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खाना तो दूर, बोने को भी नहीं मौजूद

Wed, 02 Nov 2016 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Wed, 02 Nov 2016 11:55 PM IST
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धीरे-धीरे चना भी आम आदमी की पहुंच भी दूर हो गया है। चने पर भी महंगाई का असर है। खुले बाजार में चना 140 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं हालत यह हो गई है कि जिले में बुवाई के लिए भी चने के बीज का संकट खड़ा हो गया है। कृषि विभाग, पीसीएफ, एग्रो सहित किसी भी साधन सहकारी समिति पर चना का बीज नहीं मिल रहा है। प्राइवेट दुकानों पर दूने दाम पर बिकने वाले बीज पर किसानों को भरोसा नहीं है। बीज नहीं मिलने से इस वर्ष चना की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
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जिले में दलहनी फसलों में रबी के सीजन में चना की बुवाई सबसे अधिक होती है। मगर इस वर्ष किसानों को चने का बीज नहीं मिल पा रहा है। जिले के सरकारी बीज वितरण केंद्रों पर गेहूं का बीज तो मिल रहा है, मगर चना और मटर का बीज नदारद हैं। हालांकि मटर की बुवाई हो चुकी है, इसलिए अब किसान चना की बुवाई करने पर ही पूरा जोर दे रहे हैं। खुले बाजार में बिकने वाला चने के  बीज से किसानों का विश्वास उठ गया है। बीते वर्ष जिले में हुए नकली बीजों की बिक्री से जिले के किसान इस वर्ष सावधान हो गए हैं। पिछले वर्ष झटका खाने वाले किसान इस वर्ष सरकारी गोदामों पर ही चने का बीज खोज रहे हैं। मगर दुर्भाग्य है कि चने का बीज नहीं मिल रहा है। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि चने के बीज का संकट सिर्फ जिले में ही नहीं, अपितु पूरे प्रदेश में है। कृषि विभाग को वित्त विकास निगम बीज मुहैया कराता है। इस वर्ष निगम से 600 क्विंटल चना का बीज मांगा गया था, मगर सिर्फ 50 क्विंटल ही मुहैया कराया गया, जो गोदामों पर पहुंचते ही बिक गया।
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