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खत्म हुई 34 गांवों की सरकार
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सीमा विस्तार और नई नगर पंचायतों के अस्तित्व में आने के बाद शहरी हुए 34 गांवों में 30 जून के बाद प्रधानों की सरकार खत्म हो जाएगी। इन गांवों में अब सभी विकास कार्य नगर पालिका और नगर पंचायतों के जरिए कराए जाएंगे।
प्रदेश की योगी सरकार ने कई सालों से अटके सीमा विस्तार को 2019 के आखिरी माह में हरी झंडी दे दी थी। नगर पालिका की सीमा में 10 पूर्ण व 9 आंशिक गांवों को शामिल किया गया है। इनमें दहिलामऊ, करनपुर करमचंदा, जोगापुर, रूपापुर, सगरा, पूरे केशवराय समेत अन्य गांव शामिल हैं। शासन ने सीमा विस्तार में शामिल सभी गांवों को शहर में शामिल करते हुए एक अप्रैल से विकास कार्य नगर पालिका के जिम्मे कर दिया था। ऐसा ही जिले की नवसृजित नगर पंचायत कोहड़ौर, पृथ्वीगंज और सुवंसा का भी रहा।
इन नगर पंचायतों में प्रभारी ईओ के साथ ही एक लिपिक भी अटैच किए गए हैं। नवसृजित नगर पंचायत के साथ ही नगर पालिका में शामिल गांवों में अप्रैल से विकास कार्य कराए जाने थे, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए शासन ने 30 जून तक इसे स्थगित कर दिया था। ऐसी दशा में अब 30 जून को 34 गांव के प्रधानों की सरकार समाप्त हो जाएगी। इन गांवों में विकास कार्य नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारी की देखरेख में होगा। इसके लिए नवसृजित नगर पंचायत के साथ ही नगर पालिका परिषद बेल्हा में कवायद तेज हो गई है।
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विकास में बाधा ने बन जाए सरकारी मदद
नगर पालिका व नगर पंचायतों में 34 गांवों को शामिल किया गया है। अभी तक शासन की ओर से इन गांवों के विकास के लिए नगर पालिका को अतिरिक्त ग्रांट नहीं मिली है। जबकि जिला पंचायत से विकास के लिए भेजी जाने वाली धनराशि भी रोकी जा चुकी है। नवसृजित नगर पंचायतों में भी सरकार की ओर से कोई राज्य वित्त या 15वें वित्त की धनराशि नहीं आई है। ऐसे में सरकार की ओर से नगर पंचायतों में शामिल गांवों को सुविधाएं कैसे उपलब्ध कराई जा सकेंगी। नवसृजित नगर पंचायतों के साथ ही नगर पालिका को सरकार की ओर से मिलने वाली ग्रांट का बेसब्री से इंतजार है।
नगर पालिका में सीमा विस्तार के बाद शामिल गांवों को लेकर शासन का आदेश 30 जून को समाप्त हो रहा है। कोई नया आदेश नहीं आया है। ऐसे में शहर में शामिल गांवों के विकास की कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। ताकि शामिल गांवों का विकास कराया जा सके।
मुदित सिंह, ईओ नगर पालिका
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नगर पालिका व नगर पंचायतों में शामिल 34 गांवों में विकास कार्य प्रधानों के जिम्मे करने के लिए शासन से पत्र भेजा गया था। शासन से अब कोई नया आदेश नहीं आया है। ऐसे में नगर पालिका व नगर पंचायतों में शामिल गांव अब शहरी क्षेत्र के अधीन होंगे। वहां के विकास का खाका नगरीय निकाय विभाग कराएगा।
रविशंकर द्विवेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी
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प्रदेश की योगी सरकार ने कई सालों से अटके सीमा विस्तार को 2019 के आखिरी माह में हरी झंडी दे दी थी। नगर पालिका की सीमा में 10 पूर्ण व 9 आंशिक गांवों को शामिल किया गया है। इनमें दहिलामऊ, करनपुर करमचंदा, जोगापुर, रूपापुर, सगरा, पूरे केशवराय समेत अन्य गांव शामिल हैं। शासन ने सीमा विस्तार में शामिल सभी गांवों को शहर में शामिल करते हुए एक अप्रैल से विकास कार्य नगर पालिका के जिम्मे कर दिया था। ऐसा ही जिले की नवसृजित नगर पंचायत कोहड़ौर, पृथ्वीगंज और सुवंसा का भी रहा।
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इन नगर पंचायतों में प्रभारी ईओ के साथ ही एक लिपिक भी अटैच किए गए हैं। नवसृजित नगर पंचायत के साथ ही नगर पालिका में शामिल गांवों में अप्रैल से विकास कार्य कराए जाने थे, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए शासन ने 30 जून तक इसे स्थगित कर दिया था। ऐसी दशा में अब 30 जून को 34 गांव के प्रधानों की सरकार समाप्त हो जाएगी। इन गांवों में विकास कार्य नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारी की देखरेख में होगा। इसके लिए नवसृजित नगर पंचायत के साथ ही नगर पालिका परिषद बेल्हा में कवायद तेज हो गई है।
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विकास में बाधा ने बन जाए सरकारी मदद
नगर पालिका व नगर पंचायतों में 34 गांवों को शामिल किया गया है। अभी तक शासन की ओर से इन गांवों के विकास के लिए नगर पालिका को अतिरिक्त ग्रांट नहीं मिली है। जबकि जिला पंचायत से विकास के लिए भेजी जाने वाली धनराशि भी रोकी जा चुकी है। नवसृजित नगर पंचायतों में भी सरकार की ओर से कोई राज्य वित्त या 15वें वित्त की धनराशि नहीं आई है। ऐसे में सरकार की ओर से नगर पंचायतों में शामिल गांवों को सुविधाएं कैसे उपलब्ध कराई जा सकेंगी। नवसृजित नगर पंचायतों के साथ ही नगर पालिका को सरकार की ओर से मिलने वाली ग्रांट का बेसब्री से इंतजार है।
नगर पालिका में सीमा विस्तार के बाद शामिल गांवों को लेकर शासन का आदेश 30 जून को समाप्त हो रहा है। कोई नया आदेश नहीं आया है। ऐसे में शहर में शामिल गांवों के विकास की कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। ताकि शामिल गांवों का विकास कराया जा सके।
मुदित सिंह, ईओ नगर पालिका
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नगर पालिका व नगर पंचायतों में शामिल 34 गांवों में विकास कार्य प्रधानों के जिम्मे करने के लिए शासन से पत्र भेजा गया था। शासन से अब कोई नया आदेश नहीं आया है। ऐसे में नगर पालिका व नगर पंचायतों में शामिल गांव अब शहरी क्षेत्र के अधीन होंगे। वहां के विकास का खाका नगरीय निकाय विभाग कराएगा।
रविशंकर द्विवेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी