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Pratapgarh News: असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में हाईटेक सुरक्षा, संदिग्धों पर एसटीएफ का सर्विलांस
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शिक्षा सेवा चयन आयोग में कंट्रोल रूम में परीक्षा को लेकर तैयारियां करते आयोग के अधिकारी। स्वयं
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उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में सुरक्षा और पारदर्शिता के कई इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा की सुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग और परीक्षा केंद्र से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों से नो रिलेशन सर्टिफिकेट लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार सभी जिलों में एसटीएफ की टीमें सक्रिय हो चुकी हैं। परीक्षा से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के गतिविधियों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा है।
33 विषयों के 910 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोग ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। सभी केंद्रों पर एआई कैमरों से निगरानी की जा रही है।
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आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों, सदस्यों, केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों से उनके परिवार के किसी सदस्य परीक्षा के परीक्षा में शामिल नहीं होने की लिखित घोषणा करा ली है।
बने हैं प्रश्नपत्र के कई सेट
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए इस बार कई सेट में प्रश्न पत्र भेजे गए हैं। किस सेट से परीक्षा होगी, इसका चयन कंप्यूटरीकृत प्रोग्राम के जरिए अंतिम समय पर किया जाएगा। इतना ही नहीं, एक ही कक्ष में बैठे अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रश्नपत्र दिए जाएंगे। पूरे सिस्टम में रैंडमाइजेशन लागू किया गया है। जिससे एक ही परिवार, गांव या मोहल्ले के अभ्यर्थी एक साथ न बैठ सकें।
दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए शासन की गाइडलाइन के अनुसार विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ओएमआर से दर्ज होगी उपस्थिति
आयोग ने पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभ्यर्थियों की उपस्थिति ओएमआर शीट के माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। यह प्रयोग सफल होने पर इसे अन्य परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र का भ्रमण करेंगे डीएम एवं एसपी
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में डीएम और एसपी निगरानी टीम के साथ परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगे। आयोग के कंट्रोल रूम से शुक्रवार को सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का परीक्षण कर लिया गया है। साथ ही सघन अनुश्रवण की व्यवस्था भी की गई है।
आयोग ने तैनात किए छह प्रेक्षक
उपसचिव संजय सिंह ने बताया कि आयोग ने छह सदस्यों को प्रेक्षक के रूप में तैनात किया है। गोरखपुर में डाॅ. कृष्णचंद्र वर्मा, प्रयागराज में डाॅ. हरेंद्र कुमार राय, लखनऊ में योगेंद्र नाथ सिंह प्रेक्षक नामित किए गए हैं।
कोट:
प्रदेश के छह शहरों के 53 केंद्रों पर 18 और 19 अप्रैल को दो पालियों में परीक्षा होगी। जिन लोगों पर संदेह है, उनके मोबाइल नंबर एसटीएफ की निगरानी में है। इस बार किसी भी दागी संस्थान को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और पारदर्शी व्यवस्था के तहत कराई जाएगी।
प्रशांत कुमार
अध्यक्ष
उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग
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सूत्रों के अनुसार सभी जिलों में एसटीएफ की टीमें सक्रिय हो चुकी हैं। परीक्षा से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के गतिविधियों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा है।
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33 विषयों के 910 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोग ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। सभी केंद्रों पर एआई कैमरों से निगरानी की जा रही है।
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आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों, सदस्यों, केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों से उनके परिवार के किसी सदस्य परीक्षा के परीक्षा में शामिल नहीं होने की लिखित घोषणा करा ली है।
बने हैं प्रश्नपत्र के कई सेट
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए इस बार कई सेट में प्रश्न पत्र भेजे गए हैं। किस सेट से परीक्षा होगी, इसका चयन कंप्यूटरीकृत प्रोग्राम के जरिए अंतिम समय पर किया जाएगा। इतना ही नहीं, एक ही कक्ष में बैठे अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रश्नपत्र दिए जाएंगे। पूरे सिस्टम में रैंडमाइजेशन लागू किया गया है। जिससे एक ही परिवार, गांव या मोहल्ले के अभ्यर्थी एक साथ न बैठ सकें।
दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए शासन की गाइडलाइन के अनुसार विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ओएमआर से दर्ज होगी उपस्थिति
आयोग ने पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभ्यर्थियों की उपस्थिति ओएमआर शीट के माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। यह प्रयोग सफल होने पर इसे अन्य परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र का भ्रमण करेंगे डीएम एवं एसपी
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में डीएम और एसपी निगरानी टीम के साथ परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगे। आयोग के कंट्रोल रूम से शुक्रवार को सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का परीक्षण कर लिया गया है। साथ ही सघन अनुश्रवण की व्यवस्था भी की गई है।
आयोग ने तैनात किए छह प्रेक्षक
उपसचिव संजय सिंह ने बताया कि आयोग ने छह सदस्यों को प्रेक्षक के रूप में तैनात किया है। गोरखपुर में डाॅ. कृष्णचंद्र वर्मा, प्रयागराज में डाॅ. हरेंद्र कुमार राय, लखनऊ में योगेंद्र नाथ सिंह प्रेक्षक नामित किए गए हैं।
कोट:
प्रदेश के छह शहरों के 53 केंद्रों पर 18 और 19 अप्रैल को दो पालियों में परीक्षा होगी। जिन लोगों पर संदेह है, उनके मोबाइल नंबर एसटीएफ की निगरानी में है। इस बार किसी भी दागी संस्थान को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और पारदर्शी व्यवस्था के तहत कराई जाएगी।
प्रशांत कुमार
अध्यक्ष
उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग