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Pratapgarh News: कलश विसर्जन के दौरान बालिका डूबी, मौत
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क्षेत्र के पूरे पांडेय कमोरा में सई नदी में बृहस्पतिवार को कलश विसर्जन के दौरान 11 वर्षीय आयुषी डूब गई। उसका शव दूसरे दिन पुल के पास मिला। शव देखते ही परिजन रोने बिलखने लगे। दो दिन से सई नदी के तट पर ग्रामीणों का जमघट लगा रहा।
लीलापुर थाना क्षेत्र के पूरे पांडेय कमोरा निवासी विष्णु मिश्रा की 11 वर्षीय पुत्री आयुषी उर्फ गौरी बृहस्पतिवार की सुबह अपनी मां सुषमा देवी, दादी आशा देवी, भाई अंकुश मिश्रा, चचेरे भाई यश मिश्रा के साथ सई नदी में कलश विसर्जन करने गई थी। कलश विसर्जन करने के दौरान सभी स्नान करने लगे।
नदी में पानी का बहाव अधिक हाेने के कारण अचानक आयुषी गहरे पानी में चली गई। उसे डूबता देख भाई अंकुश बचाने की कोशिश करने लगा। वह भी डूबने लगा तो यश ने शोर मचा दिया। तभी बेटे और बेटी को बचाने के लिए सुषमा व दादी आशा आगे बढ़ीं। वे भी गहरे पानी में समा गईं। इस बीच शोर सुनकर बाबा बुधराम मिश्रा ग्रामीणों के साथ पहुंचे। लोगों ने किसी तरह डूब रहे अंकुश, आशा देवी व सुषमा देवी को बचा लिया लेकिन आयुषी का कुछ पता नहीं चला।
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सूचना मिलने पर लीलापुर थानाध्यक्ष मनोज पांडेय पहुंचे। स्थानीय गोताखोर आयुषी की तलाश में नाकाम हो गए। जिसके बाद प्रयागराज से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। दोपहर बाद टीम खोजबीन करने लगी लेकिन अंधेरा होने तक पता नहीं चला। शुक्रवार को भी बारिश के बीच टीम खोजबीन करती रही। शाम करीब साढ़े चार बजे कमोरा पुल के पास आयुषी का शव मिल गया।
पिता विष्णु मिश्रा दिल्ली स्थित प्राइवेट कंपनी में खिड़की दरवाजे का काम करते हैं। खबर मिलने पर वह भी देर शाम घर पहुंच गए। आयुषी दो भाइयों में मझली थी। वह हर्षित एकेडमी लखापुर तेजगढ़ में कक्षा चार की छात्रा थी।
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लीलापुर थाना क्षेत्र के पूरे पांडेय कमोरा निवासी विष्णु मिश्रा की 11 वर्षीय पुत्री आयुषी उर्फ गौरी बृहस्पतिवार की सुबह अपनी मां सुषमा देवी, दादी आशा देवी, भाई अंकुश मिश्रा, चचेरे भाई यश मिश्रा के साथ सई नदी में कलश विसर्जन करने गई थी। कलश विसर्जन करने के दौरान सभी स्नान करने लगे।
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नदी में पानी का बहाव अधिक हाेने के कारण अचानक आयुषी गहरे पानी में चली गई। उसे डूबता देख भाई अंकुश बचाने की कोशिश करने लगा। वह भी डूबने लगा तो यश ने शोर मचा दिया। तभी बेटे और बेटी को बचाने के लिए सुषमा व दादी आशा आगे बढ़ीं। वे भी गहरे पानी में समा गईं। इस बीच शोर सुनकर बाबा बुधराम मिश्रा ग्रामीणों के साथ पहुंचे। लोगों ने किसी तरह डूब रहे अंकुश, आशा देवी व सुषमा देवी को बचा लिया लेकिन आयुषी का कुछ पता नहीं चला।
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सूचना मिलने पर लीलापुर थानाध्यक्ष मनोज पांडेय पहुंचे। स्थानीय गोताखोर आयुषी की तलाश में नाकाम हो गए। जिसके बाद प्रयागराज से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। दोपहर बाद टीम खोजबीन करने लगी लेकिन अंधेरा होने तक पता नहीं चला। शुक्रवार को भी बारिश के बीच टीम खोजबीन करती रही। शाम करीब साढ़े चार बजे कमोरा पुल के पास आयुषी का शव मिल गया।
पिता विष्णु मिश्रा दिल्ली स्थित प्राइवेट कंपनी में खिड़की दरवाजे का काम करते हैं। खबर मिलने पर वह भी देर शाम घर पहुंच गए। आयुषी दो भाइयों में मझली थी। वह हर्षित एकेडमी लखापुर तेजगढ़ में कक्षा चार की छात्रा थी।