बैठा दिया गया। इसका असर यह रहा कि भंडारा नहीं हुआ और शेखपुर से ताजिया निकाला गया। इस ताजिया के उठने के बाद कुंडा क्षेत्र के सभी ताजिए उठे। डीएम-एसपी के साथ सारे अधिकारी कुंडा में ही भ्रमण करते रहे।
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कुंडा के शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर में होने वाले भंडारे को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी। पूर्व से ही इसकी तैयारी की जा रही थी। हाईकोर्ट में भंडारे के लिए मांगी गई अनुमति से संबंधित पत्र को निस्तारित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के पास भेजा गया था। जिला मजिस्ट्रेट ने इसे एसडीएम कुंडा के पास भेज दिया। एसडीएम कुंडा ने सांप्रदायिक सौहार्र्द का हवाला देते हुए 30 सितंबर से 16 नवंबर तक के लिए भंडारे को निषिद्ध घोषित कर दिया।
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इतना होने के बाद भी प्रशासन को भंडारा न होने का विश्वास नहीं हुआ। इसके बाद जहां पुलिस प्रशासन राजा उदय प्रताप के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चालान करता रहा वहीं तहसील प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्र्द बिगड़ने का हवाला देते हुए राजा उदय प्रताप सिंह पर अपने आवास से बाहर निकलने पर रोक लगा दी। उनकी कोठी के चारों तरफ पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। हालांकि राजा उदय प्रताप ने कोर्ट का सम्मान करते हुए इसे मान लिया था। वहीं मंदिर में भी मंगलवार को दोपहर बाद से पहरा बैठा दिया गया। इसका असर यह रहा कि भंडारा नहीं हुआ और शेखपुर से ताजिया निकाला गया। इस ताजिया के उठने के बाद कुंडा क्षेत्र के सभी ताजिए उठे। डीएम-एसपी के साथ सारे अधिकारी कुंडा में ही भ्रमण करते रहे।
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