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अस्पतालों में सुविधा नहीं, फोन से विशेषज्ञों से पूछकर करेंगे इलाज
Mon, 17 Dec 2018 12:50 AM IST
दुर्गेश pandey
pratapgarh
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Published by: दुर्गेश pandey
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:50 AM IST
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health
- फोटो : Pixabay
जनपद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सहूलियत के नाम पर कुछ भी नहीं है। डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी है। सही से जांच और इलाज तक नहीं हो पाती है। मगर अब एक जनवरी से स्वास्थ्य विभाग ने टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी के जरिए इलाज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
जिले के सरकारी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। सीएचसी-पीएचसी तो दूर जिला व महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड तक की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सीएचसी अथवा पीएचसी में महज सर्दी-जुकाम और बुखार या फिर डायरिया से पीड़ित मरीज जाते हैं। जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है, उनके परिजन उन्हें लेकर किसी विशेषज्ञ के पास पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। दो फिजिशियन, दो बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही हुई है। ह्दयरोग, चेस्ट रोग, चर्म रोग, न्यूरो सर्जन और फिजिशियन के साथ तमाम विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है।
ऐसे में मौजूद चिकित्सकों को एक दिन में ओपीडी में आने वाले 70 से 100 मरीजों का इलाज करना पड़ता है। इन समस्याओं की ओर शासन का ध्यान नहीं पड़ रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग के अफसर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के नाम पर अब टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी सुविधा एक जनवरी से लांच करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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सीएमओ टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी सुविधा के माध्यम से मरीजों का बेहतर इलाज करने का दावा कर रहे हैं। सीएमओ के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई की रिपोर्टिंग की जाएगी। यानी मरीज की हालत गंभीर होने पर चिकित्सक जांच कराएंगे। अगर रिपोर्ट डॉक्टर की समझ में नहीं आएगी तो वह स्मार्ट फोन के माध्यम से मरीज की रिपोर्ट को विशेषज्ञ के पास भेजेंगे। विशेषज्ञ जो सलाह देगा, उसके आधार पर इलाज किया जाएगा।
एक जनवरी से टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी सुविधा लांच होने की उम्मीद है। शासन के आदेश पर अब ग्रामीणांचल के मरीजों का टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी के जरिए इलाज किया जाएगा। इससे मरीजों का सीएचसी और पीएचसी पर ही इलाज हो जाएगा।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।
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जिले के सरकारी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। सीएचसी-पीएचसी तो दूर जिला व महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड तक की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सीएचसी अथवा पीएचसी में महज सर्दी-जुकाम और बुखार या फिर डायरिया से पीड़ित मरीज जाते हैं। जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है, उनके परिजन उन्हें लेकर किसी विशेषज्ञ के पास पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। दो फिजिशियन, दो बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही हुई है। ह्दयरोग, चेस्ट रोग, चर्म रोग, न्यूरो सर्जन और फिजिशियन के साथ तमाम विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है।
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ऐसे में मौजूद चिकित्सकों को एक दिन में ओपीडी में आने वाले 70 से 100 मरीजों का इलाज करना पड़ता है। इन समस्याओं की ओर शासन का ध्यान नहीं पड़ रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग के अफसर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के नाम पर अब टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी सुविधा एक जनवरी से लांच करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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सीएमओ टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी सुविधा के माध्यम से मरीजों का बेहतर इलाज करने का दावा कर रहे हैं। सीएमओ के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई की रिपोर्टिंग की जाएगी। यानी मरीज की हालत गंभीर होने पर चिकित्सक जांच कराएंगे। अगर रिपोर्ट डॉक्टर की समझ में नहीं आएगी तो वह स्मार्ट फोन के माध्यम से मरीज की रिपोर्ट को विशेषज्ञ के पास भेजेंगे। विशेषज्ञ जो सलाह देगा, उसके आधार पर इलाज किया जाएगा।
एक जनवरी से टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी सुविधा लांच होने की उम्मीद है। शासन के आदेश पर अब ग्रामीणांचल के मरीजों का टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी के जरिए इलाज किया जाएगा। इससे मरीजों का सीएचसी और पीएचसी पर ही इलाज हो जाएगा।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।