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गांव में झमाझम, शहर में रिमझिम बरसात
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बुधवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश से रामलीला मैदान के सामने राजमार्ग की सडक़ पर भरा पानी।
- फोटो : PRATAPGARH
आसमान में डेरा जमाए बादल बुधवार भोर से ही बरसात कर लोगों को राहत दिया। दिनभर रिमझिम बरसात होती रही,जबकि गांवों में रुक-रुककर बारिश हुई। मगर बारिश से शहर में जगह-जगह जलजमाव व किचकिच से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 27.5 व न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। जिले में 19 मिमी बारिश हुई।
मंगलवार को देर रात आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया था। बुधवार भोर में बरसात शुरू हुई। गांवों में दिनभर रुक-रुक कर झमाझम बरसात होती रही। जबकि शहर में रिमझिम बारिश हुई। इससे गर्मी से लोगों को राहत मिल गई। बारिश से शहरियों को जलभराव की समस्या उठाना पड़ा। जगह-जगह जलभराव व किचकिच से लोग परेशान रहे।
शहर के दहिलामऊ, विवेकनगर, शिवपुरी, करनपुर, देवकली, बेगमवार्ड, अचलपुर सहित दर्जनों मोहल्लों में नाली चोक होने के कारण जगह-जगह जलभराव से आवागमन में दिक्कत हुई। लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कत हुई। सुबह 11 बजे से 12 बजे तक शहर में बारिश थोड़ी देर के लिए रूकी, मगर इसके बाद बादलों ने बरसात शुरू कर दी।
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स्कूली बच्चे छाते के सहारे घर रूख करते दिखे। दिनभर आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि 19.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। अधिकतम तापमान 27.5 व न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश से जगह-जगह जमींदोज हुए कच्चे मकान
गांवों में झमाझम बारिश से जगह- जगह रिहायशी मकान जमींदोज हो गए। गनीमत थी कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। लोगों की गृहस्थी दबकर नष्ट हो गई। मांधाता के कुल्हीपुर में दो दिन तक लगातार बारिश के चलते नघई पुत्र प्यारेलाल का मकान गिर गया। मलबे में दबकर घर की गृहस्थी नष्ट हो गई।
विश्वनाथगंज के कोहला गांव निवासी मकसूद अहमद का कच्चा मकान गुरूवार को बारिश से जमींदोज हो गया। घर की गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई। कोहड़ौर इलाके के पूरे बसई निवासी मंगल पुत्र हीरालाल का कच्चा मकान मंगलवार की रात जमींदोज हो गया। घर की पूरी गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई।
गांवों में झमाझम बरसात से खिल उठे किसानों के चेहरे
बुधवार को गांवों में झमाझम बारिश हुई। आसमान में डेरा जमाए बादलों ने दिनभर रुक-रुक कर बरसात करते रहे। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। यह बरसात धान की फसल के लिए संजीवनी है। कृषि विभाग के अनुसार पैदावार में भी वृद्धि होगी। जुलाई माह मेें रोपाई के बाद अच्छी बारिश नहीं हई। अगस्त माह में मौसम ने बिल्कुल साथ नहीं दिया।
महज सप्ताह भर बारिश हुई। किसानों को सिंचाई के लिए नहरों व पंपिंगसेटों का सहारा लेना पड़ा। धान की फसलों की सिंचाई की दरकार थी। भोर में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। जिला कृषि अधिकारी अश्वनी सिंह ने बताया कि फसलों के लिए यह बारिश बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे पैदावार अच्छी होगी।
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मंगलवार को देर रात आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया था। बुधवार भोर में बरसात शुरू हुई। गांवों में दिनभर रुक-रुक कर झमाझम बरसात होती रही। जबकि शहर में रिमझिम बारिश हुई। इससे गर्मी से लोगों को राहत मिल गई। बारिश से शहरियों को जलभराव की समस्या उठाना पड़ा। जगह-जगह जलभराव व किचकिच से लोग परेशान रहे।
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शहर के दहिलामऊ, विवेकनगर, शिवपुरी, करनपुर, देवकली, बेगमवार्ड, अचलपुर सहित दर्जनों मोहल्लों में नाली चोक होने के कारण जगह-जगह जलभराव से आवागमन में दिक्कत हुई। लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कत हुई। सुबह 11 बजे से 12 बजे तक शहर में बारिश थोड़ी देर के लिए रूकी, मगर इसके बाद बादलों ने बरसात शुरू कर दी।
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स्कूली बच्चे छाते के सहारे घर रूख करते दिखे। दिनभर आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि 19.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। अधिकतम तापमान 27.5 व न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश से जगह-जगह जमींदोज हुए कच्चे मकान
गांवों में झमाझम बारिश से जगह- जगह रिहायशी मकान जमींदोज हो गए। गनीमत थी कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। लोगों की गृहस्थी दबकर नष्ट हो गई। मांधाता के कुल्हीपुर में दो दिन तक लगातार बारिश के चलते नघई पुत्र प्यारेलाल का मकान गिर गया। मलबे में दबकर घर की गृहस्थी नष्ट हो गई।
विश्वनाथगंज के कोहला गांव निवासी मकसूद अहमद का कच्चा मकान गुरूवार को बारिश से जमींदोज हो गया। घर की गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई। कोहड़ौर इलाके के पूरे बसई निवासी मंगल पुत्र हीरालाल का कच्चा मकान मंगलवार की रात जमींदोज हो गया। घर की पूरी गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई।
गांवों में झमाझम बरसात से खिल उठे किसानों के चेहरे
बुधवार को गांवों में झमाझम बारिश हुई। आसमान में डेरा जमाए बादलों ने दिनभर रुक-रुक कर बरसात करते रहे। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। यह बरसात धान की फसल के लिए संजीवनी है। कृषि विभाग के अनुसार पैदावार में भी वृद्धि होगी। जुलाई माह मेें रोपाई के बाद अच्छी बारिश नहीं हई। अगस्त माह में मौसम ने बिल्कुल साथ नहीं दिया।
महज सप्ताह भर बारिश हुई। किसानों को सिंचाई के लिए नहरों व पंपिंगसेटों का सहारा लेना पड़ा। धान की फसलों की सिंचाई की दरकार थी। भोर में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। जिला कृषि अधिकारी अश्वनी सिंह ने बताया कि फसलों के लिए यह बारिश बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे पैदावार अच्छी होगी।

.बुधवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश से राजापाल चौराहे पर दुकानों के सामने भरा पानी।- फोटो : PRATAPGARH

बुधवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश से चौक घंटाघर के करीबलहाईवे के गड्ढों में भरा पानी।- फोटो : PRATAPGARH