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अधेड़ से ज्यादा युवा पथरी रोग की चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:11 PM IST
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जनपद में तेजी से पथरी की बीमारी पांव पसार रही है। इस बीमारी की चपेट में अधेड़ व वृद्ध से कहीं ज्यादा युवा पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो तीन माह के अंदर 30 वृद्ध, 90 अधेड़ व 176 युवक, युवतियों का ऑपरेशन करके पेट से पथरी निकाली गई है। इसके पीछे चिकित्सकों का मानना है कि बालूयुक्त पानी व गुटखा के अधिक सेवन से लोगों को पथरी हो रही है। अधिक पानी पीने वाले लोगों को पथरी होने का डर बहुत कम होता है।
शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। हैंडपंप बालू उगल रहा है। इन कारणों से डायरिया, हेपेटाइटिस, टाइफाइड की बीमारी का शिकार तो लोग हो ही रहे हैं वहीं पानी कम पीने या प्रदूषित पानी का सेवन करने से पेट में पथरी हो जा रही है। जिला अस्पताल में जनपद भर के मरीज आते हैं। जांच के बाद हरदिन 15 से 25 मरीज के पेट में पथरी की शिकायत मिलती है। जिला अस्पताल के तीन माह के आंकड़ों पर भरोसा करें तो 30 वृद्ध व वृद्धा, 90 अधेड़ व महिला, 176 युवक, युवतियों का ऑपरेशन हुआ है। जबकि 45 किशोर व किशोरी का ऑपरेशन करके पथरी निकाली गई है।
जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर बीपी सिंह की मानें तो ज्यादा दिनों तक पेट के अंदर पथरी की समस्या होने से उल्टी दस्त की समस्या शुरू हो जाती है। इससे गुर्दा भी फेल होने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने बताया कि पथरी होने का ज्यादा उम्मीद दूषित पानी पीने या फिर गुटखा तंबाकू खाने से होता है। उन्होंने बताया कि पानी बालू , रेत या फिर कंकड़ का टुकड़ा होने के बाद भी लोग समझ नहीं पाते हैं ओर बगैर पानी को छाने ही पी लेते हैं। कंकड़ पित की थैली या फिर गुर्दा के पास जा कर फंस जाता है। उसी पर मांस चढ़ने लगता है। इसके बाद पथरी होने लगती है।
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शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। हैंडपंप बालू उगल रहा है। इन कारणों से डायरिया, हेपेटाइटिस, टाइफाइड की बीमारी का शिकार तो लोग हो ही रहे हैं वहीं पानी कम पीने या प्रदूषित पानी का सेवन करने से पेट में पथरी हो जा रही है। जिला अस्पताल में जनपद भर के मरीज आते हैं। जांच के बाद हरदिन 15 से 25 मरीज के पेट में पथरी की शिकायत मिलती है। जिला अस्पताल के तीन माह के आंकड़ों पर भरोसा करें तो 30 वृद्ध व वृद्धा, 90 अधेड़ व महिला, 176 युवक, युवतियों का ऑपरेशन हुआ है। जबकि 45 किशोर व किशोरी का ऑपरेशन करके पथरी निकाली गई है।
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जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर बीपी सिंह की मानें तो ज्यादा दिनों तक पेट के अंदर पथरी की समस्या होने से उल्टी दस्त की समस्या शुरू हो जाती है। इससे गुर्दा भी फेल होने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने बताया कि पथरी होने का ज्यादा उम्मीद दूषित पानी पीने या फिर गुटखा तंबाकू खाने से होता है। उन्होंने बताया कि पानी बालू , रेत या फिर कंकड़ का टुकड़ा होने के बाद भी लोग समझ नहीं पाते हैं ओर बगैर पानी को छाने ही पी लेते हैं। कंकड़ पित की थैली या फिर गुर्दा के पास जा कर फंस जाता है। उसी पर मांस चढ़ने लगता है। इसके बाद पथरी होने लगती है।
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