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Pratapgarh News: अपनी नकदी के लिए लगाने पड़ रहे ग्रामीण बैंक के चक्कर
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सहालग शुरू होते ही बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की 97 शाखाओं में कैश की किल्लत हो गई है। लोग अपने ही पैसों के लिए बैंक का चक्कर लगाने के साथ दोहरी परेशानी से जूझ रहे हैं। एक ओर जहां पैसे न निकलने से लोग शादियों के लिए सामान नहीं खरीद पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों का स्कूलों में दाखिला भी अटक रहा है।
जिले में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की 97 शाखाओं में पहले प्रतिदिन बैंक की मुख्य शाखा को छह से आठ करोड़ रुपये कैश की आपूर्ति एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के करेंसी चेस्ट से की जाती थी।
पूर्व की तुलना में कैश की आपूर्ति घटकर तकरीबन तीन करोड़ रुपये हो गई है। जिससे लोग सहालग में परेशान दिख रहे हैं। कैश निकासी करने पहुंच रहे उपभोक्ता को कर्मचारी कैश की उपलब्धता न होने की जानकारी देकर लौटा रहे हैं।
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जिले में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की 97 शाखाओं में पहले प्रतिदिन बैंक की मुख्य शाखा को छह से आठ करोड़ रुपये कैश की आपूर्ति एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के करेंसी चेस्ट से की जाती थी।
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पूर्व की तुलना में कैश की आपूर्ति घटकर तकरीबन तीन करोड़ रुपये हो गई है। जिससे लोग सहालग में परेशान दिख रहे हैं। कैश निकासी करने पहुंच रहे उपभोक्ता को कर्मचारी कैश की उपलब्धता न होने की जानकारी देकर लौटा रहे हैं।
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