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ऑनर किलिंग : अजय और सर्वेश के बीच उलझी प्रीती की कहानी
Fri, 14 Feb 2020 01:00 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 14 Feb 2020 01:00 AM IST
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चाचा व पिता की पिटाई से मृत प्रीती वर्मा। फाइल फोटो
- फोटो : pratapgarh
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अंतू में आनर किलिंग की शिकार हुई प्रीती की कहानी इनामी बदमाश अजय पासी और सर्वेश सिंह के बीच उलझकर रह गई है। पुलिस ने इस घटना को गोलमाल खुलासा किया है। दावा किया गया कि प्रीती की हत्या उसके पिता और तीन चाचाओं ने मिलकर की और शव को जला दिया। इस घटना के साथ पुलिस ने एक और घटना को जोड़ दिया।
पुलिस ने दावा किया कि काबीना मंत्री मोती सिंह के रिश्तेदार सर्वेश सिंह को गोली मारने वाला 25 हजार का इनामी अजय पासी प्रीती से एकतरफा प्यार करता था। जिसे उसने खुद कबूला है। प्रीती के गायब होने के बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने पिता और चाचाओं के साथ सर्वेश सिंह भी गया था। जिससे उसे सर्वेश पर प्रीती को गायब करने का शक हुआ और उसने उसे गोली मारी।
यह कहानी गले नहीं उतर रही है। सवाल उठ रहा है कि अजय पासी को प्रीति से कब प्यार हो गया। वह अपने गांव राजापुर रैनिया में बहुत कम आती थी। परिवार के सभी लोग सूरत में रहते थे और प्रीती की पढ़ाई भी वहीं से हुई थी। उसके गांव से बदमाश अजय पासी का गांव भी 15 किमी से अधिक दूर है। उसके गांव में अजय की कोई रिश्तेदारी भी नहीं है।
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ग्रामीण भी कभी उसके गांव में नहीं देखे जाने की बात कह रहे हैं। पुलिस की कहानी में अभी और भी छेद हैं। अगर सर्वेश सिंह प्रीती के परिजनों के साथ थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने गया था तो अजय पासी को यह कैसा लगा कि उसने ही प्रीती को गायब किया है। आखिरकार ऐसा क्या है जो पुलिस छिपा रही है। इन दोनों घटनाओं का कनेक्शन एक साथ कैसे जोड़ दिया गया। फिर दोनों घटनाओं के आरोपी भी एक दिन ही पकड़ लिए गए।
सिंघनी में जलता रहा शव, किसी को नजर नहीं आया
पुलिस का दावा है कि प्रीती की हत्या के बाद पिता व उसके चाचा मिलकर शव को सई नदी के किनारे सिंघनी ले गए। वहां उसका शव जला दिया और राख नदी में फेंक दी। सवाल यह उठता है सिंघनी में आबादी भी है। करीब दो तीन घंटे तक शव जलता रहा और गर्मी के दिनों में भी किसी की नजर नहीं पड़ी। राजू व उसके भाइयों ने सफाई से प्रीती के शव को ठिकाने लगाकर साक्ष्य तक मिटा दिया। सिंघनी गांव के लोग भी इस तरह की घटना नहीं देखे हैं।
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पुलिस ने दावा किया कि काबीना मंत्री मोती सिंह के रिश्तेदार सर्वेश सिंह को गोली मारने वाला 25 हजार का इनामी अजय पासी प्रीती से एकतरफा प्यार करता था। जिसे उसने खुद कबूला है। प्रीती के गायब होने के बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने पिता और चाचाओं के साथ सर्वेश सिंह भी गया था। जिससे उसे सर्वेश पर प्रीती को गायब करने का शक हुआ और उसने उसे गोली मारी।
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यह कहानी गले नहीं उतर रही है। सवाल उठ रहा है कि अजय पासी को प्रीति से कब प्यार हो गया। वह अपने गांव राजापुर रैनिया में बहुत कम आती थी। परिवार के सभी लोग सूरत में रहते थे और प्रीती की पढ़ाई भी वहीं से हुई थी। उसके गांव से बदमाश अजय पासी का गांव भी 15 किमी से अधिक दूर है। उसके गांव में अजय की कोई रिश्तेदारी भी नहीं है।
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ग्रामीण भी कभी उसके गांव में नहीं देखे जाने की बात कह रहे हैं। पुलिस की कहानी में अभी और भी छेद हैं। अगर सर्वेश सिंह प्रीती के परिजनों के साथ थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने गया था तो अजय पासी को यह कैसा लगा कि उसने ही प्रीती को गायब किया है। आखिरकार ऐसा क्या है जो पुलिस छिपा रही है। इन दोनों घटनाओं का कनेक्शन एक साथ कैसे जोड़ दिया गया। फिर दोनों घटनाओं के आरोपी भी एक दिन ही पकड़ लिए गए।
सिंघनी में जलता रहा शव, किसी को नजर नहीं आया
पुलिस का दावा है कि प्रीती की हत्या के बाद पिता व उसके चाचा मिलकर शव को सई नदी के किनारे सिंघनी ले गए। वहां उसका शव जला दिया और राख नदी में फेंक दी। सवाल यह उठता है सिंघनी में आबादी भी है। करीब दो तीन घंटे तक शव जलता रहा और गर्मी के दिनों में भी किसी की नजर नहीं पड़ी। राजू व उसके भाइयों ने सफाई से प्रीती के शव को ठिकाने लगाकर साक्ष्य तक मिटा दिया। सिंघनी गांव के लोग भी इस तरह की घटना नहीं देखे हैं।