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Pratapgarh News: मोदी लहर में हरिवंश सिंह बन गए थे अद एस से सांसद
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वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़ सीट से मुंबई के दो उद्योगपति पहली बार चुनावी जंग में उतरे। दोनों के बीच दिलचस्प मुकाबला हुआ। पिता की विरासत संभाल रही रत्ना सिंह और सत्ता दल के प्रत्याशी को करारा झटका लगा। मुख्य मुकाबले में दोनों उद्योगपति ही आमने सामने रहे।
लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा व अपना दल एस के बीच गठबंधन हो गया। इसके बाद अपना दल का टिकट लेने के लिए भाजपा समेत दूसरे दलों के नेताओं ने दिल्ली और लखनऊ एक कर दिया। दिलचस्प बात यह रही कि नामांकन के दो दिन पहले अपना दल एस ने जौनपुर के रहने वाले व मुंबई के उद्योगपति हरिवंश सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। चूंकि हरिवंश सिंह की जिले में बहुत सी रिश्तेदारियां हैं। ऐसे में टिकट मिलने के बाद उन्हें कम दिनों के प्रचार का मौका मिला।
प्रयागराज के मऊआइमा के रहने वाले व मुंबई के उद्योगपति आसिफ सिद्दीकी को बसपा ने अपना प्रत्याशी बनाया। दोनों जिले के लिए नए थे। हालांकि उनकी रिश्तेदारियों के नाते ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। पहली बार लोकसभा के चुनावी रण में उतरे दोनों उद्योगपति जमकर प्रचार किए। बसपा प्रत्याशी के समर्थन में सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी रामलीला मैदान पर जनसभा को संबोधित करने पहुंचीं। जबकि अद प्रत्याशी हरिवंश के समर्थन में अनुप्रिया पटेल व भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने प्रचार कर मतदाताओं को साधा।
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नमो लहर के बीच अपना दल एस ने भी बेल्हा में इतिहास रच दिया। भाजपा समर्थित अद प्रत्याशी हरिवंश सिंह ने बसपा प्रत्याशी आसिफ सिद्दीकी को 1,68,222 मतों से हरा दिया। तीन बार सांसद रहीं कांग्रेस की रत्ना सिंह को 1,38,620 मतों पर संतोष करना पड़ा। सूबे की सत्तारूढ़ पार्टी सपा के प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिंह पटेल 1,20,107 मतों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए। आम आदमी पार्टी पार्टी प्रत्याशी अशोक कुमार शुक्ला 9983 मतों से पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा।
चार विधानसभा में बढ़त, रामपुर खास में पीछे हो गए थे हरिवंश
अपना दल के प्रत्याशी हरिवंश सिंह को रामपुर खास में छोड़कर सदर, विश्वनाथगंज, रानीगंज, पट्टी में बढ़त मिली। पांच विधानसभा में हरिवंश सिंह को 3,75,789 वोट मिले। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह को केवल रामपुर खास में ही बढ़त मिल सकी। यहां रत्ना सिंह को 87,595 मत मिला। जबकि अन्य चार विधानसभाओं में हार का सामना करना पड़ा।
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लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा व अपना दल एस के बीच गठबंधन हो गया। इसके बाद अपना दल का टिकट लेने के लिए भाजपा समेत दूसरे दलों के नेताओं ने दिल्ली और लखनऊ एक कर दिया। दिलचस्प बात यह रही कि नामांकन के दो दिन पहले अपना दल एस ने जौनपुर के रहने वाले व मुंबई के उद्योगपति हरिवंश सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। चूंकि हरिवंश सिंह की जिले में बहुत सी रिश्तेदारियां हैं। ऐसे में टिकट मिलने के बाद उन्हें कम दिनों के प्रचार का मौका मिला।
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प्रयागराज के मऊआइमा के रहने वाले व मुंबई के उद्योगपति आसिफ सिद्दीकी को बसपा ने अपना प्रत्याशी बनाया। दोनों जिले के लिए नए थे। हालांकि उनकी रिश्तेदारियों के नाते ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। पहली बार लोकसभा के चुनावी रण में उतरे दोनों उद्योगपति जमकर प्रचार किए। बसपा प्रत्याशी के समर्थन में सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी रामलीला मैदान पर जनसभा को संबोधित करने पहुंचीं। जबकि अद प्रत्याशी हरिवंश के समर्थन में अनुप्रिया पटेल व भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने प्रचार कर मतदाताओं को साधा।
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नमो लहर के बीच अपना दल एस ने भी बेल्हा में इतिहास रच दिया। भाजपा समर्थित अद प्रत्याशी हरिवंश सिंह ने बसपा प्रत्याशी आसिफ सिद्दीकी को 1,68,222 मतों से हरा दिया। तीन बार सांसद रहीं कांग्रेस की रत्ना सिंह को 1,38,620 मतों पर संतोष करना पड़ा। सूबे की सत्तारूढ़ पार्टी सपा के प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिंह पटेल 1,20,107 मतों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए। आम आदमी पार्टी पार्टी प्रत्याशी अशोक कुमार शुक्ला 9983 मतों से पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा।
चार विधानसभा में बढ़त, रामपुर खास में पीछे हो गए थे हरिवंश
अपना दल के प्रत्याशी हरिवंश सिंह को रामपुर खास में छोड़कर सदर, विश्वनाथगंज, रानीगंज, पट्टी में बढ़त मिली। पांच विधानसभा में हरिवंश सिंह को 3,75,789 वोट मिले। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह को केवल रामपुर खास में ही बढ़त मिल सकी। यहां रत्ना सिंह को 87,595 मत मिला। जबकि अन्य चार विधानसभाओं में हार का सामना करना पड़ा।