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बदले-बदले नजर आएंगे परिषदीय स्कूल
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:15 AM IST
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प्राथमिक विद्यालय
- फोटो : Getty
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वर्षों से बदहाल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूरत बदलने वाली है। जल्द ही ये स्कूल नए रंगरूप में नजर आएंगे। जिले में चालू शिक्षासत्र में नए प्राइमरी और मिडिल स्कूल नहीं खोल जाएंगे। पुराने विद्यालयों के भवनों के सुदृढ़ीकरण और रंगाई-पुताई पर अधिक जोर दिया जाएगा। अगर किसी विद्यालय में बच्चों की संख्या अधिक है तो वहां अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। स्कूलों को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष हिदायत दी गई है।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और हेडमास्टरों को साफ-सफाई और रंगाई-पुताई करने का निर्देश दिया गया है। क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी के तहत जिले के सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का कायाकल्प करने का फैसला लिया है। पुरानी बिल्डिंग के सुदृढ़ीकरण के लिए विभाग धनराशि देगा। चालू शिक्षासत्र में कोई नया विद्यालय नहीं खोल जाएगा।
दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग ने एक किमी की दूरी पर प्राइमरी स्कूल और दो किमी की दूरी पर पूर्व माध्यमिक स्कूल (मिडिल) खोलने का निर्णय लिया था। बीते वर्ष हुए सर्वे में 13 प्राइमरी और 10 मिडिल स्कूल खोलने के लिए स्थल का चयन किया गया, मगर शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इस वर्ष किसी नए स्कूल की स्थापना नहीं की जाएगी। जबकि स्कूलों की रंगाई-पुताई कर लुक बदलने के लिए सभी स्कूलों को जल्द धनराशि भेजने की तैयारी की जा रही है।जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के भवनों को पेंट से रंगरोगन होने के बाद प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, बीएसए, एसडीएम, तहसीलदार सहित सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर लिखे होंगे। बच्चों को प्रतिदिन मिलने वाले भोजन, फल और दूध का विवरण भी अंकित रहेगा।
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प्रतापगढ़। वर्षों से बदहाल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूरत बदलने वाली है। जल्द ही ये स्कूल नए रंगरूप में नजर आएंगे। जिले में चालू शिक्षासत्र में नए प्राइमरी और मिडिल स्कूल नहीं खोल जाएंगे। पुराने विद्यालयों के भवनों के सुदृढ़ीकरण और रंगाई-पुताई पर अधिक जोर दिया जाएगा। अगर किसी विद्यालय में बच्चों की संख्या अधिक है तो वहां अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। स्कूलों को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष हिदायत दी गई है।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और हेडमास्टरों को साफ-सफाई और रंगाई-पुताई करने का निर्देश दिया गया है। क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी के तहत जिले के सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का कायाकल्प करने का फैसला लिया है। पुरानी बिल्डिंग के सुदृढ़ीकरण के लिए विभाग धनराशि देगा। चालू शिक्षासत्र में कोई नया विद्यालय नहीं खोल जाएगा।
दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग ने एक किमी की दूरी पर प्राइमरी स्कूल और दो किमी की दूरी पर पूर्व माध्यमिक स्कूल (मिडिल) खोलने का निर्णय लिया था। बीते वर्ष हुए सर्वे में 13 प्राइमरी और 10 मिडिल स्कूल खोलने के लिए स्थल का चयन किया गया, मगर शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इस वर्ष किसी नए स्कूल की स्थापना नहीं की जाएगी। जबकि स्कूलों की रंगाई-पुताई कर लुक बदलने के लिए सभी स्कूलों को जल्द धनराशि भेजने की तैयारी की जा रही है।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के भवनों को पेंट से रंगरोगन होने के बाद प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, बीएसए, एसडीएम, तहसीलदार सहित सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर लिखे होंगे। बच्चों को प्रतिदिन मिलने वाले भोजन, फल और दूध का विवरण भी अंकित रहेगा। स्कूल भवन बनाने के लिए इस वर्ष बजट नहीं मिला है। पुराने भवनों का कायाकल्प करने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारी और हेडमास्टरों को निर्देश जारी किया गया है। अजय कुमार सिंह, बीएसए का कहना है कि स्कूल भवन बनाने के लिए इस वर्ष बजट नहीं मिला है। पुराने भवनों का कायाकल्प क रने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारी और हेडमास्टरों को निर्देश जारी किया गया है।
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जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और हेडमास्टरों को साफ-सफाई और रंगाई-पुताई करने का निर्देश दिया गया है। क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी के तहत जिले के सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का कायाकल्प करने का फैसला लिया है। पुरानी बिल्डिंग के सुदृढ़ीकरण के लिए विभाग धनराशि देगा। चालू शिक्षासत्र में कोई नया विद्यालय नहीं खोल जाएगा।
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दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग ने एक किमी की दूरी पर प्राइमरी स्कूल और दो किमी की दूरी पर पूर्व माध्यमिक स्कूल (मिडिल) खोलने का निर्णय लिया था। बीते वर्ष हुए सर्वे में 13 प्राइमरी और 10 मिडिल स्कूल खोलने के लिए स्थल का चयन किया गया, मगर शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इस वर्ष किसी नए स्कूल की स्थापना नहीं की जाएगी। जबकि स्कूलों की रंगाई-पुताई कर लुक बदलने के लिए सभी स्कूलों को जल्द धनराशि भेजने की तैयारी की जा रही है।जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के भवनों को पेंट से रंगरोगन होने के बाद प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, बीएसए, एसडीएम, तहसीलदार सहित सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर लिखे होंगे। बच्चों को प्रतिदिन मिलने वाले भोजन, फल और दूध का विवरण भी अंकित रहेगा।
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प्रतापगढ़। वर्षों से बदहाल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूरत बदलने वाली है। जल्द ही ये स्कूल नए रंगरूप में नजर आएंगे। जिले में चालू शिक्षासत्र में नए प्राइमरी और मिडिल स्कूल नहीं खोल जाएंगे। पुराने विद्यालयों के भवनों के सुदृढ़ीकरण और रंगाई-पुताई पर अधिक जोर दिया जाएगा। अगर किसी विद्यालय में बच्चों की संख्या अधिक है तो वहां अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। स्कूलों को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष हिदायत दी गई है।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और हेडमास्टरों को साफ-सफाई और रंगाई-पुताई करने का निर्देश दिया गया है। क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी के तहत जिले के सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का कायाकल्प करने का फैसला लिया है। पुरानी बिल्डिंग के सुदृढ़ीकरण के लिए विभाग धनराशि देगा। चालू शिक्षासत्र में कोई नया विद्यालय नहीं खोल जाएगा।
दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग ने एक किमी की दूरी पर प्राइमरी स्कूल और दो किमी की दूरी पर पूर्व माध्यमिक स्कूल (मिडिल) खोलने का निर्णय लिया था। बीते वर्ष हुए सर्वे में 13 प्राइमरी और 10 मिडिल स्कूल खोलने के लिए स्थल का चयन किया गया, मगर शासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इस वर्ष किसी नए स्कूल की स्थापना नहीं की जाएगी। जबकि स्कूलों की रंगाई-पुताई कर लुक बदलने के लिए सभी स्कूलों को जल्द धनराशि भेजने की तैयारी की जा रही है।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के भवनों को पेंट से रंगरोगन होने के बाद प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, बीएसए, एसडीएम, तहसीलदार सहित सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर लिखे होंगे। बच्चों को प्रतिदिन मिलने वाले भोजन, फल और दूध का विवरण भी अंकित रहेगा। स्कूल भवन बनाने के लिए इस वर्ष बजट नहीं मिला है। पुराने भवनों का कायाकल्प करने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारी और हेडमास्टरों को निर्देश जारी किया गया है। अजय कुमार सिंह, बीएसए का कहना है कि स्कूल भवन बनाने के लिए इस वर्ष बजट नहीं मिला है। पुराने भवनों का कायाकल्प क रने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारी और हेडमास्टरों को निर्देश जारी किया गया है।