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Pratapgarh News: फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीशियन की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पताल
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जिले में 85 सरकारी अस्पतालों में 29 सीएचसी और 56 पीएचसी है। सीएचसी और पीएचसी फार्मासिस्ट के साथ एक्सरे टेक्नीशियन की कमी से जूझ रहे हैं। इससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। मरीजों को जांच से लेकर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
जिले में संचालित 85 सीएचसी और पीएचसी में आने वाले मरीजों को दवा वितरण करने के लिए 151 फार्मासिस्ट और 14 चीफ फार्मासिस्ट का पद शासन ने सृजित किया है। लेकिन मौजूदा समय में इन सीएचसी और पीएचसी में 151 के सापेक्ष महज 112 फार्मासिस्ट तो 14 के सापेक्ष सात चीफ फार्मासिस्ट की तैनाती हुई है। ऐसे में 24 घंटे संचालित होने वाले बाबागंज सीएचसी में महज एक फार्मासिस्ट की तैनाती हुई है। इससे दवा वितरण की जिम्मेदारी अप्रशिक्षित के हाथ में दे दिया गया है। साल्हीपुर मंदाह सीएचसी में एक भी फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। यहां तैनात वार्डबॉय को मरहम पट्टी के साथ जहां झाड़ू तक लगाना पड़ता है वहीं डॉक्टर को मरीज का इलाज करने के साथ दवा भी वितरण करना पड़ता है। ठीक इसी तरह सीएचसी गड़वारा, पर्वतपुर और कहला में एक-एक फार्मासिस्ट की तैनाती हुई है। जबकि अस्पताल का संचालन 24 घंटे हो रहा है। सीएमओ ऑफिस के एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि 29 सीएचसी पर एक्सरे जांच मशीन तो है, लेकिन महज दो रेडियोलॉजिस्ट की ही तैनाती हुई है। ऐसे में मरीजों का एक्सरे जांच तक नहीं हो पा रहा है। मजबूरन मरीजों को प्राइवेट सेंटर पर जाना पड़ रहा है। मगर मरीजों की इस समस्या की ओर सीएमओ से लेकर शासन तक का ध्यान नहीं जा रहा है।
डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एक्सरे टेक्नीशियन की कमी है। इसके बावजूद अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जांच और इलाज हो रहा है। डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एक्सरे टेक्नीशियन की मांग शासन से की गई है।
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- एएन प्रसाद, सीएमओ।
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जिले में संचालित 85 सीएचसी और पीएचसी में आने वाले मरीजों को दवा वितरण करने के लिए 151 फार्मासिस्ट और 14 चीफ फार्मासिस्ट का पद शासन ने सृजित किया है। लेकिन मौजूदा समय में इन सीएचसी और पीएचसी में 151 के सापेक्ष महज 112 फार्मासिस्ट तो 14 के सापेक्ष सात चीफ फार्मासिस्ट की तैनाती हुई है। ऐसे में 24 घंटे संचालित होने वाले बाबागंज सीएचसी में महज एक फार्मासिस्ट की तैनाती हुई है। इससे दवा वितरण की जिम्मेदारी अप्रशिक्षित के हाथ में दे दिया गया है। साल्हीपुर मंदाह सीएचसी में एक भी फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। यहां तैनात वार्डबॉय को मरहम पट्टी के साथ जहां झाड़ू तक लगाना पड़ता है वहीं डॉक्टर को मरीज का इलाज करने के साथ दवा भी वितरण करना पड़ता है। ठीक इसी तरह सीएचसी गड़वारा, पर्वतपुर और कहला में एक-एक फार्मासिस्ट की तैनाती हुई है। जबकि अस्पताल का संचालन 24 घंटे हो रहा है। सीएमओ ऑफिस के एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि 29 सीएचसी पर एक्सरे जांच मशीन तो है, लेकिन महज दो रेडियोलॉजिस्ट की ही तैनाती हुई है। ऐसे में मरीजों का एक्सरे जांच तक नहीं हो पा रहा है। मजबूरन मरीजों को प्राइवेट सेंटर पर जाना पड़ रहा है। मगर मरीजों की इस समस्या की ओर सीएमओ से लेकर शासन तक का ध्यान नहीं जा रहा है।
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डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एक्सरे टेक्नीशियन की कमी है। इसके बावजूद अस्पतालों में आने वाले मरीजों की जांच और इलाज हो रहा है। डॉक्टर, फार्मासिस्ट और एक्सरे टेक्नीशियन की मांग शासन से की गई है।
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- एएन प्रसाद, सीएमओ।